-
मंगल, 28 जुलाई 2026 ई-पेपर
Top News
- Hindi News »
- Special Coverage »
- Police Reprimanded For Not Appealing In 1984 Riots Case
आज का संपादकीय: 1984 के दंगों का मामला अपील न करने पर पुलिस को फटकार
- Written By: दीपिका पाल
सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में जस्टिस धींगरा की अध्यक्षता में एसआईटी गठित की थी जो ऐसे 1999 मामलों की जांच कर रही थी जिनकी जांच-पड़ताल रोक दी गई थी. 650 पंजीबद्ध मामलों में से केवल 362 मामलों में चार्जशीट दाखिल की।

आज का संपादकीय (सौ.डिजाइन फोटो)
नवभारत डिजिटल डेस्क: यदि पुलिस अपने कर्तव्य में ढिलाई बरते तो न्यायपालिका उसे आड़े हाथ लेती है. 1984 के सिख विरोधी दंगों के अभियुक्तों की रिहाई को चुनौती देते हुए दिल्ली पुलिस ने अपील क्यों नहीं दायर की थी इसे लेकर सुप्रीम कोर्ट ने सवाल उठाए. न्यायमूर्ति अभय एस ओका और न्यायमूर्ति उज्ज्वल भुयान की पीठ ने दिल्ली पुलिस का प्रतिनिधित्व कर रहे अतिरिक्त सॉलिसीटर जनरल ऐश्वर्या भाटी से कहा कि अभियुक्तों की रिहाई के खिलाफ विशेष अनुमति याचिका दायर करें और इस मामले को गंभीरता से आगे बढ़ाएं. सुप्रीम कोर्ट शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक समिति के सदस्य कहलों की जनहित याचिका पर सुनवाई कर रहा था. कहलों की मांग पर सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में जस्टिस धींगरा की अध्यक्षता में एसआईटी गठित की थी जो ऐसे 1999 मामलों की जांच कर रही थी जिनकी जांच-पड़ताल रोक दी गई थी. 650 पंजीबद्ध मामलों में से केवल 362 मामलों में चार्जशीट दाखिल की गई थी. इनमें केवल 39 लोगों को सजा सुनाई गई थी. बाकी छूट गए थे।
अभियोजन ने उनकी रिहाई को चुनौती नहीं दी थी. इसे सुप्रीम कोर्ट ने पुलिस का ढीलापन माना है. जस्टिस धींगरा समिति ने 2020 में पाया था कि अनेक मामलों में जांच अधूरी छोड़ दी गई. यह एक गैरजवाबदार रवैया था. 4 दशक से ज्यादा बीत गए लेकिन दंगा पीड़ितों को न्याय नहीं मिल पाया. जो इन दंगों में किसी प्रकार जीवित बचे, उन्हें लगा कि उनके साथ विश्वासघात किया गया. सुप्रीम कोर्ट ने अभियोजन पक्ष को अपनी गलती सुधारने का अवसर दिया है. दिल्ली पुलिस की यह दलील कि दंगों को लेकर साक्ष्य नहीं मिल पाए, उसकी अक्षमता को दर्शाती है। मामलों को गंभीरता से लिया जाता तो साक्ष्य या प्रमाण अवश्य मिलते. जिन मामलों में जरूरी है वहां नए सिरे से जांच कर गवाह और सबूत जुटाए जाने चाहिए।
यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि अपराधी आजादी से घूमने न पाएं. इंदिरा गांधी की हत्या के बाद भड़के दंगों में सिखों के मकान, पेट्रोलपंप व वाहन जलाए गए थे. हाथ पीछे बांधकर गले में जलता टायर डालकर दौड़ाया गया था. दिल्ली में निर्मम हत्याएं हो रही थीं और पुलिस गायब थी. इस भीषण अराजकता के समय कुछ नेता दंगाइयों को भड़का रहे थे. कांग्रेस नेता जगदीश टाइटलर, सज्जन कुमार व हरिकिशनलाल भगत पर दंगे भड़काने का आरोप था. भगत का निधन हो चुका है. दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने 2 लोगों की हत्या के लिए कांग्रेस के पूर्व सांसद सज्जनकुमार को दोषी ठहराया है. उन्हें 18 फरवरी को सजा सुनाई जाएगी. सज्जन पर आरोप है कि उन्होंने दंगाई भीड़ का नेतृत्व किया और उनके उकसाने के बाद भीड़ ने पिता-पुत्र को जिंदा जला दिया था।
सम्बंधित ख़बरें
