- Hindi News »
- Sports »
- Death Anniversary Special Major Dhyanchand Hockey Magician Tribute
Major Dhyan Chand: वो खिलाड़ी जिसने हिटलर को भी झुकने पर कर दिया था मजबूर, जानें उनकी कहानी
Major Dhyan Chand: भारतीय हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद ने तीन ओलंपिक में भारत को स्वर्ण पदक दिलाया। उनके अद्भुत कौशल और योगदान ने हॉकी इतिहास में अमिट छाप छोड़ी। आज उनकी पुण्यतिथि मनाई जा रही है।
- Written By: उज्जवल सिन्हा

मेजर ध्यानचंद (फोटो- सोशल मीडिया)
Major Dhyan Chand Death Anniversary: हॉकी के जादूगर कहलाने वाले मेजर ध्यानचंद ने भारत को तीन ओलंपिक स्वर्ण दिलाने में अहम योगदान दिया। उनके शानदार बॉल कंट्रोल और गोल करने की अनोखी क्षमता ने दुनिया भर के दर्शकों और खिलाड़ियों को चकित कर दिया था। आज मेजर ध्यानचंद की पुण्यतिथि मनाई जा रही है। मेजर ध्यानचंद का निधन 3 दिसंबर 1979 को हुआ था। आज उनकी 46वीं पुण्यतिथि मनाई जा रही है। आज आपको बताएंगे कि कैसे उन्होंने हॉकी में भारत को सफलता दिलाई।
3 दिसंबर 1979 को लिवर कैंसर से जूझते हुए ध्यानचंद का निधन दिल्ली के एम्स अस्पताल में हुआ। बाद में उनका पार्थिव शरीर झांसी लाया गया, जहां हजारों लोग अंतिम दर्शन के लिए उमड़ पड़े। हीरोज हॉकी मैदान में उन्हें पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई। 29 अगस्त 1905 को प्रयागराज में जन्मे मेजर ध्यानचंद के पिता समेश्वर दत्त सिंह ब्रिटिश भारतीय सेना में कार्यरत थे। पिता की राह पर चलते हुए ध्यानचंद भी मात्र 16 वर्ष की उम्र में सेना में शामिल हो गए। यहीं रहते हुए उन्होंने हॉकी खेलना शुरू किया और जल्द ही अपनी प्रतिभा से सबका ध्यान आकर्षित करने लगे।
मेजर ध्यानचंद ने 34 वर्षों तक की भारत की सेवा
1922 से 1926 के बीच रेजिमेंटल मैचों में उनके खेल ने लोगों को बेहद प्रभावित किया। इसी दौरान उन्हें न्यूजीलैंड दौरे के लिए सेना की टीम में मौका मिला। इस दौरे में ध्यानचंद के उत्कृष्ट खेल की बदौलत सेना ने 18 मैच जीते, दो मुकाबले बराबरी पर रहे और सिर्फ एक मैच में टीम को हार मिली। उनके शानदार प्रदर्शन से ब्रिटिश आर्मी बेहद प्रसन्न हुई और पुरस्कार स्वरूप उन्हें ‘लांस नायक’ के पद पर पदोन्नति दी गई। लगभग 34 वर्षों तक देश की सेवा करते हुए उन्होंने 1956 में ‘लेफ्टिनेंट’ के पद से सेवानिवृत्ति ली।
सम्बंधित ख़बरें
PGA Tour: अक्षय भाटिया 16वें स्थान पर रहे, थीगाला टी-25 पर, फिट्जपैट्रिक ने जीता खिताब
कौन हैं दानिश मालेवार? जिन्हें मुंबई इंडियंस ने रोहित की जगह मैदान पर उतारा, पर पहले ही मैच में नहीं चला बल्ला
60 दिन का खेल और अरबों डॉलर का साम्राज्य, निवेशकों की पहली पसंद बना IPL, दुनिया देख रही BCCI की ताकत
ODI क्रिकेट में पहली बार हुआ ऐसा करिश्मा! बांग्लादेश के आगे पस्त हुई यह टीम, सालों का इंतजार हुआ खत्म
मेजर ध्यानचंद ने लगातार तीन ओलंपिक में भारत को दिलाया स्वर्ण
1928 के ओलंपिक के लिए जब भारतीय हॉकी टीम का चयन शुरू हुआ, तो मेजर ध्यानचंद को ट्रायल में बुलाया गया। वे टीम में चुने गए और फिर पांच मैचों में 14 गोल दागे। भारत ने इस ओलंपिक में अपराजित रहते हुए स्वर्ण पदक जीता। 1932 और 1936 के ओलंपिक में भी ध्यानचंद ने भारत को स्वर्ण दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। 1936 के बर्लिन ओलंपिक में भारत ने जर्मनी को 8–1 से पराजित किया। इस प्रदर्शन से प्रभावित होकर स्वयं हिटलर ने ध्यानचंद को जर्मन सेना में उच्च पद का प्रस्ताव दिया, मगर ध्यानचंद ने गर्वपूर्वक इसे ठुकराया और देश के प्रति अपनी निष्ठा प्रदर्शित की।
