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-राजेश मिश्र
लखनऊ: प्रदेश में योगी सरकार (Yogi Government) की पहली कैबिनेट बैठक (First Cabinet Meeting) के साथ ही चुनावी वादों (Election Promises ) को अमली जामा पहनाया जाने लगेगा। प्रदेश सरकार के मंत्रिपरिषद की पहली ही बैठक में जनता से किए गए कुछ लोक लुभावन वादे पूरे कर दिए जाएंगे। होली (Holi) के तुरंत बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Chief Minister Yogi Adityanath) सहित मंत्रिमंडल के अन्य मंत्रियों के शपथग्रहण के साथ ही उत्तर प्रदेश की नई सरकार कुछ वादों को पूरा करने के लिए एलान करेगी।
इनमें से प्रदेश के गरीबों को मिल रहे मुफ्त राशन को आगे के लिए जारी करने के साथ ही होली और दीवाली पर दो गैस के सिलेंडर देना शामिल होगा। प्रदेश के खाद्य और रसद विभाग ने मुफ्त गैस के सिलेंडर देने संबंधी प्रस्ताव भी तैयार कर लिया है। इस योजना पर सालाना 3,100 करोड़ रुपए खर्च होंगे। योजना के तहत प्रदेश में 1.67 करोड़ परिवारों को मुफ्त साल में दो गैस के सिलेंडर दिए जाएंगे। होली के बाद होने वाली योगी मंत्रिपरिषद की पहली ही बैठक में उक्त प्रस्ताव को मंजूरी दे दी जाएगी। मंत्रिपरिषद की पहली ही बैठक में मुफ्त राशन की योजना को जारी रखने का प्रस्ताव भी रखा जाएगा।
माना जा रहा है कि योगी सरकार 2024 में होने वाले लोकसभा चुनाव तक प्रदेश के 15 करोड़ लोगों को मुफ्त राशन देने की योजना बना रही है। हालांकि इसका चरणवार एलान किया जाएगा। योगी सरकार ने विधानसभा चुनाव से पहले यह कहा था कि मुफ्त राशन वितरण योजना मार्च तक चलेगी। हालांकि विधानसभा चुनाव में मुफ्त राशन वितरण योजना से मिलने वाले फायदे को देखते हुए योगी सरकार ने इस योजना को लोकसभा चुनाव तक जारी रखने का फैसला किया है ताकि लोकसभा चुनाव में भी इसका फायदा उठाया जा सके। खाद्य और रसद विभाग ने मुफ्त राशन वितरण योजना का प्रस्ताव सरकार के पास भेज भी दिया है।
मुफ्त अनाज वितरण योजना में यूपी सरकार अन्त्योदय कार्ड धारकों को 35 किलो अनाज, एक लीटर तेल, एक किलो चना और एक किलो नमक मुफ्त दिया जाता है। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में बीजेपी को विजय के रास्ते पर ले जाने में इसी योजना का सबसे बड़ा योगदान था। गौरतलब है कि कोरोना महामारी के बाद जब लोगों की आमदनी के साधन बंद हो गए तो सरकार ने मुफ्त राशन की योजना शुरू की थी। मुफ्त राशन वितरण योजना के तहत प्रदेश में करीब 15 करोड़ लाभार्थी हैं। इस योजना को पहले नवम्बर 2021 तक बनाया गया था, लेकिन विधानसभा चुनाव के मद्देनज़र इसे मार्च 22 तक बढ़ा दिया गया था।