हैरी ब्रूक (फोटो-सोशल मीडिया)
Harry Brook Slams Potential Ban On Pakistan Cricketers: इंग्लैंड की सीमित ओवरों की टीम के कप्तान हैरी ब्रूक ने शनिवार को कहा कि अगर पाकिस्तानी क्रिकेटरों को ‘द हंड्रेड’ से बाहर रखा जाता है, तो यह क्रिकेट के लिए शर्मनाक होगा। ब्रूक ने यह टिप्पणी टी20 विश्व कप के सुपर-8 मैच से पहले श्रीलंका के खिलाफ संवाददाता सम्मेलन में की। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान ने हमेशा क्रिकेट में महत्वपूर्ण योगदान दिया है और उनकी मौजूदगी प्रतियोगिता को और रोमांचक बनाती है।
रिपोर्ट्स के अनुसार, ‘द हंड्रेड’ में भारतीय स्वामित्व वाली फ्रेंचाइजी मैनचेस्टर सुपर जायंट्स, एमआई लंदन, सदर्न ब्रेव और सनराइजर्स लीड्स है। ये चारों फ्रेंचाइजी भारत और पाकिस्तान के बीच चल रहे राजनीतिक तनाव के कारण नीलामी में पाकिस्तानी खिलाड़ियों को लेने से बच सकती हैं। ब्रूक ने कहा, “उनके पास बेहतरीन खिलाड़ी हैं और दर्शकों को आकर्षित करने की क्षमता भी रखते हैं। अगर उन्हें नीलामी में शामिल नहीं किया गया, तो यह क्रिकेट की प्रतिस्पर्धा और मज़ा दोनों के लिए नुकसान होगा।”
‘द हंड्रेड’ का आगामी सत्र 21 जुलाई से 16 अगस्त तक होगा, जबकि खिलाड़ियों की नीलामी 11 और 12 मार्च को आयोजित की जाएगी। इस टूर्नामेंट के लिए पाकिस्तान के 67 पुरुष और महिला क्रिकेटरों ने पंजीकरण कराया है, जिसमें पुरुष टी20 विश्व कप में खेल रहे लगभग सभी खिलाड़ी शामिल हैं।
ब्रूक ने यह भी कहा कि उनका मुख्य ध्यान अभी टी20 विश्व कप पर है, लेकिन पाकिस्तानी खिलाड़ियों को बाहर रखना खेल और दर्शकों के लिए उपयुक्त नहीं होगा। पाकिस्तान के कई खिलाड़ी जैसे मोहम्मद आमिर, शाहीन शाह अफरीदी, शादाब खान और हारिस रऊफ, पहले भी ‘द हंड्रेड’ में खेल चुके हैं।
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हालांकि, नवंबर 2008 के आतंकवादी हमले के बाद भारतीय स्वामित्व वाली फ्रेंचाइजी ने आईपीएल या एसए20 में कोई पाकिस्तानी खिलाड़ी शामिल नहीं किया। इसी तरह, यूएई में खेली जाने वाली आईएलटी20 में भी पाकिस्तानी खिलाड़ियों को शामिल नहीं किया गया। ब्रूक का मानना है कि नीलामी में पाकिस्तानी खिलाड़ियों को जगह देना प्रतियोगिता और दर्शकों दोनों के लिए लाभकारी होगा।