BCCI ने क्यों बढ़ाई महिला क्रिकेटरों की 100% फीस? राजीव शुक्ला ने बताया इसके पीछे का बड़ा कारण
Rajeev Shukla: बीसीसीआई ने महिला क्रिकेट को बढ़ावा देने के लिए घरेलू महिला खिलाड़ियों की मैच फीस दोगुनी से ज्यादा बढ़ा दी, जिस पर वाइस प्रेसिडेंट राजीव शुक्ला ने फैसले की वजह भी बताई।
- Written By: संजय बिष्ट
भारत की घरेलू क्रिकेटर और राजीव शुक्ला (फोटो- सोशल मीडिया)
Indian Women Domestic Cricketers Pay Hike: बीसीसीआई के वाइस-प्रेसिडेंट राजीव शुक्ला ने महिला घरेलू क्रिकेटरों की सैलरी बढ़ाने के फैसले की खुलकर तारीफ की है। उन्होंने कहा कि इस फैसले से देश में ज्यादा लड़कियां क्रिकेट को करियर के रूप में अपनाने के लिए प्रेरित होंगी और महिला क्रिकेट का स्तर भी बेहतर होगा। बीसीसीआई ने महिला डोमेस्टिक क्रिकेट के पेमेंट स्ट्रक्चर में बड़ा बदलाव करते हुए मैच फीस में भारी बढ़ोतरी की है।
घरेलू महिला क्रिकेटरों की मैच फीस में बड़ा इजाफा
सूत्रों के मुताबिक, बीसीसीआई ने महिला घरेलू क्रिकेटरों की मैच फीस को 20,000 रुपये प्रति दिन से बढ़ाकर 50,000 रुपये प्रति दिन कर दिया है। इसके साथ ही रिजर्व खिलाड़ियों की फीस, जो पहले 10,000 रुपये प्रति दिन थी, उसे बढ़ाकर 25,000 रुपये कर दिया गया है। यह बढ़ोतरी 100 प्रतिशत से भी ज्यादा की है, जिससे महिला खिलाड़ियों को आर्थिक रूप से बड़ा सहारा मिलेगा।
वर्ल्ड कप जीत के बाद बदला पेमेंट सिस्टम
भारत की आईसीसी महिला वनडे वर्ल्ड कप 2025 की ऐतिहासिक जीत के बाद महिला क्रिकेट को जबरदस्त बढ़ावा मिला है। इसी सफलता के बाद बीसीसीआई ने महिला घरेलू क्रिकेटरों के पेमेंट सिस्टम में बदलाव का फैसला लिया। टीम इंडिया इस साल पहली बार महिला वर्ल्ड चैंपियन बनी थी, जिसके बाद बोर्ड ने खिलाड़ियों को और मजबूत करने की दिशा में यह कदम उठाया।
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राजीव शुक्ला ने फैसले को बताया ऐतिहासिक
एएनआई से बातचीत में राजीव शुक्ला ने कहा कि बीसीसीआई ने महिला क्रिकेट को आगे बढ़ाने के लिए एक और बड़ा कदम उठाया है। उन्होंने बताया कि पहले पुरुष और महिला खिलाड़ियों के बीच सैलरी में बराबरी की गई और अब घरेलू क्रिकेट में महिला खिलाड़ियों की मैच फीस बढ़ाई गई है। शुक्ला के मुताबिक, इस फैसले से न केवल खिलाड़ियों को फायदा होगा बल्कि खेल का स्तर भी ऊपर जाएगा।
जय शाह के कार्यकाल में हुए बड़े सुधार
2019 से 2024 तक बीसीसीआई सचिव रहे जय शाह के कार्यकाल में महिला क्रिकेट के लिए कई अहम फैसले लिए गए। इस दौरान पुरुष और महिला इंटरनेशनल क्रिकेटरों की सैलरी में बराबरी लागू की गई, प्रोफेशनल लीग्स का विस्तार किया गया और ग्रासरूट स्तर पर निवेश बढ़ाया गया।
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WPL से महिला क्रिकेट को मिली नई पहचान
वूमेन प्रीमियर लीग (WPL) की शुरुआत ने महिला क्रिकेट को नई पहचान दी है। इस लीग से महिला खिलाड़ियों को इंटरनेशनल एक्सपोजर, आर्थिक स्थिरता और एक मजबूत प्रतिस्पर्धी मंच मिला है। WPL ने न केवल भारतीय बल्कि विदेशी महिला क्रिकेटरों के लिए भी नए अवसर खोले हैं, जिससे महिला क्रिकेट का भविष्य और उज्ज्वल नजर आ रहा है।
