जबरदस्त विरोध प्रदर्शन को देखते हुए नेपाल सरकार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स से प्रतिबंध हटा लिया है।लेकिन अभी भी स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है।नेपाल सरकार ने 2024 के सुप्रीम कोर्ट के आदेश के तहत पिछले माह नोटिस जारी किया था कि सभी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स 28 अगस्त से शुरू होने वाले सप्ताह के भीतर अपना पंजीकरण करा लें ताकि स्थानीय तौर पर एक संपर्क केंद्र स्थापित हो सके, जिससे अधिकारी शिकायतों को सुनें व उनका समाधान करे।लेकिन मेटा (फेसबुक, इंस्टाग्राम, व्हाट्सएप्प), एल्फाबेट (यू-ट्यूब), एक्स (पूर्व में ट्विटर), रेडिट, लिंकडिन आदि 26 सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स में से एक ने भी सात दिन की अवधि में पंजीकरण नहीं कराया।नतीजतन 4 सितंबर को नेपाल सरकार ने इन पर प्रतिबंध लगा दिया।टिकटॉक, वीबर, निमबज व पोपो लाइव सरकार के साथ पंजीकृत हैं, इसलिए उन पर प्रतिबंध नहीं लगाया गया था।