मुख्यमंत्री राहत कोष (सौजन्य-नवभारत)
Maharashtra CM Sahayata Nidhi: गोंदिया जिले में मुख्यमंत्री राहत कोष मरीजों के लिए ‘फरिश्ता’ बना है और इसने साल भर में गोंदिया जिले में गरीब मरीजों को 67 लाख रु। की आर्थिक मदद दी है। जिले के जरूरतमंद मरीजों को पिछले साल मुख्यमंत्री राहत कोष और धर्मदाय अस्पताल के मदद कक्ष के जरिए बड़ी राहत मिली है। 1 मई, 2025 से 27 मार्च, 2026 तक की अवधी में कुल 88 लाभार्थियों को 67 लाख 50 हजार रुपये की आर्थिक मदद दी गई है।
मुख्यमंत्री राहत कोष राज्य में जरूरतमंद मरीजों को गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए आर्थिक मदद देने के उद्देश्य से काम कर रहा है। यह कोष प्राकृतिक आपदाओं, बड़े हादसों और कई गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए तुरंत आर्थिक मदद देता है। साथ ही, इस योजना का लाभ उन गरीब मरीजों को भी मिलता है जिनका राज्य के रजिस्टर्ड अस्पतालों में इलाज चल रहा है और जो दूसरी सरकारी स्वास्थ्य योजना का लाभ नहीं उठा पा रहे हैं।
इस योजना के तहत कैंसर, दिल की बीमारी, ऑर्गन ट्रांसप्लांट, बोन मैरो ट्रांसप्लांट, डायलिसिस, दिमाग की बीमारियों, जलने के मरीजों और दूसरी गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए आर्थिक मदद दी जाती है। पहले, लोगों को इस निधि के लिए आवेदन करने के लिए मुंबई जाना पड़ता था। इस वजह से आम लोगों को बहुत समय और खर्च उठाना पड़ता था।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस समस्या को खत्म कर दिया। कक्ष प्रमुख रामेश्वर नाइक की पहल पर, राज्य सरकार ने हर जिले के जिलाधीश कार्यालय में एक मुख्यमंत्री सहायता निधि व धर्मदाय अस्पताल मदद कक्ष की स्थापना करने का निर्णय लिया। इसके अनुसार, 1 मई 2025 से गोंदिया के जिलाधीश कार्यालय में मुख्यमंत्री सहायता निधि व धर्मदाय अस्पताल मदद कक्ष की स्थापना की गई है।
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इस कक्ष के जरिए मरीजों को आवेदन प्रक्रिया, जरूरी दस्तावेज और इलाज के लिए आर्थिक मदद के बारे में मार्गदर्शन किया जाता है। उक्त कक्ष जिलाधीश प्रजित नायर, निवासी उप जिलाधीश भैयासाहेब बेहेरे, डीन डॉ. कुसुमाकर घोरपड़े, जिला शल्य चिकित्सक डॉ. पुरुषोत्तम पटले और वैद्यकीय अधीक्षक डॉ. दिगंबर मरस्कोल्हे के नेतृत्व में, वैद्यकीय अधिकारी डॉ. मुकेश येरपुडे, वैद्यकीय समाजसेवक अधीक्षक मारोती कुचनकर और समन्वयक अभिषेक भलाई के मार्गदर्शन में चलाया जा रहा है।
इस योजना का लाभ पाने के लिए मरीज के परिवार की सालाना आय 1.60 लाख रुपये के अंदर हो, आवेदन के साथ तय फ़ॉर्मेट में आवेदन फ़ॉर्म, आधार कार्ड, राशन कार्ड, आय प्रमाणपत्र, मेडिकल खर्च का अंदाजा और संबंधित बीमारी के मेडिकल डॉक्यूमेंट जमा करना जरूरी है।
साथ ही, दुर्घटना के शिकार लोगों की MLC रिपोर्ट (मेडिकल लीगल केस) होना भी जरूरी है। गोंदिया ज़िले में आर्थिक वर्ष 2025-26 में 88 मरीजों की मदद की गई है। जिले के जरूरतमंद मरीजों से इस योजना का अधिकाधिक लाभ लेने की अपील की गई है।