मोंटी पनेसर और उस्मान ख्वाजा परिवार के साथ (फोटो-सोशल मीडिया)
Monty Panesar Reacts To Usman Khawaja Racism Comments: ऑस्ट्रेलिया के सलामी बल्लेबाज उस्मान ख्वाजा ने शुक्रवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए कहा कि सिडनी में रविवार से शुरू हो रहा टेस्ट उनके करियर का आखिरी टेस्ट होगा। इसके बाद वह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कह देंगे। अपने विदाई संबोधन में ख्वाजा ने अपने करियर के दौरान ऑस्ट्रेलियन क्रिकेट में नस्लीय भेदभाव का जिक्र किया। उनके बयान के बाद से ही क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया सकते में आ गया है।
ख्वाजा के बयान पर आईएएनएस से बात करते हुए इंग्लैंड के पूर्व स्पिनर मोंटी पनेसर ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। पनेसर ने कहा कि उन्हें अपने करियर के दौरान किसी भी तरह के नस्लीय भेदभाव का सामना नहीं करना पड़ा। उन्हें हमेशा अपने टीम के साथियों और इंग्लैंड एंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड का पूरा समर्थन मिला। पनेसर भारतीय मूल के हैं और इंग्लैंड के लिए 2016 से 2013 के बीच 50 टेस्ट खेल चुके हैं।
पाकिस्तानी मूल के उस्मान ख्वाजा ने अपने संन्यास वाले संबोधन में कहा, “मैंने हमेशा थोड़ा अलग महसूस किया है। मैं एक अश्वेत क्रिकेटर हूं, और ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट टीम, मेरी राय में, सबसे बड़ी नेशनल टीम है। यह हमारा गर्व और खुशी है, लेकिन जिस तरह से मेरे साथ बर्ताव किया गया है और कुछ चीजें हुई हैं, उससे भी मुझे बहुत अलग महसूस हुआ है।”
यह भी पढ़ें: सिडनी टेस्ट के बाद उस्मान ख्वाजा लेंगे संन्यास, नस्लीय रूढ़िवादिता पर किया बड़ा खुलासा
उन्होंने पर्थ टेस्ट से पहले तीन दिन गोल्फ खेलने के लिए हुई आलोचना के बारे में भी बात की, जहां उनकी पीठ में ऐंठन हो गई थी, जिससे वह दोनों इनिंग्स में ओपनिंग नहीं कर पाए थे।
उन्होंने कहा, “मेरी पीठ में ऐंठन थी। इसे मैं नियंत्रित नहीं कर सकता था। जिस तरह से मीडिया और पूर्व खिलाड़ियों ने मुझ पर हमला किया, मैं दो दिन तक इसे झेल सकता था, लेकिन मैंने लगभग पांच दिन लगातार इसे झेला। ये वही नस्लभेदी सोच हैं जिसके साथ मैं अपनी पूरी जिंदगी बड़ा हुआ हूं। हम उनसे पूरी तरह आगे नहीं बढ़ पाए हैं। मैंने पहले कभी ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट टीम में किसी के साथ ऐसा बर्ताव होते नहीं देखा, खासकर उनके लिए जिन्होंने मुझ पर टिप्पणी की।” ऑस्ट्रेलिया के खेलने वाले उस्मान ख्वाजा पहले पाकिस्तानी और मुस्लिम खिलाड़ी हैं।