- Hindi News »
- Sports »
- Paris Parlympic Praveen Kumar Did Not Want To Regret This Time For Medal
पैरालंपिक में राष्ट्रगान बजने का किया 3 साल इंतजार, प्रवीण कुमार ने कोच सत्यपाल को दी गुरु दक्षिणा
पेरिस पैरालंपिक में पुरुषों की ऊंची कूद में स्वर्ण पदक जीतने के बाद, भारतीय पैरा एथलीट प्रवीण कुमार ने कहा कि वह इस बार स्वर्ण जीतने के लिए दृढ़ संकल्पित थे और भारत वापस जाते समय "पछताना" नहीं चाहते थे। उन्होंने पेरिस पैरालंपिक में अपने इस स्वर्ण से अपने कोच सत्यपाल को गुरू दक्षीणा भी दी।
- Written By: प्रिया जैस

प्रवीण कुमार (सौजन्य- एक्स @ani_digital)
पेरिस: अपने टोक्यो पैरालंपिक से सीख लेकर प्रवीण कुमार ने इस बार कोई मौका नहीं चुका और भारत के लिए स्वर्ण पदक जीत कर इतिहास रच दिया। पेरिस पैरालंपिक में पुरुषों की ऊंची कूद में स्वर्ण पदक जीतने के बाद, भारतीय पैरा एथलीट प्रवीण कुमार ने कहा कि वह इस बार स्वर्ण जीतने के लिए दृढ़ संकल्पित थे और भारत वापस जाते समय “पछताना” नहीं चाहते थे।
प्रवीण कुमार ने शुक्रवार को चल रहे पेरिस पैरालंपिक में पुरुषों की ऊंची कूद टी64 फाइनल में देश के लिए स्वर्ण पदक हासिल किया। पदक राउंड में, प्रवीण ने 2.08 मीटर की रिकॉर्ड तोड़ छलांग लगाई। इस छलांग के साथ, उन्होंने एक नया एशियाई रिकॉर्ड स्थापित किया है।
तीन साल किया इंतजार
पदक जीतने के बाद एएनआई से बात करते हुए, प्रवीण ने पदक जीतने और पोडियम पर राष्ट्रगान बजने के बारे में अपनी भावनाएं व्यक्त कीं। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें इसकी उम्मीद नहीं थी, बल्कि वह अपनी व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ छलांग लगाना चाहते थे।
सम्बंधित ख़बरें
Natural Skincare: घर पर सिर्फ 10 रुपए में बनाएं Vitamin C सीरम, पार्लर जैसा ग्लो देख हर कोई पूछेगा राज!
Mumbai में ‘मुन्ना भाई’ स्टाइल में चल रहे फर्जी क्लिनिक का पर्दाफाश, मरीजों की जान से खेल रहे थे आरोपी
सभापति चुनाव से पहले सियासी घमासान, व्हिप को लेकर आरोप-प्रत्यारोप; डोणगांवकर-दानवे आमने-सामने
SC Sub-Classification: महाराष्ट्र में ‘कोटे के अंदर कोटा’ की हलचल, महायुति सरकार का बड़ा मास्टरस्ट्रोक!
