अभिनव बिंद्रा ने बीजिंग में जीता था पहला गोल्ड, निशानेबाजी में दिखाया था कमाल

भारत का पहला स्वर्ण पदक अभिनव बिंद्रा ने चीन में जीता था। बीजिंग में आयोजित 2008 ग्रीष्मकालीन ओलंपिक में अभिनव ने 11 अगस्त को पुरुषों की 10 मीटर एयर राइफल स्पर्धा में भारत का पहला स्वर्ण पदक जीता था।
अभिनव बिंद्रा ने कहा कि भारतीय निशानेबाजों को अपने अभियान पर गर्व होना चाहिए
अभिनव बिंद्रा (सौजन्यः सोशल मीडिया)
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नई दिल्ली: ओलंपिक गेम्स के शुरू होने में अब महज कुछ ही दिन बचे हैं। इसका आयोजन फ्रांस की राजधानी पेरिस में होने वाला है। खेलों के महाकुंभ का उद्घाटन समारोह 26 जुलाई को होने वाला है और इसका समापन समारोह 11 अगस्त को है। दुनिया के सबसे बड़े मंच पर भारत के खिलाड़ी अपना जलवा दिखाने को तैयार है। कुछ खिलाड़ी से तो भारत को गोल्ड मेडल की उम्मीद है। ऐसे में अब आपके जेहन में सबसे बड़ा सवाल यह आया होगा कि भारत के लिए सबसे पहला स्वर्ण पदक किसने जीता। तो चलिए आज हम आपको उनके बारे में बताते हैं।

भारत का पहला स्वर्ण पदक अभिनव बिंद्रा ने चीन में जीता था। बीजिंग में आयोजित 2008 ग्रीष्मकालीन ओलंपिक में अभिनव ने 11 अगस्त को पुरुषों की 10 मीटर एयर राइफल स्पर्धा में भारत का पहला स्वर्ण पदक जीता था। उनकी इस ऐतिहासिक उपलब्धि को आज भी सहराया जाता है।

भारत का पहला गोल्ड मेडल

बीजिंग ओलंपिक 2008 में पुरुषों की 10 मीटर एयर राइफल स्पर्धा में अभिनव ने निर्णायक क्षण में अंतिम शॉट के दौरान यह कमाल किया था। जहां उन्होंने लगभग पूर्ण स्कोर हासिल करने के लिए शानदार और कौशल का प्रदर्शन किया। उनकी इस उपलब्धि से भारत ने अपना पहला व्यक्तिगत गोल्ड मेडल जीता था।

अभिनव बिंद्रा का जन्म

अभिनव बिंद्रा का जन्म 28 सितंबर, 1982 को भारत के देहरादून में हुआ था। उन्होंने बेहद कम उम्र में शूटिंग में ट्रेनिंग लेना शुरू कर दिया था। उनके पहले कोच लेफ्टिनेंट कर्नल जे.एस. ढिल्लन थे, जिनके मार्गदर्शन में उन्होंने निशानेबाजी की ट्रेनिंग शुरू कर दी। वह शुरुआत से ही इस खेल में काफी रूची रखते थे, जो उनके शुरुआती दिनों में ही स्पष्ट दिखाई दे रहा था।

सिडनी में खेला पहला ओलंपिक

अभिनव बिंद्रा ने महज 17 साल की उम्र में सिडनी ओलंपिक में डेब्यू किया था। हालांकि वह कोई भी पदक जीतने में सफल नहीं हो पाए थे। लेकिन उनका शानदार खेल देखने मिला था। जिसके बाद उन्होंने कठिन प्रशिक्षण ली और अपने खेल को और भी ज्यादा बेहतर बनाने के लिए कई प्रतियोगिताओं में भाग लिया, जिसके लिए उन्होंने विदेश की यात्राएं भी की।

किताब भी लिखी

इतना ही नहीं अभिनव बिंद्रा ने "ए शॉट एट हिस्ट्री: माई ऑब्सेसिव जर्नी टू ओलंपिक गोल्ड" नाम की किताब भी लिखी है। जिसमें स्वर्ण पदक जीतने की उनकी यात्रा का पूरा विवरण बताया है। बिंद्रा को कई पुरस्कार भी मिल चुके हैं। जिनमें भारत का सर्वोच्च खेल सम्मान राजीव गांधी खेल रत्न पुरस्कार भी शामिल है।

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