नवभारत निशानेबाज: किस्मत संवारने पर ध्यान, रोडमैप बनाने का अरमान

Navbharat Nishanebaaz: जीवन में मंजिल पाने के लिए सिर्फ सपने नहीं, स्पष्ट दिशा और ठोस रोडमैप भी जरूरी है। लक्ष्य तय हो, रास्ता समझ में आए और कदम सही दिशा में बढ़ें तभी सफलता मिलती है।
Navbharat Marksman: Focused on Shaping Destiny, Aspiring to Chart a Roadmap
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Life Goal Roadmap: पड़ोसी ने हमसे कहा, 'निशानेबाज, हमें अपनी मंजिल हासिल करने के लिए रोडमैप की जरूरत है। क्या इसे बनाने में आप हमारी मदद करेंगे या फिर हम किसी बुकस्टोर से रोडमैप मंगवा लें?'

हमने कहा, 'नगर रचना विभाग के पास आपको सभी सड़कों का नक्शा मिल जाएगा। उसमें अपनी मंजिल खोजना आपका काम है। चाहें तो गूगल मैप की मदद लीजिए। कभी वह रास्ता भटकाकर किसी नदी या गहरी खाई की ओर पहुंचा देता है, इसलिए सतर्क रहिएगा।'

पड़ोसी ने कहा, 'निशानेबाज, हम शहर की गली-सड़कों की बात नहीं कर रहे, बल्कि हमारा आशय जीवन की दिशा या लक्ष्य से है। हमारी निगाह अपने गोल पर है।'

हमने कहा, 'गोल मारना है तो हाँको या फुटबॉल खखेलिए और बॉल लेकर गोल पोस्ट की ओर दौड़ते चले जाइए, हॉकी में ध्यानचंद और फुटबाल में पेले व माराडोना खूब गोल करते थे। अब यह काम रोनाल्डो और मेस्सी करते हैं।'

पड़ोसी ने कहा, 'निशानेबाज, जिंदगी को सार्थक करना है तो उसकी दशा और दिशा सुनिश्चित होनी चाहिए, इसलिए हम रोडमैप की बात कर रहे हैं।'

हमने कहा, 'अच्छा स्वास्थ्य और पर्याप्त संपत्ति हो तो व्यक्ति की दशा सही रहती है। जहां तक दिशा का सवाल है, उसे जानने के लिए कम्पास का इस्तेमाल कीजिए, दिशाहीन इंसान की हालत ऐसी होती है कि जाते थे जापान, पहुंच गए चीन, समझ गए ना! अब आप अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप को ही लीजिए, दिशाहीन होकर उन्होंने टैरिफ लगाया। इसके बाद इजराइल ने उन्हें ईरान से युद्ध में फंसाकर उनकी दशा और दिशा दोनों बिगाड़ दी। चक्रव्यूह से बाहर कैसे निकलें, इसका रास्ता ही नहीं खोज पा रहे हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सनक का नतीजा अमेरिका की जनता को भी भुगतना पड़ रहा है। वास्तुशास्त्र को मानने वाले हमारे देशवासी दिशाओं का पूरा विचार करते हैं। पूर्व दिशा की ओर मकान का द्वार रहेगा तो सूर्य की किरणें आएंगी। पश्चिम की ओर द्वार रहने से बारिश का पानी घर में घुसेगा। कुछ लोगों को दक्षिण दिशा के मुख्य द्वार वाला मकान भी दौलतमंद बना देता है जबकि यह दिशा अशुभ मानी जाती है। दिशाशूल का विचार करने वाले लोग सोमवार व शनिवार को पूर्व की तथा मंगल व बुधवार को उत्तर दिशा की और यात्रा करना टालते हैं।' पड़ोसी ने कहा, 'निशानेबाज, अंधविश्वास मत फैलाइए, हम तो यही मानते हैं कि मन चंगा तो कटौती में गंगा!'

लेख- चंद्रमोहन द्विवेदी के द्वारा

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