ईशान किशन (फोटो- सोशल मीडिया)
Why SRH Picked Ishan Kishan As Skipper: पूर्व भारतीय क्रिकेटर शाहबाज नदीम ने सनराइजर्स हैदराबाद की कप्तानी को लेकर बड़ा बयान दिया है। उनका मानना है कि आईपीएल 2026 में अगर टीम ईशान किशन को अंतरिम कप्तान बनाती है, तो वह इस भूमिका के लिए पूरी तरह फिट बैठते हैं, खासकर विकेटकीपर होने के कारण।
नदीम के मुताबिक, फील्डिंग के दौरान कप्तानी सबसे ज्यादा मायने रखती है और ऐसे में विकेटकीपर कप्तान टीम को अतिरिक्त फायदा देता है। विकेट के पीछे खड़े होकर खिलाड़ी पूरे मैदान को बेहतर तरीके से पढ़ सकता है और रणनीति बना सकता है। आईपीएल 2026 से पहले ईशान किशन ने टी20 वर्ल्ड कप में 317 रन बनाए और टी20 अंतरराष्ट्रीय बल्लेबाजी रैंकिंग में दूसरे स्थान पर रहे। इसी प्रदर्शन ने उन्हें अभिषेक शर्मा से आगे कर दिया, जो कप्तानी की रेस में शामिल थे।
अभिषेक शर्मा पिछले सात सीजन से सनराइजर्स हैदराबाद के अहम खिलाड़ी रहे हैं और कप्तानी के दावेदार भी थे। हालांकि, ईशान के पास मौजूद कप्तानी अनुभव और रिकॉर्ड ने उन्हें बढ़त दिलाई। घरेलू क्रिकेट में अभिषेक पंजाब की कप्तानी करते हैं, लेकिन ईशान किशन ने झारखंड के कप्तान के रूप में शानदार प्रदर्शन किया है। उनकी अगुवाई में झारखंड ने पहली बार सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी जीती। इस टूर्नामेंट में उन्होंने 517 रन बनाए और फाइनल में हरियाणा के खिलाफ 51 गेंदों में शतक जड़ा।
नदीम ने ईशान किशन की सबसे बड़ी खासियत यह बताई कि वह युवा खिलाड़ियों के साथ आसानी से घुलमिल जाते हैं और उन्हें खुलकर खेलने की आजादी देते हैं। इससे टीम का माहौल सकारात्मक बना रहता है और खिलाड़ी बेहतर प्रदर्शन कर पाते हैं।
शहबाज नदीम ने टाइम्स ऑफ इंडिया से बात करते हुए कहा कि “उन्होंने काफी समय से कप्तानी की है। उन्होंने अंडर-19 वर्ल्ड कप में भारत की कप्तानी की और झारखंड की भी लंबे समय तक अगुवाई की है। मुझे लगता है कि सनराइजर्स हैदराबाद ने उन्हें कप्तान बनाकर अच्छा फैसला लिया है। कप्तानी एक ऐसी चीज है जो स्वाभाविक रूप से आती है। लीडर पैदा होते हैं, बनाए नहीं जाते।”
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इसके आगे नदीम ने कहा कि “उनमें वह एटीट्यूड है। मैंने इसे करीब से देखा है। पिछले दो साल में उन्होंने जिस तरह झारखंड की कप्तानी की है, वह काबिले तारीफ है। वह सभी युवा खिलाड़ियों को सहज महसूस कराते हैं और उन्हें आजादी देते हैं। कभी ऐसा नहीं लगता कि वह कप्तान हैं, बल्कि एक साथी खिलाड़ी की तरह रहते हैं। वह मैदान के अंदर और बाहर युवाओं का मार्गदर्शन करते हैं और उनमें से सर्वश्रेष्ठ निकालने की खास क्षमता रखते हैं।”