World Cup 2027: इतिहास में पहली बार होगा ऐसा बड़ा उलटफेर? मेजबान देश ही टूर्नामेंट से हो जाएगा बाहर!
ODI World Cup: अगले साल होने वाले वनडे वर्ल्ड कप से पहले बड़ा खतरा सामने आया है। इतिहास में पहली बार मेजबान देश के ही टूर्नामेंट से बाहर होने की आशंका जताई जा रही है।
- Written By: संजय बिष्ट
आईसीसी मेंस वर्ल्ड कप ट्रॉफी (फोटो- सोशल मीडिया)
ICC ODI World Cup 2027: वनडे वर्ल्ड कप 2027 की तैयारियां अभी से शुरू हो चुकी हैं। भले ही टूर्नामेंट अगले साल खेला जाना है, लेकिन आईसीसी रैंकिंग और क्वालीफिकेशन को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। इस बार एक ऐसी स्थिति बनती नजर आ रही है, जो वनडे वर्ल्ड कप के इतिहास में पहले कभी देखने को नहीं मिली। सवाल यह है कि क्या कोई मेजबान देश ही टूर्नामेंट से बाहर हो सकता है।
तीन देशों की मेजबानी में होगा टूर्नामेंट
वनडे वर्ल्ड कप 2027 साउथ अफ्रीका, जिम्बाब्वे और नामीबिया की मेजबानी में खेला जाएगा। मेजबान होने के कारण साउथ अफ्रीका और जिम्बाब्वे को सीधी एंट्री मिल चुकी है। लेकिन नामीबिया के सामने चुनौती बनी हुई है। इसका कारण यह है कि नामीबिया आईसीसी का फुल मेंबर नहीं है, बल्कि एसोसिएट मेंबर है। ऐसे में उसे टूर्नामेंट में जगह बनाने के लिए क्वालीफायर खेलना होगा।
मेजबान होकर भी बाहर होने का खतरा
नामीबिया के सामने सबसे बड़ा खतरा यही है कि अगर वह क्वालीफायर में सफल नहीं होती है, तो वह वर्ल्ड कप में हिस्सा नहीं ले पाएगी। अगर ऐसा होता है, तो यह वनडे वर्ल्ड कप के इतिहास में पहली बार होगा, जब कोई मेजबान देश ही टूर्नामेंट का हिस्सा नहीं बनेगा। हालांकि इसकी संभावना कम है, लेकिन मौजूदा नियमों के चलते यह पूरी तरह संभव है।
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आईसीसी के नियमों की अहम भूमिका
आईसीसी के नियमों के अनुसार केवल फुल मेंबर देशों को ही मेजबान होने पर सीधी एंट्री मिलती है। एसोसिएट मेंबर टीमों को क्वालीफायर के रास्ते ही मुख्य टूर्नामेंट में जगह बनानी होती है। यही वजह है कि नामीबिया को इस चुनौती का सामना करना पड़ रहा है। 1975 से लेकर 2023 तक ऐसा कभी नहीं हुआ कि किसी मेजबान टीम को सीधी एंट्री न मिली हो।
1999 और 2003 के उदाहरण
इतिहास में कुछ ऐसे उदाहरण जरूर रहे हैं, जिन्हें समझना जरूरी है। साल 1999 के वर्ल्ड कप में इंग्लैंड के साथ स्कॉटलैंड, आयरलैंड, वेल्स और नीदरलैंड्स में भी मैच खेले गए थे। हालांकि स्कॉटलैंड को सीधी एंट्री नहीं मिली थी और उसे क्वालीफायर खेलना पड़ा था। वहीं आयरलैंड और नीदरलैंड्स क्वालीफाई नहीं कर सके थे।
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इसके अलावा 2003 के वर्ल्ड कप में साउथ अफ्रीका, जिम्बाब्वे और केन्या मेजबान थे। उस समय केन्या को क्वालीफायर के जरिए टूर्नामेंट में जगह बनानी पड़ी थी। अगर नामीबिया क्वालीफाई नहीं कर पाती है, तो यह वर्ल्ड कप इतिहास का एक अनोखा और चौंकाने वाला रिकॉर्ड बन जाएगा। ऐसे में सभी की नजर अब नामीबिया के प्रदर्शन पर टिकी हुई है।
