- Hindi News »
- Special Coverage »
- Municipal Elections Opportunism Bjp Shiv Sena Pawar Alliance
संपादकीय: महापालिका चुनाव में मौकापरस्ती हावी
Municipal Elections: महापालिका चुनावों में विचारधारा नहीं, अवसरवाद हावी है। बदलते गठबंधन, आयातित उम्मीदवार और स्थानीय मुद्दों की अनदेखी ने चुनाव को सत्ता की जंग बना दिया है।
- Written By: दीपिका पाल

महापालिका चुनाव में मौकापरस्ती हावी (सौ. डिजाइन फोटो)
नवभारत डिजिटल डेस्क: महापालिका चुनाव फ्री-स्टाइल शैली में हो रहे हैं। किसी शहर में बीजेपी और शिवसेना शिंदे के बीच गठबंधन है तो किसी अन्य शहर में ये दोनों पार्टियां प्रतिद्वंद्वी बनी हुई हैं। कहीं ऐसा भी है कि बीजेपी को चुनौती देने के लिए अजीत पवार और शरद पवार की पार्टियों ने आपस में हाथ मिला लिया है। इससे स्पष्ट है कि 15 जनवरी को होनेवाले इस चुनाव में कोई विचारधारा नहीं बल्कि अवसरवाद व्याप्त है। बीजेपी एक समय खुद को पार्टी विद डिफरेंस (दूसरों से अलग दल) बताया करती थी। अब उसका नेतृत्व किसी भी दूसरी पार्टी से आए मजबूत नेता को स्वीकार कर लेता है। उसके लिए अपने कार्यकर्ताओं को अवसर देना जरूरी नहीं रह गया है।
बीजेपी ने 19 महापालिकाओं में ऐसे 337 उम्मीदवारों को टिकट दिया है जो दूसरी पार्टियों से आयात किए गए हैं। इस वजह से बीजेपी को अपने ही कार्यकर्ताओं का असंतोष झेलना पड़ रहा है। ऐसे लोगों को भी उम्मीदवारी दी गई है जिनकी कोई राजनीतिक विचारधारा नहीं है। चुनाव क्षेत्र को विकसित करने और वहां प्रभाव मजबूत करने का काम स्थानीय दबंगों पर छोड़ दिया गया है जो अपना स्वार्थ पहले देखते हैं। कुछ शहरों में बीजेपी कार्यालयों पर हमला, लूटपाट व तोड़फोड़ का नजारा देखा गया, कहीं मंत्रियों के वाहनों पर स्याही फेंकी गई। स्थानीय मुद्दों को कोई भी पार्टी गंभीरता से उठाती दिखाई नहीं देती। शहरों के बेतरतीब विस्तार ने अनेक समस्याएं उत्पन्न कर दी हैं जिनसे नागरिक परेशान हैं। टूटी और उखड़ी सड़कें, फुटपाथ पर अतिक्रमण, अंडरपास में बहता गंदा पानी, अव्यवस्थित यातायात का नजारा शायद नेताओं को दिखाई नहीं देता।
नेताओं और बिल्डरों ने हाथ मिला लिया है जिससे अतिक्रमण बढ़ता जा रहा है। नाशिक से लेकर उत्तर महाराष्ट्र तक कुछ नेताओं ने अपना राजनीतिक लाभ देखते हुए बार-बार पार्टी बदली है। नाशिक में शिवसेना (उद्धव) के 2 स्थानीय नेताओं ने पहले तो उद्धव व राज ठाकरे के हाथ मिलाने पर जश्न मनाते हुए कहा कि बीजेपी को गंगा में बहा देंगे, फिर दूसरे ही दिन ये नेता बीजेपी में चले गए। इस तरह की मौकापरस्ती और बेईमानी नजर आने लगी है। पुणे में अजीत पवार की पार्टी खुलकर बीजेपी को चुनौती दे रही है। एक ही सरकार में रहने के बावजूद महापालिका चुनाव में पार्टियां व उनके नेता आपस में जमकर भिड़ रहे हैं। अजीत पवार ने जहां पिंपरी-चिंचवड में भ्रष्टाचार के बहाने बीजेपी पर निशाना साधा वहीं बीजेपी ने अजीत को उनके पुराने पन्नों की याद दिलाई। बावनकुले ने कहा कि पुराने पन्ने पलटें तो अजीत बोल नहीं पाएंगे।
सम्बंधित ख़बरें
BMC Education Budget: मुंबई के स्कूलों का 4248 करोड़ से होगा कायाकल्प; जानें स्टूडेंट्स के लिए क्या है खास
