संजू सैमसन (फोटो-सोशल मीडिया)
Sanju Samson: भारत ने न्यूजीलैंड को हराकर टी20 विश्व कप के खिताब को रिकॉर्ड तीसरी बार अपने नाम किया। बल्ले से अहम योगदान देने वाले संजू सैमसन को प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट चुना गया। संजू ने कहा कि हर दर्द, निराशा को अगर सकारात्मक तरीके से इस्तेमाल किया जाए, तो वो आपकी ताकत बन जाते हैं। विकेटकीपर-बल्लेबाज ने कहा कि आज वह जो भी हैं, वह अपने माता-पिता की वजह से हैं।
संजू सैमसन ने आईएएनएस से बात करते हुए कहा, “मुझे बचपन से ही चीजों को सकारात्मक तरीके से देखने की ट्रेनिंग दी गई है। मुझे ऐसा लगता है कि हर दर्द, सेटबैक और निराशा ने मुझे और मजबूत बनाया। यही कारण है कि मैं ऐसा प्रदर्शन कर सका हूं। मेरे हिसाब से अगर जिंदगी और करियर में हर दर्द, सेटबैक और निराशा का सकारात्मक तरीके से इस्तेमाल किया जाए, तो वो आपकी सबसे बड़ी ताकत बन सकते हैं।”
संजू सैमसन ने अपने माता-पिता को भी धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा, “मैं अपने माता-पिता का शुक्रगुजार हूं, जो क्रिकेट को मेरी जिंदगी में लेकर आए। मैं आज जो भी हूं वो इनकी वजह से ही हूं।” सैमसन ने कहा कि न्यूजीलैंड सीरीज के बाद वह काफी टूट गए थे और उन्हें पता था कि टी20 वर्ल्ड कप 2026 के शुरुआती मैचों में उन्हें मौका नहीं मिलेगा। संजू के अनुसार, इस मुश्किल समय में उनकी पत्नी ने काफी सपोर्ट किया और उन्हें मानसिक तौर पर मजबूत रहने में मदद की।
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संजू सैमसन ने टी20 विश्व कप 2026 में अपना पहला मैच सुपर-8 राउंड में जिम्बाब्वे के खिलाफ खेला और इस मुकाबले में वह 22 रन ही बना सके। हालांकि, ‘करो या मरो’ मुकाबले में वेस्टइंडीज के खिलाफ सैमसन ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए 97 रनों की नाबाद पारी खेली। वहीं, सेमीफाइनल में इंग्लैंड के खिलाफ उन्होंने सिर्फ 42 गेंदों में 89 रनों की दमदार पारी खेली। न्यूजीलैंड के खिलाफ फाइनल में भी विकेटकीपर-बल्लेबाज ने अपनी शानदार फॉर्म को बरकरार रखा और 46 गेंदों में 89 रनों की लाजवाब पारी खेली। भारतीय टीम अपनी घरेलू सरजमीं पर टी20 विश्व कप का खिताब जीतने वाली दुनिया की पहली टीम बनी।