जेनिफर वर्गीस (फोटो-सोशल मीडिया)
World Table Tennis Youth Contender Vadodara: नागपुर की उभरती टेबल टेनिस खिलाड़ी जेनिफर वर्गीस ने सत्र की शुरुआत अंतरराष्ट्रीय पदक के साथ करते हुए शहर और देश का नाम रोशन किया है। वर्ल्ड टेबल टेनिस (डब्ल्यूटीटी) यूथ कंटेंडर वडोदरा में खेले गए सीजन-ओपनिंग टूर्नामेंट में 17 वर्षीय जेनिफर ने अंडर-19 गर्ल्स सिंगल्स में कांस्य पदक अपने नाम किया।
सेमीफाइनल में जेनिफर को जापान की होनहार और महज 12 वर्षीय खिलाड़ी मिकु मात्सुशिमा के खिलाफ 2-3 से कड़े मुकाबले में हार का सामना करना पड़ा। रोमांचक सेमीफाइनल में मिकु ने एक गेम से पिछड़ने के बाद शानदार वापसी करते हुए 8-11, 12-10, 8-11, 11-4, 11-7 से जीत दर्ज की और बाद में स्वर्ण पदक पर कब्जा जमाया। हालांकि हार के बावजूद जेनिफर का खेल प्रशंसनीय रहा और उन्होंने अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी निरंतरता एक बार फिर साबित की।
इस कांस्य पदक के साथ जेनिफर वर्गीस के नाम अब 37 अंतरराष्ट्रीय पदक हो चुके हैं, जो उनकी काबिलियत और अनुभव को दर्शाता है। क्वार्टरफाइनल में जेनिफर ने बेहतरीन जुझारूपन दिखाते हुए अपने से वरीय खिलाड़ी सिंडरेला दास को 10-12, 11-7, 11-9, 3-11, 11-8 से हराकर पदक पक्का किया था। इससे पहले पहले दौर में उन्होंने अनन्या मुरलीधरन को 12-10, 11-8, 11-8 से पराजित कर अभियान की शानदार शुरुआत की।
मिक्स्ड डबल्स अंडर-19 स्पर्धा में जेनिफर ने बलमुरुगन राजशेखरन के साथ जोड़ी बनाई। यह जोड़ी क्वार्टरफाइनल में साहिल रावत–हार्दी पटेल की जोड़ी से 2-3 से हार गई और पदक से बेहद करीब आकर चूक गई। मुकाबले का स्कोर 9-11, 11-6, 8-11, 11-7, 7-11 रहा। वडोदरा में मिले इस कांस्य पदक के साथ जेनिफर वर्गीस ने 2026 की शानदार शुरुआत की है और आने वाले अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों के लिए मजबूत संकेत दिए हैं।
जेनिफर वर्गीस ने नवभारत को दिए एक इंटरव्यू में बताया कि दबाव टूर्नामेंट के शुरुआती मैच में होता हैं कि कहीं हम कमजोर साबित होकर बाहर न हो जाएं। जब एक बार शुरुआती दौर खत्म होकर नॉकआउट राउंड में पहुंचती हूं तब मैं एकदम रिलेक्स हो जाती हूं और खुलकर खेलती हूं। मजबूत प्रतिद्वंद्वी रहने के बाद भी में प्रेशर में नहीं रहती।
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2023 में वर्ल्ड चैम्पियनशिप में अंडर-15 गर्ल्स डबल्स में सिल्वर मेडल और मिक्स्ड में ब्रांज मेडल जीतना मेरी सबसे बड़ी और यादगार उपलब्धि है। इसके अलावा अंडर-12, अंडर-15, अंडर-17 में नेशनल चैम्पियन बनना भी सुखद है। लांस एजेंलिस में होने वाले ओलम्पिक में पहुंचकर मेडल जीतना मेरा लक्ष्य है. इसके लिए मैंने तैयारी शुरू कर दी है।