

IPL 2026 Business News: आईपीएल 2026 के दौरान रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु और लखनऊ सुपर जायंट्स के मैच से पहले जियोहॉटस्टार पर व्यूअरशिप ने नया रिकॉर्ड बनाया। टॉस से पहले ही लाखों दर्शक जुड़ चुके थे और पहली गेंद तक यह आंकड़ा करोड़ों में पहुंच गया। महज 40 मिनट में व्यूअरशिप में 400 प्रतिशत से ज्यादा उछाल ने दिखा दिया कि आईपीएल का क्रेज लगातार बढ़ता जा रहा है। अब यह सिर्फ क्रिकेट टूर्नामेंट नहीं, बल्कि एक बड़ा ग्लोबल ब्रांड बन चुका है।
हाल ही में आरसीबी और राजस्थान रॉयल्स की हिस्सेदारी की बिक्री ने आईपीएल की ताकत को और साबित किया है। इन टीमों की वैल्यूएशन अरबों डॉलर तक पहुंच चुकी है। इसका सबसे बड़ा कारण सीमित टीमों की संख्या और बढ़ती मांग है। दुनिया भर के निवेशक भारतीय क्रिकेट और डिजिटल बाजार की तेजी से बढ़ती ताकत का हिस्सा बनना चाहते हैं। इसके अलावा बीसीसीआई के मीडिया राइट्स से टीमों को भारी मुनाफा मिल रहा है, जिससे निवेश और आकर्षक हो गया है।
आईपीएल की शुरुआत 2008 में हुई थी, जब टीमों की कीमत आज के मुकाबले काफी कम थी। आरसीबी की टीम जहां शुरुआती दौर में कुछ सौ करोड़ में बिकी थी, वहीं आज उसकी वैल्यू कई गुना बढ़ चुकी है। राजस्थान रॉयल्स का उदाहरण और भी खास है, जिसने सबसे कम कीमत से शुरुआत कर अब हजारों करोड़ की वैल्यू हासिल कर ली है। इस तेजी के पीछे मीडिया राइट्स और बढ़ती लोकप्रियता की बड़ी भूमिका रही है।
जियोहॉटस्टार जैसे प्लेटफॉर्म्स ने आईपीएल को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया है। व्यूअरशिप के साथ-साथ विज्ञापन से होने वाली कमाई भी लगातार बढ़ रही है। बड़े ग्लोबल निवेशकों की एंट्री से यह साफ हो गया है कि आईपीएल अब एक मजबूत बिजनेस मॉडल बन चुका है। इसकी सबसे बड़ी ताकत इसकी निरंतरता है, क्योंकि मुश्किल हालात में भी टूर्नामेंट सफलतापूर्वक आयोजित होता रहा है।
आज आईपीएल का कुल इकोसिस्टम अरबों डॉलर का हो चुका है और यह दुनिया की सबसे बड़ी स्पोर्ट्स लीग्स में शामिल है। आने वाले समय में नए मीडिया राइट्स और टीमों की संख्या बढ़ने के साथ इसकी वैल्यू और बढ़ने की उम्मीद है। युवा खिलाड़ियों का उभार और तेज क्रिकेट इस लीग को और आकर्षक बना रहा है। आईपीएल अब सिर्फ खेल नहीं, बल्कि भारतीय अर्थव्यवस्था का एक मजबूत स्तंभ बन चुका है।