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अपनी पार्टी की हालत पतली होती देख ऋषि सुनक जल्दी करा रहे हैं आम चुनाव
- Written By: चंद्रमोहन द्विवेदी

भारतीय मूल के ब्रिटिश प्रधानमंत्री ऋषि सुनक का कार्यकाल यद्यपि जनवरी 2025 तक है लेकिन उन्होंने अर्थव्यवस्था के संकट और अपनी अनुदार (टोरी) पार्टी के अस्तित्व के लिए उत्पन्न हो रही चुनौतियों को देखते हुए 4 जुलाई को ब्रिटेन में आम चुनाव कराने की घोषणा कर दी। 44 वर्षीय सुनक पहली बार बतौर नेता चुनाव लड़ेंगे। इससे पहले 2022 में वह पार्टी की तरफ से प्रधानमंत्री कैंडिडेट चुने गए थे। सुनक ने चुनाव कराने के अपने फैसले से किंग चार्ल्स को औपचारिक रूप से अवगत करा दिया। लगभग 6 सप्ताह बाद ब्रिटेन की हाउस आफ कॉमन्स का चुनाव होगा जिसकी कुल 650 सीटें हैं। सरकार बनाने के लिए किसी भी पार्टी को 326 सीटें मिलना आवश्यक है।
अपनी पार्टी की हालत पतली होती देखकर सुनक ने जल्दी ही चुनाव कराना उचित समझा। 2022 में ब्रिटेन के फिक्स्ड टर्म पार्लियामेंट एक्ट में संशोधन किया गया जिसके अनुसार ब्रिटिश प्रधानमंत्री का चुनाव की तारीखें तय करने का अधिकार बहाल कर दिया गया। वैसे कानूनी तौर पर हर 5 वर्ष में हाउस आफ कामन्स के चुनाव होने चाहिए। सुनक टर्म पूरी होने से लगभग 5 माह पूर्व चुनाव करवा रहे हैं। पहले यह चुनाव अक्टूबर या नवंबर में होने की उम्मीद थी। चुनाव की तारीख 4 जुलाई इसलिए भी खास है क्योंकि यह अमेरिका का स्वाधीनता दिवस है।
लोकप्रियता में भारी गिरावट
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जल्दी चुनाव कराने की वजह यह भी है कि विभिन्न सर्वेक्षणों में सुनक की लोकप्रियता निचले स्तर पर जा पहुंची है। ब्रिटेन के 70 फीसदी लोग उनके कामकाज से संतुष्ट नहीं हैं। ब्रिटेन की इकोनॉमी 2023 की दूसरी छमाही में मंदी की चपेट में आ गई और उसमें केवल 0।1 प्रतिशत की वृद्धि हुई। देश की अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने में सुनक कामयाब नहीं हो पाए। यद्यपि सुनक की कंजर्वेटिव पार्टी पिछले 14 वर्षों से सत्ता में है लेकिन मार्च में आए इप्सोस पोल ने सुनक को सबसे खराब केवल 38 रेटिंग दी। सुनक की पार्टी के ही कुछ सांसद उनके खिलाफ हैं और अविश्वास प्रस्ताव लाने की मांग कर रहे है। यह अपने आप में एक विचित्र स्थिति है। एक सांसद ने तो कंजर्वेटिव पार्टी के वर्तमान माहौल को बेचैनीपूर्ण बता डाला।
लेबर पार्टी के हौसले बुलंद
यद्यपि लेबर पार्टी बहुत लंबे समय से सत्ता से बाहर रहकर विपक्ष में बैठने के लिए मजबूर है लेकिन इस बार उसके हौसले बुलंद हैं। हाल के उपचुनावों व स्थानीय चुनावों में जीत से लेबर पार्टी का उत्साह बढ़ गया है। पार्टी प्रवक्ता ने कहा कि देश आम चुनाव की मांग कर रहा है और लेबर पार्टी ने इसके लिए कमर कस ली है। लेबर पार्टी के सामने अनावश्यक खर्च कम करने तथा सुशासन देने की चुनौती है। कितने ही मतदाता ऐसे हैं जो लंबे समय से कंजर्वेटिव पार्टी के साथ थे लेकिन पिछले उपचुनाव व स्थानीय चुनाव में उन्होंने अप्रत्याशित रूप से लेबर पार्टी के उम्मीदवार के पक्ष में वोट दिया।
सुनक का आश्वासन
प्रधानमंत्री ऋषि सुनक ने जब अक्टूबर 2022 में पद संभाला था तब 11 फीसदी से ज्यादा महंगाई थी। अब यह घटकर 2।3 प्रतिशत पर आ गई है। उन्होंने जनता को आश्वासन दिया कि आर्थिक सुरक्षा को सुधारने तथा हर किसी को अवसर देने की योजना पर हम चलते रहे तो भविष्य उज्ज्वल होगा। उन्होंने जनता से कहा कि मैं आपको अधिकतम संरक्षण देने के लिए हर कदम उठाऊंगा। अब समय आ गया है कि ब्रिटेन अपना भविष्य तय करे। सुनक की कंजर्वेटिव पार्टी को मध्य-दक्षिण पंथी विचारधारा वाली माना जाता है। सुनक ने माना कि पिछले 5 वर्ष ब्रिटेन के लिए द्वितीय विश्व युद्ध के बाद से सबसे चुनौतीपूर्ण रहे। हमारे पास भविष्य के लिए क्लीयर प्लान है। अगले सप्ताह संसद भंग कर चुनाव की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।
Seeing the poor condition of his party rishi sunak is holding general elections soon
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