यह भी पढ़ें: वो खिलाड़ी जिसने बदल दी भारतीय महिला टीम की दिशा, जानें कैसी है क्रिकेट की रानी की पूरी कहानी
1948 ओलंपिक से पहले लिया संन्यास
दूसरे विश्व युद्ध के बाद 1948 ओलंपिक का समय आया, तब तक ध्यानचंद की उम्र 40 वर्ष से अधिक हो चुकी थी। उन्होंने स्वयं टीम में शामिल होने से मना कर दिया और युवा खिलाड़ियों को अवसर देने की बात कही। लगभग दो दशकों से अधिक समय तक भारत के लिए खेलते हुए मेजर ध्यानचंद ने 400 से ज्यादा गोल किए।
मेजर ध्यानचंद को पद्म भूषण से नवाजा गया
खेल में उनके अद्वितीय योगदान के लिए उन्हें ‘पद्म भूषण’ सम्मान से नवाजा गया। आज देश का सर्वोच्च खेल पुरस्कार ‘मेजर ध्यानचंद खेल रत्न’ उनके नाम पर दिया जाता है और उनका जन्मदिन ‘राष्ट्रीय खेल दिवस’ के रूप में मनाया जाता है।
Death anniversary special major dhyanchand hockey magician tribute
Get Latest Hindi News , Maharashtra News , Entertainment News , Election News , Business News , Tech , Auto , Career and Religion News only on Navbharatlive.com
लेटेस्ट न्यूज़
नागपुर में लौटेगा क्रेजी कैसल, 5.3 एकड़ में बनेगा एम्यूजमेंट पार्क, PPP मॉडल पर काम; शहर में नई रौनक
Apr 21, 2026 | 11:07 AMडोनाल्ड ट्रंप का बड़ा वादा: नई ईरान Nuclear डील से पूरी दुनिया में आएगी पक्की शांति व पूर्ण सुरक्षा
Apr 21, 2026 | 11:07 AMनाबालिगों को शराब परोसने पर भड़कीं Isha Koppikar, पब-प्रशासन पर उठाए सवाल
Apr 21, 2026 | 11:04 AMपहलगाम नरसंहार की पहली बरसी: आंखें मूंदूं तो गोलियों से भुना चेहरा दिखता है, अपनों को खोने वालों का छलका दर्द
Apr 21, 2026 | 11:03 AMमोहन भागवत की Z+ सुरक्षा का खर्च कौन भरेगा? बॉम्बे हाईकोर्ट ने RSS प्रमुख की सिक्योरिटी पर कही बड़ी बात
Apr 21, 2026 | 10:59 AMMCC का उल्लंघन है PM का राष्ट्र के नाम संबोधन, वित्त मंत्री के पति समेत 700 दिग्गजों ने CEC को लिखी चिट्ठी
Apr 21, 2026 | 10:57 AMट्रंप को सोने नहीं दे रहा ईरान! आधी रात को सोशल मीडिया पर जताया डर, बोले-यूरेनियम निकालना लंबी प्रक्रिया
Apr 21, 2026 | 10:53 AMवीडियो गैलरी

मजदूरी मांगने पर ईंट भट्ठा मालिक की हैवानियत, मजदूर को बेरहमी से पीटने के बाद समझौते का बनाया दबाव
Apr 20, 2026 | 11:41 PM
‘भारत की आस्था को दुनिया की कोई भी ताकत डिगा नहीं पाई..,’ योगी आदित्यनाथ ने सनातन आस्था को बताया शाश्वत
Apr 20, 2026 | 11:10 PM
पटना में महिला आरक्षण को लेकर NDA कार्यकर्ताओं का आक्रोश, विपक्ष पर जमकर गरजी महिलाएं
Apr 20, 2026 | 10:33 PM
चुनाव है तो क्या सीट तुम्हारी हो गई? ट्रेन में महिला की रिजर्व सीट पर दबंगई, जवाब सुनकर हो जाएंगे हैरान
Apr 20, 2026 | 10:25 PM
फरसा लहराने वालों को मेरठ डिप्टी एसपी की सख्त चेतावनी, VIDEO हुआ वायरल; सोशल मीडिया पर हो रही तारीफ
Apr 20, 2026 | 10:17 PM
DM ने रिश्वत में लिया 1.75 लाख का iPhone, फिरोजाबाद तहसीलदार राखी शर्मा का सनसनीखेज खुलासा! ऑडियो क्लीप वायरल
Apr 20, 2026 | 10:05 PM














