
टी20 वर्ल्ड खेलना पाकिस्तान की मजबूरी (फोटो- सोशल मीडिया)
Pakistan T20 World Cup Controversy: बांग्लादेश के टी20 वर्ल्ड कप 2026 से बाहर होने के बाद भी उससे जुड़ा विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। अब पाकिस्तान ने भी इस टूर्नामेंट को डिरेल करने की योजना बनाई है। पाकिस्तान ने बांग्लादेश के समर्थन में टी20 वर्ल्ड कप से बॉयकॉट करने की रूपरेखा तैयार की है। हालांकि, फिलहाल पाकिस्तान इस मामले में संभलकर कदम उठा रहा है। सोमवार शाम पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शाहबाज शरीफ और पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) के चेयरमैन मोहसिन नकवी के बीच इस मुद्दे पर मीटिंग हुई। इस मीटिंग के बाद नकवी ने कहा कि सभी विकल्पों को परखा जा चुका है, लेकिन अंतिम फैसला शुक्रवार या सोमवार तक लिया जाएगा। इसका मतलब है कि पाकिस्तान ने अभी अपने पत्ते नहीं खोले हैं।
मोहसिन नकवी और प्रधानमंत्री शाहबाज शरीफ की मीटिंग सोमवार शाम लगभग 4.30 बजे हुई। करीब 30 मिनट चली इस बातचीत में आईसीसी से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की गई। नकवी ने सोशल मीडिया पर मीटिंग की जानकारी साझा करते हुए लिखा कि सभी विकल्प खुले रखे जाएंगे और फाइनल फैसला शुक्रवार (30 जनवरी) या सोमवार (2 फरवरी) तक लिया जाएगा।
पाकिस्तानी मीडिया ने पहले ही दावा कर दिया था कि सरकार बांग्लादेश का समर्थन करते हुए अपनी टीम को वर्ल्ड कप में खेलने से रोक सकती है। जियो न्यूज और अन्य मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, यदि पाकिस्तान टीम बॉयकॉट नहीं भी करता है, तो वह बांग्लादेश के समर्थन में तीन कदम उठा सकता है: अपने सभी मुकाबले काली पट्टी पहनकर खेलना, भारत के खिलाफ 15 फरवरी को होने वाला मैच बायकॉट करना, और जो मुकाबले जीतेंगे उन्हें बांग्लादेश क्रिकेट फैंस को समर्पित करना।
आईसीसी ने पाकिस्तान को चेतावनी दी है कि यदि वे बांग्लादेश का समर्थन करते हुए टी20 वर्ल्ड कप 2026 का बॉयकॉट करते हैं, तो कड़ी कार्रवाई होगी। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, कार्रवाई में पाकिस्तान के दूसरे देशों के साथ द्विपक्षीय सीरीज पर रोक, आईसीसी के सभी टूर्नामेंट और एशिया कप से बाहर किया जाना, और PSL में विदेशी खिलाड़ियों के NOC पर रोक शामिल हो सकती है। नकवी ने चालाकी के साथ सरकार पर जिम्मेदारी डालकर खुद को इस कार्रवाई से बचाने की रणनीति अपनाई है। वह खुद भी पाकिस्तान सरकार में मंत्री हैं। इस तरह PCB कह सकता है कि कोई कदम उनकी तरफ से नहीं उठाया गया, बल्कि सरकार के दबाव में कार्रवाई की गई।
आईसीसी टी20 वर्ल्ड कप 2026 भारत और श्रीलंका में 7 फरवरी से शुरू होगा। हालांकि टूर्नामेंट से पहले ही विवाद शुरू हो गया था। बांग्लादेश ने भारत में अपने मैचों के लिए सुरक्षा खतरे का हवाला दिया और मैचों को दूसरे देश में शिफ्ट कराने की मांग की। आईसीसी ने बांग्लादेश को हटाया और उसकी जगह स्कॉटलैंड को नई टीम के रूप में शामिल किया।
यह विवाद तब शुरू हुआ जब बांग्लादेशी तेज गेंदबाज मुस्तफिजुर रहमान को IPL 2026 टीम से निष्कासित किया गया। इसके बाद बांग्लादेश ने अपनी टीम और फैंस के लिए भारत को खतरा बताते हुए अपने मैचों को श्रीलंका में कराने की मांग की। पाकिस्तान ने इस कदम का विरोध करते हुए बांग्लादेश के समर्थन में वर्ल्ड कप बॉयकॉट करने की चेतावनी दी। अब इस पूरे मामले पर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट की नजर है और देखना यह होगा कि पाकिस्तान आखिरी फैसला कब और किस रूप में करता है।
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यह पूरा घटनाक्रम न केवल टी20 वर्ल्ड कप 2026 के पहले राजनीतिक और प्रशासनिक खींचतान को उजागर करता है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि क्रिकेट और राजनीति के बीच कितना संवेदनशील संतुलन है। पाकिस्तान सरकार और PCB के निर्णय से ही यह तय होगा कि टूर्नामेंट सुचारू रूप से आयोजित हो पाएगा या नहीं।






