महाराष्ट्र में बिजली सस्ती (डिजाइन फोटो)
Navabharat Nishanebaaz: पड़ोसी ने हमसे कहा, ‘निशानेबाज, महाराष्ट्र में मुख्यमंत्री देवाभाऊ की देवकृपा से बिजली सस्ती होने वाली है। यह मत समझना कि 1 अप्रैल से सस्ती बिजली देने की घोषणा कर आपको अप्रैल फूल बनाया जा रहा है। अब कुकिंग गैस का संकट भूलकर बिजली के इंडक्शन कुकर पर खाना पकाइए। आपको 10 से 14 प्रतिशत तक बिजली बिल में राहत मिलनेवाली है। मुख्यमंत्री ने महायुति सरकार की स्थापना के समय जो वचन दिया था, उसे पूरा कर दिखाया। आपको कहने की जरूरत ही नहीं पड़ी कि जो वादा किया है, निभाना पड़ेगा।’
हमने कहा, ‘बिजली के महत्व को समझते हुए फिल्मी गीत लिखे गए हैं जैसे कि बादल-बिजली, चंदन-पानी जैसा अपना प्यार, लेना होगा जनम हमें कई- कई बार। बिजली गिराने मैं चली आई, कहते हैं मुझको हवा-हवाई। बिजली के बल्ब का आविष्कार टॉमस अल्वा एडीसन ने किया था। विदर्भ की बिजली से मुंबई, पुणे, नासिक जैसे शहर जगमगाते हैं और पश्चिम महाराष्ट्र के उद्योग चलते हैं।’
पड़ोसी ने कहा, ‘जब बिजली उपलब्ध नहीं थी तो लोग दीया, चिमनी या लालटेन जलाया करते थे। लालू यादव की पार्टी राष्ट्रीय जनता दल का चुनाव चिन्ह आज भी लालटेन है। उन्होंने इसे अपग्रेड नहीं किया। कहते हैं आज भी बिहार के कितने ही गांवों में बिजली नहीं है। लोग खम्बे में लगे बिजली के तार चुराकर बेच देते हैं तो अंधेरा ही रहेगा। बिजली के लैंप पोस्ट के नीचे बैठकर पढ़ाई करने वाले आगे चलकर महापुरुष बन गए। अब इंसान बिना बिजली के जी नहीं सकता। उसे फैन, कूलर, एसी सबकुछ चाहिए। पहले एक भाई दूसरे की फिक्र करता था, अब वाई-फाई कनेक्शन चला जाए तो लोग बेचैन हो जाते हैं। फ्रिज, माइक्रोवेव, वैक्यूम क्लीनर, वाटर हीटर, मिक्सी, टीवी, कंप्यूटर, टंकी में पानी चढ़ाने वाले पम्प सभी के लिए बिजली की सप्लाई अनिवार्य है।’
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हमने कहा, ‘निशानेबाज, बिजली का उपयोग सावधानी से करना चाहिए। कितने ही लोग बिजली का शॉक लगने से जान गंवा बैठते हैं। कूलर में पानी भरते समय ध्यान रखना चाहिए कि उसमें करेंट तो नहीं आ रहा है। आसमान से गिरनेवाली बिजली से भी बचकर रहना चाहिए। मुख्यमंत्री ने बिजली तो सस्ती कर दी लेकिन बाकी वस्तुओं की महंगाई जनता को झटका दे रही है।’