#WATCH पेरिस पैरालिम्पिक्स के पुरुषों की ऊंची कूद-टी64 फाइनल स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतने पर प्रवीण कुमार ने कहा, "अपनी खुशी को व्यक्त करने के लिए मेरे पास शब्द नहीं हैं… मैं यह जीत अपनी टीम, अपने देश और अपने माता-पिता को समर्पित करना चाहता हूं… मैं पिछले तीन वर्षों से इस पल… pic.twitter.com/D5AldSs0lX — ANI_HindiNews (@AHindinews) September 6, 2024
प्रवीण ने कहा, “मैंने कभी नहीं सोचा था कि ऐसा होगा। मैं बस अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना चाहता था। मैं अपनी खुशी शब्दों में बयां नहीं कर सकता। मेरे सर ने मुझे अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने के लिए कहा। मैंने इस पल (राष्ट्रगान बजने का) का तीन साल तक इंतजार किया। मैं इसे कभी नहीं भूल सकता। मैं इस बार पछताना नहीं चाहता था, मैं इस बार स्वर्ण पदक जीतना चाहता था, अन्यथा मैं सर्वश्रेष्ठ तरीके से भारत नहीं जा पाता।”
प्रधानमंत्री से बात कर प्रेरणा बढ़ी
प्रवीण ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बात करने से पदक जीतने की प्रेरणा भी दोगुनी हो जाती है। पैरालंपिक 2024 के लिए भारत के शेफ डे मिशन, पैरालंपिक कमेटी ऑफ इंडिया (पीसीआई) के उपाध्यक्ष सत्य प्रकाश सांगवान भी राष्ट्रगान बजते ही भावुक हो गए।
उन्होंने एएनआई से कहा, “मुझे अच्छा लगा, जब राष्ट्रगान बजा, तो मेरी आंखों में आंसू आ गए। हमने 25 पदक पूरे कर लिए हैं। हमें उन पर गर्व है। मेरी आंतरिक भावना है कि हमें 28 पदक मिलेंगे। यह मेरे लिए एक ऐतिहासिक क्षण है। भगवान ने मुझे आशीर्वाद दिया है। मुझे इन एथलीटों पर गर्व है, जिन्होंने हमारे सपनों को पूरा किया।”
यह भी पढ़ें- इंग्लैंड के तेज गेंदबाज मार्क वुड साल भर के लिए क्रिकेट से बाहर
अध्यक्ष देवेंद्र झाझरिया ने की प्रशंसा
पीसीआई के अध्यक्ष देवेंद्र झाझरिया ने बताया कि कैसे प्रवीण की छलांग और साथ ही उनके “जुनून, कड़ी मेहनत और अनुशासन” ने खेल विज्ञान को चुनौती दी और उन्हें स्वर्ण पदक दिलाया।
CORRECTION | 2024 Paris Paralympics | On Praveen Kumar winning a Gold medal in the Men's High Jump -T64 final event, "Paralympic Committee of India President Devendra Jhajharia says, "Praveen Kumar has created a history today…His hard work and discipline have paid off… — ANI (@ANI) September 7, 2024
देवेंद्र झाझरिया ने कहा, “प्रवीण ने इतिहास रच दिया है। खेल विज्ञान के अनुसार 2.08 मीटर की छलांग के लिए 6 फीट की ऊंचाई की आवश्यकता होती है। लेकिन प्रवीण 5 फीट 6 इंच लंबे हैं। लेकिन उनके जुनून, मेहनत और अनुशासन ने विज्ञान को चुनौती दी है। यह छलांग नहीं थी, बल्कि देश के लिए एक बड़ी छलांग थी। मैं इसके लिए उनके कोच को धन्यवाद देना चाहता हूं। यह छठा स्वर्ण पदक ऐतिहासिक है। हमारा लक्ष्य 25 पदक था। मुझसे पूछा गया कि क्या मैं अति आत्मविश्वासी हूं। लेकिन हमारा सपना पूरा हो गया।”
कोच सत्यपाल को मिली गुरु दक्षिणा
प्रवीण के कोच सत्यपाल ने भी कहा, “यह वाकई बहुत अच्छा लग रहा है। एक कोच के लिए अपने शिष्य को सबसे बड़े मंच पर पदक जीतते देखना सबसे अच्छा पल नहीं हो सकता। इससे बड़ी “गुरु दक्षिणा” कुछ नहीं हो सकती।”
होकाटे सेमा ने जीता कांस्य
भारतीय पैरा-एथलीट होकाटो होटोझे सेमा ने शनिवार को चल रहे पेरिस पैरालंपिक में पुरुषों की शॉट पुट एफ57 स्पर्धा के फाइनल में देश के लिए कांस्य पदक हासिल किया। पदक मैच में होकाटो ने 14.65 मीटर का सर्वश्रेष्ठ थ्रो दर्ज किया, जो अब उनका व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ भी है। ईरान के याशिन खोसरावी ने 15.96 मीटर की थ्रो के साथ शीर्ष स्थान और स्वर्ण पदक हासिल किया, जबकि ब्राजील के थियागो पॉलिनो डॉस सैंटोस ने 15.06 मीटर की थ्रो के साथ रजत पदक जीता।