बीएमसी का 81 हजार करोड़ का महाबजट पेश: छात्राओं को FD और मुंबईकरों को इंफ्रा का तोहफा, जानें बड़ी बातें
BMC बजट 2026-27: कोस्टल रोड और जीएमएलआर को मिलेगा भारी फंड, एफडी की राशि में आ सकती है कमी
BMC की बड़ी कार्रवाई, 378 करोड़ बकाया पर 12 संपत्तियों की ई-नीलामी शुरू
ये भी पढ़ें- ‘नवभारत विशेष’ की अन्य रोचक ख़बरों और लेखों को पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
महायुति की 68 स्थानों पर निर्विरोध जीत के लिए विपक्षी दलों ने नाराजगी दिखाई और उसे भ्रष्टाचार बताया तो मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा- तुमको मिर्ची लगी तो मैं क्या करूं! महापालिका चुनाव को मिनी विधानसभा चुनाव माना जाता है लेकिन इसमें कहीं कोई सिद्धांतवादिता नजर नहीं आती। किसी भी कीमत पर चुनाव जीतना ही मुख्य ध्येय बनकर रह गया है।
लेख-चंद्रमोहन द्विवेदी के द्वारा
Municipal elections opportunism bjp shiv sena pawar alliance
Get Latest Hindi News , Maharashtra News , Entertainment News , Election News , Business News , Tech , Auto , Career and Religion News only on Navbharatlive.com
Topics:
लेटेस्ट न्यूज़
नवभारत निशानेबाज: BJP का राजाजी के प्रति प्रेम तमिलनाडु चुनाव के लिए गेम
Feb 26, 2026 | 06:54 AMManmohan Desai Amitabh Bond: निर्देशक नहीं, दोस्त थे मनमोहन देसाई, अमिताभ बच्चन संग उनका अटूट रिश्ता बना मिसाल
Feb 26, 2026 | 06:43 AMLIVEआज की ताजा खबर 26 फरवरी: PM मोदी के इजरायल दौरे का आज दूसरा दिन, नेतन्याहू से करेगें द्विपक्षीय वार्ता
Feb 26, 2026 | 06:18 AMवीर सावरकर पुण्यतिथि: काला पानी की वो खौफनाक सजा और आत्मार्पण की अनसुनी कहानी, कैसे विनायक बने स्वातंत्र्यवीर?
Feb 26, 2026 | 06:01 AMVPN लगा लिया तो समझे सुरक्षित? ये 4 गलतियां आपकी ऑनलाइन प्राइवेसी को कर सकती हैं बर्बाद!
Feb 26, 2026 | 05:54 AMBirthday Horoscope: 26 फरवरी को जन्मे लोगों की चमकेगी किस्मत, मिलेगा राज्य सम्मान और भारी धन लाभ!
Feb 26, 2026 | 05:36 AM1 अप्रैल 2026 से बदल जाएगा पेट्रोल, आपकी बाइक-कार पर क्या पड़ेगा असर? जानिए E20 और RON 95 का पूरा गणित
Feb 26, 2026 | 03:44 AMवीडियो गैलरी

मालेगांव सरकारी दफ्तर में नमाज पर भड़के नितेश राणे, मदरसों को लेकर दिया विवादित बयान, देखें VIDEO
Feb 25, 2026 | 06:35 PM
टिकट काटने वाले काट रहे गरीबों की जेब! आनंद बिहार रेलवे स्टेशन पर टिकट बाबू ने किया गजब का कांड, देखें-VIDEO
Feb 25, 2026 | 05:54 PM
दलित दंपति को सरेआम बेइज्जत कर मंदिर से बाहर निकाला
Feb 25, 2026 | 05:46 PM
झुग्गी झोपड़ी-फुटबॉल और क्राइम…क्या है Amitabh Bachchan की Jhund वाले विजय बारसे की असली कहानी?
Feb 24, 2026 | 07:45 AM
रीवा में पोस्टर वार: ‘ब्रेनलेस और स्टुपिडिटी’ शब्दों से BJP ने कांग्रेस को घेरा; राहुल गांधी पर सीधा हमला
Feb 22, 2026 | 01:07 PM
BHU में ठांय-ठांय, बिरला हॉस्टल के पास छात्र गुटों में भिड़ंत; उठी चीफ प्रॉक्टर के इस्तीफे की मांग
Feb 22, 2026 | 12:54 PM














