पाकिस्तान को फिर लगा बड़ा झटका, PSL-11 से अफगानिस्तान के खिलाड़ियों ने वापस लिया नाम

PSL 11 की नीलामी से कई अफगान खिलाड़ियों ने नाम वापस ले लिया। रहमानुल्लाह गुरबाज के विवाद के बाद यह फैसला हुआ, जिस पर पाकिस्तान-अफगानिस्तान के तनावपूर्ण रिश्तों का असर भी देखा गया।
Pakistan Super League-11
पाकिस्तान सुपर लीग (फोटो-सोशल मीडिया)
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Pakistan Super League-11: पाकिस्तान सुपर लीग (पीएसएल) के 11वें चरण से पहले आयोजित खिलाड़ियों की नीलामी में उस समय नया मोड़ आ गया, जब कई अफगानिस्तान क्रिकेटरों ने अपना नाम वापस ले लिया। यह पहली बार था जब पीएसएल में इस तरह की औपचारिक नीलामी प्रक्रिया आयोजित की गई थी। शुरुआत में जानकारी सामने आई थी कि मुजीब उर रहमान, सेद्दीकुल्लाह अटल, मोहम्मद नबी, वकार सलामखेल और फजल हक फारूकी सहित कई प्रमुख अफगान खिलाड़ियों ने लाहौर में हुई नीलामी के लिए पंजीकरण कराया था।

हालांकि, पेशावर जाल्मी द्वारा अफगानिस्तान के विकेटकीपर-बल्लेबाज रहमानुल्लाह गुरबाज से सीधे करार किए जाने के बाद विवाद खड़ा हो गया। इस फैसले को लेकर आलोचना शुरू हुई, जिसके बाद गुरबाज ने खुद को पीएसएल से अलग करने का निर्णय लिया। इसके तुरंत बाद अन्य अफगान खिलाड़ियों ने भी नीलामी प्रक्रिया से दूरी बना ली।

PSL की मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने दी सफाई

पीएसएल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सलमान नसीर ने सफाई देते हुए कहा कि कुछ अफगान खिलाड़ी नीलामी सूची में शामिल थे, लेकिन किसी भी फ्रेंचाइजी ने उन्हें नहीं चुना। उन्होंने कहा, “नीलामी में कुछ अफगानिस्तानी खिलाड़ी थे, लेकिन किसी भी टीम ने उन्हें खरीदा नहीं।” हालांकि, उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच हालिया तनावपूर्ण रिश्तों का असर इस पूरी प्रक्रिया पर पड़ा।

नसीर के अनुसार, गुरबाज को शामिल किए जाने के बाद जिस तरह की आलोचना हुई, उसने माहौल को प्रभावित किया। उन्होंने कहा कि आलोचना से बचने के लिए ही गुरबाज ने हटने का फैसला किया और अन्य खिलाड़ियों ने भी इसी राह को चुना।

पिछले साल पाकिस्तान की आलोचना की थी

गौरतलब है कि पिछले वर्ष पाकिस्तानी सेना द्वारा आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई के नाम पर अफगानिस्तान के कुछ इलाकों में हवाई हमले किए गए थे। इसके बाद दोनों देशों के बीच कूटनीतिक और राजनीतिक संबंधों में तनाव बढ़ गया था। कई अफगान खिलाड़ियों ने उस समय सोशल मीडिया के माध्यम से पाकिस्तान सरकार की आलोचना भी की थी। अब पीएसएल 11 की नीलामी में अफगान खिलाड़ियों की अनुपस्थिति ने क्रिकेट और राजनीति के आपसी प्रभाव को एक बार फिर उजागर कर दिया है।

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