यह भी पढ़ें- कांग्रेस से जुड़ते ही बजरंग पुनिया को मिल गई खास जिम्मेदारी
इन पदकों के साथ, चल रहे पैरालंपिक में भारत के पदकों की संख्या 27 हो गई है, जिसमें छह स्वर्ण पदक, नौ रजत पदक और 12 कांस्य पदक शामिल हैं। यह टोक्यो 2020 में जीते गए कुल पाँच स्वर्ण पदकों से अधिक है, जो पैरालंपिक खेलों के आयोजन में भारत द्वारा जीता गया अब तक का सबसे अधिक स्वर्ण है।
पैरा एथलीटों ने किया गौरवान्वित
विशेष रूप से भारतीय पैरा-एथलीटों ने तीन स्वर्ण, छह रजत और छह कांस्य पदक जीतकर देश को गौरवान्वित किया है, जिससे उनके कुल 15 पदक हो गए हैं।
इस वर्ष, भारत ने अपना अब तक का सबसे बड़ा पैरालंपिक दल भेजा है, जिसमें 12 खेलों के 84 एथलीट शामिल हैं, जो देश के बढ़ते पैरा-स्पोर्ट्स इकोसिस्टम का प्रमाण है। पेरिस 2024 पैरालंपिक में भारत की भागीदारी न केवल संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि दर्शाती है, बल्कि पदक की उम्मीदों में भी वृद्धि दर्शाती है, क्योंकि राष्ट्र का लक्ष्य टोक्यो में अपनी पिछली उपलब्धियों को पार करना है। टोक्यो 2020 पहले भारत का सबसे सफल पैरालंपिक खेल था, जिसमें देश ने पांच स्वर्ण, आठ रजत और छह कांस्य सहित 19 पदक जीते थे।
(एजेंसी इनपुट के साथ)
Paris parlympic praveen kumar did not want to regret this time for medal
Get Latest Hindi News , Maharashtra News , Entertainment News , Election News , Business News , Tech , Auto , Career and Religion News only on Navbharatlive.com
Topics:
लेटेस्ट न्यूज़
Natural Skincare: घर पर सिर्फ 10 रुपए में बनाएं Vitamin C सीरम, पार्लर जैसा ग्लो देख हर कोई पूछेगा राज!
Apr 04, 2026 | 11:40 AMMumbai में ‘मुन्ना भाई’ स्टाइल में चल रहे फर्जी क्लिनिक का पर्दाफाश, मरीजों की जान से खेल रहे थे आरोपी
Apr 04, 2026 | 11:38 AMसभापति चुनाव से पहले सियासी घमासान, व्हिप को लेकर आरोप-प्रत्यारोप; डोणगांवकर-दानवे आमने-सामने
Apr 04, 2026 | 11:31 AMSC Sub-Classification: महाराष्ट्र में ‘कोटे के अंदर कोटा’ की हलचल, महायुति सरकार का बड़ा मास्टरस्ट्रोक!
Apr 04, 2026 | 11:27 AMIPL 2026: लगातार दूसरा मैच जीतने के बाद श्रेयस अय्यर पर मंडरा रहा बैन का खतरा, पूरी टीम पर लगाया गया जुर्माना
Apr 04, 2026 | 11:24 AMमंजूरी मिली, पर काम रुका: छत्रपति संभाजीनगर अस्पताल परियोजना पर सवाल, जीआर का इंतजार
Apr 04, 2026 | 11:20 AMMumbai Share Trading Fraud के नाम पर 89 लाख की ठगी, नाशिक से दो आरोपी गिरफ्तार
Apr 04, 2026 | 11:17 AMवीडियो गैलरी

मस्जिद के वजू खाने की छत पर चढ़कर लहराया भगवा, शोभा यात्रा के दौरान तुगलकाबाद में मचा बवाल
Apr 03, 2026 | 10:27 PM
AAP में छिड़ा गृहयुद्ध! आतिशी ने राघव चड्ढा को घेरा, बोलीं- क्या आप मोदी से डरकर लंदन भाग गए थे- VIDEO
Apr 03, 2026 | 10:24 PM
दिल्ली AIIMS में VIP कल्चर! 3 साल से धक्के खा रही महिला का वीडियो वायरल, बोली- यह गरीबों के लिए नहीं
Apr 03, 2026 | 10:20 PM
Bihar में सिस्टम फेल? डिप्टी सीएम के सामने फूट-फूटकर रोया फौजी
Apr 03, 2026 | 10:17 PM
योगी सरकार में घूसखोरी नहीं चलेगी, सलोन विधायक अशोक कोरी ने बीच सभा में एसडीओ की लगाई क्लास; वीडियो वायरल
Apr 03, 2026 | 10:13 PM
नालंदा भगदड़ में मासूम बच्ची की मौत पर भड़के पप्पू यादव, सिस्टम की विफलता पर उठाए सवाल, सरकार को दी चेतावनी
Apr 03, 2026 | 01:54 PM










