‘पहले दिन से तुम्हारा इंतजार किया…’, WC में जीत के बाद हरमनप्रीत कौर ने किया ये जरूरी काम
Harmanpreet Kaur: हरमनप्रीत कौर ने वर्ल्ड कप जीत के बाद अपनी बाजू पर ट्रॉफी का टैटू बनवाया, जो उनके संघर्ष और उपलब्धि का प्रतीक है। भारत ने फाइनल में दक्षिण अफ्रीका को 52 से हराया था।
- Written By: संजय बिष्ट
हरमनप्रीत कौर (फोटो- HarmanpreerKaur/Instagram)
Harmanpreet Kaur World Cup Tattoo: भारतीय महिला क्रिकेट टीम की कप्तान हरमनप्रीत कौर ने अपने करियर की सबसे बड़ी उपलब्धि वर्ल्ड कप जीत को एक खास अंदाज में यादगार बना लिया है। उन्होंने अपनी बाजू पर वर्ल्ड कप की ट्रॉफी का टैटू बनवाया है, जो अब हर दिन उन्हें इस ऐतिहासिक जीत की याद दिलाएगा। हरमनप्रीत ने इंस्टाग्राम पर अपने इस नए टैटू की तस्वीर साझा की, जिसे फैंस ने खूब पसंद किया।
पहले दिन से तुम्हारा इंतजार किया- हरमनप्रीत कौर
हरमनप्रीत ने अपनी सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा कि “पहले दिन से तुम्हारा इंतज़ार किया, और अब हर सुबह तुम्हें देखकर आभारी रहूंगी।”यह टैटू उन्होंने वर्ल्ड कप जीत के अगले ही दिन बनवाया। उनके लिए यह टैटू सिर्फ एक निशान नहीं, बल्कि सालों की मेहनत, संघर्ष और उस सपने का प्रतीक है जिसे उन्होंने 2009 में इंटरनेशनल करियर की शुरुआत के साथ देखा था। मंगलवार शाम को टीम इंडिया दिल्ली पहुंची, जहां खिलाड़ियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की।
52 साल के इंतजार के बाद आया सुनहरा पल
भारत ने रविवार को नवी मुंबई के डीवाई पाटिल स्टेडियम में खेले गए महिला वनडे वर्ल्ड कप 2025 के फाइनल में दक्षिण अफ्रीका को 52 रनों से हराकर इतिहास रचा। यह भारत का पहला महिला वर्ल्ड कप खिताब था। मैच में शेफाली वर्मा ने शानदार ऑलराउंड प्रदर्शन किया, जबकि दीप्ति शर्मा ने अपनी घातक गेंदबाजी से पांच विकेट झटके। टीम इंडिया ने इस जीत के साथ 52 साल के लंबे इंतजार को खत्म किया।
सेमीफाइनल में दिखाया था जज़्बा
फाइनल से पहले सेमीफाइनल में भारत ने सात बार की चैंपियन ऑस्ट्रेलिया को हराकर सबको चौंका दिया था। उस मुकाबले में हरमनप्रीत कौर ने 89 रनों की कप्तानी पारी खेली थी और जेमिमा रोड्रिग्स के साथ 167 रन की रिकॉर्ड साझेदारी कर टीम को 339 रन के विशाल लक्ष्य तक पहुंचाया था। यह महिला वनडे इतिहास का सबसे बड़ा सफल चेज़ था।
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अधूरे सपने से बनी प्रेरणा
हरमनप्रीत के लिए यह जीत बेहद खास थी क्योंकि 2017 वर्ल्ड कप फाइनल में इंग्लैंड के खिलाफ 8 रनों से मिली हार ने उन्हें भीतर तक झकझोर दिया था। उस टूर्नामेंट में उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 171 रनों की ऐतिहासिक पारी खेली थी, जिससे वह विश्व क्रिकेट में छा गई थीं। लेकिन 2017 की वो हार ही उनकी सबसे बड़ी प्रेरणा बनी, जिसने उन्हें आज इस मुकाम तक पहुंचाया, जहां वह अपने बाजू पर अपने सपनों की जीत को सदा के लिए गुदवा सकीं।