Explainer: CJP प्रदर्शन में शामिल होना अब पड़ेगा भारी? जानें फेशियल रिकग्निशन पर हाईकोर्ट में क्यों मचा बवाल
दिल्ली हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: संसद चलो मार्च की NIA जांच से इनकार, कहा- यह अदालत का विषय नहीं
छात्रों पर पुलिस की बर्बरता पर HC सख्त, मोदी सरकार को भेजा नोटिस, CCTV और बॉडी कैम फुटेज नहीं होंगे डिलीट
Delhi HC: सोनम वांगचुक को मेदांता अस्पताल में स्थानांतरित करने का निर्देश, डॉक्टरों के पैनल के गठन का आदेश
नवभारत विशेष से संबंधित ख़बरों को पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
इंदिरा गांधी की हत्या के बाद भड़के दंगों में सिखों के मकान, पेट्रोलपंप व वाहन जलाए गए थे. हाथ पीछे बांधकर गले में जलता टायर डालकर दौड़ाया गया था. दिल्ली में निर्मम हत्याएं हो रही थीं और पुलिस गायब थी. इस भीषण अराजकता के समय कुछ नेता दंगाइयों को भड़का रहे थे. कांग्रेस नेता जगदीश टाइटलर, सज्जन कुमार व हरिकिशनलाल भगत पर दंगे भड़काने का आरोप था।
लेख- चंद्रमोहन द्विवेदी के द्वारा
Police reprimanded for not appealing in 1984 riots case
Get Latest Hindi News , Maharashtra News , Entertainment News , Election News , Business News , Tech , Auto , Career and Religion News only on Navbharatlive.com
Topics:
लेटेस्ट न्यूज़
LIVEआज की ताजा खबर 28 जुलाई LIVE: नीलाद्रि बिजे अनुष्ठान के साथ संपन्न हुई 2026 की जगन्नाथ रथ यात्रा
Jul 28, 2026 | 06:22 AMBirthday Horoscope: किन राशि को मिलेंगे शिक्षा, नौकरी और दांपत्य जीवन के नए अवसर, जानें आज का जन्मदिन राशिफल
Jul 28, 2026 | 06:15 AMAyesha Jhulka Birthday: ‘पहला नशा’ से रातोंरात बनीं स्टार, फिर एक विवाद ने बदल दी आयशा जुल्का की पूरी जिंदगी
Jul 28, 2026 | 06:05 AMAmazon Great Freedom Sale 2026 का ऐलान, 7 अगस्त से शुरू होगी मेगा सेल, स्मार्टफोन से लेकर लैपटॉप तक बड़ी छूट
Jul 28, 2026 | 04:24 AMAaj Ka Rashifal: वृषभ और तुला का जागेगा भाग्य, मकर को होगा धन लाभ, जानें सभी राशियों का भविष्यफल
Jul 28, 2026 | 12:05 AMछिंदवाड़ा में जंतर-मंतर जैसे हालात; एसएके नर्सिंग कॉलेज की 60 छात्राएं न्याय की लड़ाई में सड़क पर उतरीं
Jul 27, 2026 | 11:59 PMMBBS इंटर्नस की मांगो को लेकर उमंग सिंघार ने CM मोहन यादव को लिखा पत्र; शीघ्र निर्णय लेने का किया आग्रह
Jul 27, 2026 | 11:41 PMवीडियो गैलरी

Datia By Election; पीसी शर्मा का शिवराज पर बड़ा हमला, बोले— असली डकैत तो बीजेपी वाले हैं, देखें VIDEO
Jul 27, 2026 | 10:37 PM
ट्रक ड्राइवरों से लिफ्ट लेकर ट्रेनिंग जाती थीं मीराबाई चानू, कॉमनवेल्थ गेम्स में रचा इतिहास, देखें VIDEO
Jul 27, 2026 | 10:27 PM
हंगामे के बीच संसद में पेश हुआ नया बिल, अब नकल माफियाओं पर कसेगा शिकंजा! देखें VIDEO
Jul 27, 2026 | 10:22 PM
स्कूल में 5 साल के मासूम ने की पैंट में किया पेशाब, तो टीचर ने लाइटर से जला डाला प्राइवेट पार्ट! देखें VIDEO
Jul 27, 2026 | 09:45 PM
दतिया उपचुनाव से पहले बड़ा सियासी उलटफेर! BJP पार्षद के घर में लगी सेंध, बेटी ने थामा कांग्रेस का हाथ- VIDEO
Jul 27, 2026 | 09:37 PM
वाराणसी की दालमंडी में फिर चला बुलडोजर, 180 निर्माण हुए जमींदोज; लंगड़ा हाफिज मस्जिद पर कार्रवाई शुरू- VIDEO
Jul 27, 2026 | 09:12 PM














