मुंबई में ऑरेंज गेट-मरीन ड्राइव टनल का काम शुरू (सोर्स: सोशल मीडिया)
Mumbai Orange Gate Marine Drive Tunnel: देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में भारी ट्रैफिक की समस्या हल करने के लिए मेट्रो रेल,कोस्टल रोड के विस्तार के साथ अंडरग्राउंड टनेल रोड का काम भी तेजी से चल रहा है। मुंबई के पश्चिमी हिस्से मरीन ड्राइव को सीधे पूर्वी हिस्से के ऑरेंज गेट को जोड़ने के लिए टनल रोड बनाई जा रही है। यह मुंबई की सबसे गहरी शहरी टनेल है। मुंबई कोस्टल रोड की सुरंगें मालाबार हिल के नीचे 72 मीटर की अधिकतम गहराई तक बनी हैं। लेकिन ऑरेंज गेट प्रोजेक्ट खास तौर पर मुंबई के घनी आबादी वाले क्षेत्र व बड़ी इमारतों के नीचे से गुजरने वाली है। इसलिए इसे 75 मीटर से अधिक की टनलिंग कर बनाया जा रहा है।
एमएमआरडीए के अनुसार मुंबई के इस अंडरग्राउंड मोबिलिटी प्रोजेक्ट ने बड़ा माइलस्टोन हासिल कर लिया है। ऑरेंज गेट–मरीन ड्राइव टनल का मेन ड्राइव शुरू हो चुका है। यह भारत के सबसे कठिन शहरी रोड टनलिंग प्रोजेक्ट्स में से एक है। ऑरेंज गेट-मरीन ड्राइव के मेन टनलिंग ड्राइव की शुरुआत होने से अब प्रोजेक्ट के काम में और तेजी आएगी। मुंबई की मुश्किल कोस्टल जियोलॉजी के लिए खास तौर पर बनाई गई भारत की सबसे बड़ी स्लरी शील्ड TBM टनल बोरिंग मशीन (टीबीएम) तेजी से टनलिंग का काम कर रही है। कुछ ही दिनों में 70 मीटर की शानदार खुदाई कर ली है। उल्लेखनीय है कि इस टीबीएम को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और MMRDA चेयरमैन एकनाथ शिंदे ने 3 दिसंबर, 2025 को लॉन्च किया था।
मुंबई में ऑरेंज गेट-मरीन ड्राइव टनल का काम शुरू
इस टनल प्रोजेक्ट की कुल लंबाई लगभग 9.96 किमी है, जिसमें से लगभग 7 किमी जमीन के नीचे जुड़वा सुरंग बनाई जा रही है। ट्विन-ट्यूब सुरंगें, जिनमें से हर एक में दो ट्रैफिक लेन (3.2 मीटर चौड़ाई) और एक डेडिकेटेड इमरजेंसी लेन (2.5 मीटर) होगा। पहली टनल, जो अभी बन रही है, 3.45 किमी तक फैली हुई है। यह सेंट्रल और वेस्टर्न रेलवे कॉरिडोर और मुंबई मेट्रो लाइन 3 के नीचे से गुज़रने वाली है।
ऑरेंज गेट-मरीन ड्राइव टनल और ईस्टर्न फ्री वे से होते हुए सीधे अटल सेतु से जुड़ेगी। जबकि पश्चिमी तट के साथ इसे सीधा लिंक मिलेगा। इस समय मुंबई के पश्चिमी इलाके से ऑरेंज गेट तक पहुंचने में 35 से 40 मिनट लग जाते हैं। यह रोड टनेल तैयार होने के बाद वाहनचालक मात्र 5 मिनट में मरीन ड्राइव से ईस्टर्न फ्री वे पर पहुंच जाएंगे।
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8,056 करोड़ रुपये का यह प्रोजेक्ट साउथ मुंबई के सबसे भीड़-भाड़ वाली सड़कों को बाईपास करने के लिए एमएमआरडीए द्वारा डिज़ाइन किया गया। यह अलाइनमेंट लगभग 700 इमारतों, हेरिटेज साइट्स और मौजूदा इंफ्रास्ट्रक्चर के नीचे से सुरक्षित रूप से गुजरने के लिए 12 से 52 मीटर की औसत गहराई बनाए रखता है। यह अंडरग्राउंड सड़क ऑरेंज गेट से डी’मेलो रोड पर पुराने एल्फिंस्टन ब्रिज, रेलवे ट्रैक, जेजे फ्लाईओवर, भिंडी बाज़ार, खेतवाड़ी और लैमिंगटन रोड के नीचे से गुज़रने वाली है। यह मेट्रो 3 लाइन के नीचे से भी गुजरने वाली है। बताया गया कि प्रोजेक्ट लगभग 16% पूरा हो चुका है। इसे जून 2028 तक पूरा करने का लक्ष्य राज्य सरकार ने रखा है।