
सूर्यकुमार यादव और उनकी पत्नी (फोटो- सोशल मीडिया)
Suryakumar Yadav 82 Runs against New Zealand: बीते एक साल से सूर्यकुमार यादव का बल्ला खामोश चल रहा था। उनकी फॉर्म को लेकर लगातार सवाल उठ रहे थे और कप्तान होने के नाते उन पर दबाव भी बढ़ता जा रहा था। लेकिन रायपुर में भारत और न्यूजीलैंड के बीच खेले गए दूसरे टी-20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले में सूर्यकुमार यादव ने अपने आलोचकों को करारा जवाब दिया। उन्होंने 37 गेंदों में 82 रनों की विस्फोटक पारी खेलते हुए एक बार फिर अपनी क्लास साबित कर दी।
इस मैच में सूर्यकुमार यादव की पारी इसलिए भी खास रही क्योंकि इससे पहले लगातार 23 पारियों में उनके बल्ले से एक भी अर्धशतक नहीं निकला था। कप्तानी के साथ खराब फॉर्म के कारण उन्हें प्रेस कॉन्फ्रेंस में भी लगातार अपने प्रदर्शन को लेकर सवालों का सामना करना पड़ता था। हालांकि सूर्यकुमार हर बार मुस्कुराकर जवाब देते रहे, लेकिन यह दौर मानसिक रूप से उनके लिए आसान नहीं रहा।
खराब फॉर्म के दौरान सूर्यकुमार यादव को सबसे बड़ा सहारा उनकी पत्नी देविशा शेट्टी से मिला। मैच के बाद सूर्यकुमार ने बताया कि घर पर भी उन्हें एक “कोच” मिलता है। उन्होंने कहा कि देविशा उन्हें शांत रहने और खुद को समय देने की सलाह देती रहती थीं। वह उन्हें बहुत करीब से जानती हैं, इसलिए उनके दिमाग और सोच को भी अच्छी तरह समझती हैं।
धैर्य ने बदली तस्वीर
सूर्यकुमार यादव ने बताया कि उन्होंने पत्नी की सलाह मानी और अपनी बल्लेबाजी में धैर्य रखा। उन्होंने कहा कि पिछले मैच में भी उन्होंने ऐसा ही करने की कोशिश की थी और इस मुकाबले में भी उसी सोच के साथ उतरे। सूर्यकुमार ने स्वीकार किया कि नेट्स में अच्छा खेलने के बावजूद जब तक मैच में रन नहीं बनते, तब तक आत्मविश्वास पूरी तरह नहीं आता।
मैच में सूर्यकुमार यादव ने 37 गेंदों में 82 रन बनाए, जिसमें 9 चौके और 4 छक्के शामिल थे। उन्होंने 221.62 की शानदार स्ट्राइक रेट से बल्लेबाजी की। उनकी इस विस्फोटक पारी के साथ ईशान किशन के ताबड़तोड़ 76 रनों की मदद से भारत ने 209 रनों का लक्ष्य महज 15.2 ओवर में, 28 गेंद शेष रहते हासिल कर लिया।
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सूर्यकुमार यादव की इस पारी को उनके करियर के टर्निंग पॉइंट के रूप में देखा जा रहा है। अब जब उनका “सूर्योदय” हो चुका है, तो फैंस को उनसे लगातार बड़ी पारियों की उम्मीद होगी। आने वाले विश्व कप में सूर्यकुमार यादव का बल्ला अगर इसी तरह चलता रहा, तो भारतीय टीम के ट्रॉफी जीतने की उम्मीदें और मजबूत होंगी।






