भारत बनाम पाकिस्तान (फोटो-सोशल मीडिया)
T20 World Cup 2026, India vs Pakistan: यदि पाकिस्तान टी20 वर्ल्ड कप 2026 का बॉयकॉट करने का फैसला करता है, तो उसे इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (आईसीसी) की ओर से कड़ी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है। इतना ही नहीं, अगर पाकिस्तान पूरे टूर्नामेंट के बजाय केवल भारत के खिलाफ होने वाले मुकाबले का बहिष्कार करता है, तब भी यह फैसला उसे आर्थिक रूप से भारी नुकसान पहुंचा सकता है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ऐसे किसी कदम की कीमत पाकिस्तान क्रिकेट को करीब 348 करोड़ रुपये चुकानी पड़ सकती है।
कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि यदि पाकिस्तान भारत के खिलाफ होने वाले अहम मैच से नाम वापस लेता है, तो टी20 वर्ल्ड कप 2026 की ब्रॉडकास्टर कंपनी उस पर मुकदमा ठोक सकती है। ब्रॉडकास्टर खुद को होने वाले नुकसान की भरपाई के लिए 38 मिलियन डॉलर, यानी करीब 348 करोड़ रुपये का मुआवजा मांग सकता है। यह राशि पहले से आर्थिक संकट झेल रहे पाकिस्तान क्रिकेट के लिए बड़ा झटका साबित हो सकती है।
पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के टी20 वर्ल्ड कप 2026 के बॉयकॉट पर विचार करने की चर्चा तेज हो गई है। पीसीबी चेयरमैन मोहसिन नकवी ने इस मुद्दे पर अपने देश के प्रधानमंत्री शाहबाज शरीफ के साथ सोमवार शाम बैठक होने की जानकारी सोशल मीडिया पर साझा की है। नकवी के अनुसार, इस बैठक में सभी विकल्पों पर चर्चा की जाएगी और अंतिम फैसला शुक्रवार 30 जनवरी या सोमवार 2 फरवरी तक लिया जा सकता है।
अगर पाकिस्तान टी20 वर्ल्ड कप 2026 का बहिष्कार करता है, तो आईसीसी की ओर से उस पर कई तरह के प्रतिबंध लगाए जा सकते हैं। इनमें द्विपक्षीय सीरीज पर असर, रेवेन्यू शेयरिंग पर रोक और कानूनी कार्रवाई जैसे कदम शामिल हो सकते हैं। पीसीबी को पहले ही इस तरह के परिणामों के प्रति आगाह किया जा चुका है।
पाकिस्तान मीडिया की रिपोर्ट्स के मुताबिक, पीसीबी बांग्लादेश के समर्थन में कुछ कदम उठाने पर विचार कर सकता है। इनमें पूरे टूर्नामेंट का बॉयकॉट करना, सभी मैचों में काली पट्टी पहनना, हर जीत बांग्लादेश क्रिकेट को समर्पित करना या 15 फरवरी को भारत के खिलाफ होने वाले मैच से नाम वापस लेना शामिल है।
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पाकिस्तान के लिए कोई भी कदम आसान नहीं है। पूरे टूर्नामेंट का बहिष्कार करने पर आईसीसी के साथ किए गए पार्टिसिपेशन एग्रीमेंट के उल्लंघन का मामला बन सकता है। इससे कानूनी कार्रवाई, आर्थिक दंड और भविष्य के टूर्नामेंट्स में मुश्किलें बढ़ सकती हैं। ऐसे में पहले से संकट में फंसी पाकिस्तान क्रिकेट के लिए यह फैसला बेहद चुनौतीपूर्ण साबित हो सकता है।