पाकिस्तान सुपर लीग (फोटो-सोशल मीडिया)
Pakistan Super League: पाकिस्तान सुपर लीग का 11वां सीजन शुरू होने से पहले ही विवादों में आ गया है। इस बार लीग में दो नई टीमें जोड़ी गई है। अब पाकिस्तन सुपर लीग 8 टीमों के बीच खेला जाएगा। हालांकि, टूर्नामेंट शुरू होने से पहले आठ फ्रेंचाइजी में से कम से कम दो में स्वामित्व विवाद का सामना करना पड़ रहा है। सूत्रों के अनुसार हाल ही में नीलाम हुई सियालकोट फ्रेंचाइजी में बहुमत हिस्सेदारी को लेकर विवाद उठ गया है।
जानकारी के अनुसार, फ्रेंचाइजी के एक मालिक मुहम्मद शाहिद ने पीएसएल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सलमान नसीर से शिकायत दर्ज कराई है। शाहिद का दावा है कि उनके पास फ्रेंचाइजी के 76 प्रतिशत शेयर हैं, जबकि अन्य साझेदारों के पास केवल 24 प्रतिशत हिस्सेदारी है। इसके बावजूद, अन्य साझेदार उनकी जानकारी के बिना शेयर बेचने की कोशिश कर रहे हैं।
विदेश में रहने वाले शाहिद ने सोशल मीडिया पर वीडियो पोस्ट कर आरोप लगाया कि अल्पांश हिस्सेदार उनकी सहमति के बिना सौदे कर रहे हैं और अपने अधिकार से अधिक शेयर बेचने की कोशिश कर रहे हैं। सियालकोट फ्रेंचाइजी को 185 करोड़ रुपये में एक समूह (कंसोर्टियम) ने खरीदा था, जिसमें पाकिस्तान के एक पूर्व कप्तान के करीबी कामिल खान भी शामिल हैं। हालांकि, सूत्रों का कहना है कि इस विवाद में पूर्व कप्तान का कोई लेना-देना नहीं है।
एक अन्य मामले में, लाहौर कलंदर्स फ्रेंचाइजी के मूल मालिकों में से एक फवाद राणा ने अदालत से अपने पक्ष में फैसला मिलने के बाद बहुलांश स्वामित्व को लेकर पीएसएल प्रशासन के सामने शिकायत दर्ज कराई। अदालती दस्तावेजों के अनुसार, फवाद राणा ने अपने भाइयों आतिफ राणा और समीर राणा के खिलाफ याचिका दायर की थी। उनका आरोप था कि उनकी कंपनी से संबंधित शेयर उनकी जानकारी के बिना बेचे गए। अदालत ने फवाद राणा के पक्ष में फैसला सुनाया।
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इन विवादों से पीएसएल में स्वामित्व और पारदर्शिता के सवाल फिर से उठ गए हैं। पीसीबी अब इन मामलों पर नजर बनाए हुए है और सभी पक्षों के बीच संतुलन बनाए रखने की कोशिश कर रहा है। अब देखना होगा कि यह मामला सुलझ पाता है या नहीं।