जेसन गिलेस्पी (फोटो- सोशल मीडिया)
Jason Gillespie News: ऑस्ट्रेलिया के पूर्व तेज गेंदबाज और पाकिस्तान के पूर्व हेड कोच जेसन गिलेस्पी एक बार फिर अपने सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर विवादों में आ गए हैं। इस बार मामला आईसीसी टी20 वर्ल्ड कप 2026 से बांग्लादेश को बाहर किए जाने से जुड़ा है। गिलेस्पी ने इस फैसले पर सवाल उठाते हुए एक ट्वीट किया था, जिसे बाद में उन्होंने डिलीट कर दिया। अब उन्होंने इस ट्वीट को हटाने के पीछे की वजह भी स्पष्ट कर दी है।
जेसन गिलेस्पी ने बताया कि ट्वीट करने के बाद उन्हें सोशल मीडिया पर भारी अपमान और गालियों का सामना करना पड़ा। एक एक्स यूजर ने जब उनसे ट्वीट हटाने का कारण पूछा तो उन्होंने जवाब दिया कि सिर्फ एक सामान्य सवाल पूछने पर भी उन्हें अपशब्द कहे गए। इसी वजह से उन्होंने ट्वीट डिलीट करने का फैसला लिया। गिलेस्पी के इस बयान को कुछ लोग भारतीय क्रिकेट फैंस पर आरोप के तौर पर भी देख रहे हैं।
आईसीसी द्वारा बांग्लादेश को टी20 वर्ल्ड कप 2026 से बाहर किए जाने के बाद गिलेस्पी ने आईसीसी की निर्णय प्रक्रिया पर सवाल उठाए थे। उन्होंने लिखा था कि क्या आईसीसी ने यह स्पष्ट किया है कि बांग्लादेश अपने मैच भारत से बाहर क्यों नहीं खेल सकता। उन्होंने यह भी याद दिलाया कि पहले भारत ने पाकिस्तान में चैंपियंस ट्रॉफी खेलने से इनकार किया था और तब उन्हें अपने मुकाबले पाकिस्तान से बाहर खेलने की अनुमति दी गई थी। गिलेस्पी ने पूछा था कि क्या अब इन मामलों में अलग-अलग मापदंड अपनाए जा रहे हैं।
आईसीसी ने दो दिन पहले बांग्लादेश क्रिकेट टीम को टी20 वर्ल्ड कप 2026 से बाहर कर दिया था। उसकी जगह स्कॉटलैंड को शामिल किया गया है। यह टूर्नामेंट अगले महीने 7 फरवरी से शुरू होने वाला है। बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड भारत में अपने मैच खेलने को लेकर तैयार नहीं था और वह अपने मुकाबले किसी अन्य देश में शिफ्ट कराने की मांग कर रहा था।
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आईसीसी ने बांग्लादेश की मांग को खारिज करते हुए साफ कहा था कि टूर्नामेंट शुरू होने में केवल तीन सप्ताह का समय बचा है। इतने कम समय में मैचों को किसी अन्य देश में शिफ्ट करना, लॉजिस्टिक और अन्य व्यवस्थाओं के लिहाज से संभव नहीं है। इसके अलावा आईसीसी ने एक अंतरराष्ट्रीय एजेंसी से भारत में सुरक्षा हालात का आकलन भी कराया था, जिसमें बांग्लादेश टीम के लिए किसी तरह के खतरे की पुष्टि नहीं हुई थी। इसके बावजूद बांग्लादेश के अपने रुख पर अड़े रहने के चलते आईसीसी ने उसे बाहर करने का कड़ा फैसला लिया।