ICC की रडार पर लॉर्ड्स और गद्दाफी स्टेडियम, पिचों को दिया डिमेरिट पॉइंट, रेफरी ने अपनी रिपोर्ट में क्या कहा?
ICC Pitch Rating: लॉर्ड्स और गद्दाफी स्टेडियम की पिचें ICC द्वारा 'असंतोषजनक' घोषित, 1-1 डिमेरिट अंक मिला। गेंदबाज-धीमी पिच पर चिंता जताई गई। बोर्ड्स के पास अपील को 14 दिन हैं।
- Written By: करुणा नंद शाहवाल
लॉर्ड्स स्टेडियम (सोर्स सोशल मीडिया)
ICC Pitch Rating England vs New Zealand Test: लॉर्ड्स की पिच पर आईसीसी का आया फैसला गया है। इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (आईसीसी) ने लंदन के लॉर्ड्स और लाहौर के गद्दाफी असंतोषजनक करार देते हुए एक डिमेरिट प्वाइंट भी दिया है। स्टेडियम को एक-एक डिमेरिट प्वाइंट दिया है। यह कार्रवाई मैच रेफरी की रिपोर्ट के आधार पर की गई है। ये रिपोर्ट लॉर्ड्स में इंग्लैंड और न्यूजीलैंड के बीच आईसीसी वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप 2025-27 साइकिल के पहले टेस्ट और लाहौर में पाकिस्तान और ऑस्ट्रेलिया के बीच तीसरे वनडे के बाद सौंपी गई थीं। दोनों वेन्यू को एक-एक डिमेरिट प्वाइंट मिला है।
आईसीसी ने पुष्टि की है कि इन दोनों मैदानों पर पहले कोई डिमेरिट प्वाइंट नहीं था। संबंधित रिपोर्ट इंग्लैंड एंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ईसीबी) और पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) को भेज दी गई हैं। अब उनके पास इस फैसले के खिलाफ अपील करने के लिए 14 दिन का समय है।
लॉर्ड्स की पिच पर आईसीसी का आया फैसला
ICC ने हाल ही में इंटरनेशनल मुकाबलों में इस्तेमाल की गई पिचों को पिच और आउटफील्ड मॉनिटरिंग प्रोसेस के तहत ‘असंतोषजनक’ माना था। लॉर्ड्स में चिंता का मुख्य कारण टेस्ट मैच के दौरान गेंदबाजों को मिली बहुत ज्यादा मदद थी, जहां तीसरे दिन बारिश की वजह से रुकावट के बावजूद मैच चार दिन के अंदर ही खत्म हो गया। मैच के शुरुआती दो दिनों में ही कुल 33 विकेट गिर गए थे।
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रेफरी एंडी पायक्रॉफ्ट ने अपनी रिपोर्ट में क्या कहा?
मैच रेफरी एंडी पाइक्रॉफ्ट ने पूरे मैच के दौरान बल्ले और गेंद के बीच असंतुलन की ओर इशारा करते हुए कहा, “पूरे टेस्ट के दौरान गेंद की सीम मूवमेंट बहुत ज्यादा थी और कई बार गेंद बहुत नीचे भी रही। पूरे मैच में बाउंस एक जैसा नहीं था, क्योंकि पहले दिन 16 और दूसरे दिन 17 विकेट गिरे। पिच की वजह से बल्ले के मुकाबले गेंद का पलड़ा बहुत भारी रहा।”
गद्दाफी स्टेडियम पिच को आईसीसी ने दिया खराब रेटिंग
दूसरी तरफ, लाहौर के गद्दाफी स्टेडियम की पिच की जांच बिल्कुल अलग कारणों से की गई। जहां लॉर्ड्स की आलोचना सीम गेंदबाजों को बहुत ज्यादा मदद देने के लिए हुई, वहीं लाहौर की पिच को वनडे मैच के लिए बहुत धीमा और रन बनाने के लिए मुश्किल माना गया।
रेफरी ग्रीम ला ब्रूय ने अपनी रिपोर्ट में क्या कहा?
पाकिस्तान और ऑस्ट्रेलिया के बीच तीसरा वनडे लो-स्कोरिंग रहा। दोनों टीमों के बल्लेबाज रन बनाने के लिए संघर्ष करते नजर आए, क्योंकि पिच शुरुआती दौर से ही स्पिनर्स को मदद कर रही थी। मैच रेफरी ग्रीम ला ब्रूय ने अपनी रिपोर्ट में इन चिंताओं का जिक्र करते हुए कहा, “पिच धीमी और नीची थी, जिससे रन बनाना बहुत मुश्किल हो गया।
यह वनडे इंटरनेशनल मैच के लिए सही नहीं थी, क्योंकि बल्लेबाजों को जमने में ज्यादा समय लग रहा था। मैच की शुरुआत से ही स्पिन गेंदबाजों को मदद मिली और पूरे मैच के दौरान यही स्थिति बनी रही।”
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स्टेडियम को डिमेरिट प्वाइंट मिलने पर क्या होता है?
उल्लेखनीय है कि आईसीसी की पिच और आउटफील्ड मॉनिटरिंग प्रोसेस के तहत, खराब क्वालिटी वाली पिच या आउटफील्ड के लिए वेन्यू को डिमेरिट प्वाइंट मिलते हैं। जिन मैदानों को पांच साल की अवधि में कई डिमेरिट प्वाइंट मिलते हैं, उन पर बैन लग सकता है। इस बैन में इंटरनेशनल क्रिकेट की मेजबानी करने से रोकना भी शामिल है।
हालांकि लॉर्ड्स या गद्दाफी स्टेडियम पर अभी कोई तुरंत खतरा नहीं है, लेकिन ये नई रेटिंग्स खेल के दो सबसे अहम वेन्यू के लिए चेतावनी की तरह हैं, क्योंकि वे भविष्य के इंटरनेशनल मैचों में और पेनाल्टी से बचना चाहेंगे।
