निशानेबाज: मकान, कार, ऑटो की संपत्ति इंदौर का भिखारी करोड़पति
Social Fraud Case: इंदौर में भिखारीमुक्त अभियान के दौरान करोड़पति भिखारी का खुलासा हुआ। संपत्ति और साधन होने के बावजूद भीख मांगना केवल आदत नहीं, बल्कि समाज से धोखाधड़ी है।
- Written By: अंकिता पटेल
प्रतीकात्मक तस्वीर ( सोर्स: नवभारत )
नवभारत डिजिटल डेस्क: पड़ोसी ने हमसे कहा, ‘निशानेबाज, इंदौर में एक भिखारी करोड़पति निकला। भिखारीमुक्त शहर अभियान चलाए जाने के दौरान उसके बारे में पता चला। उस भिखारी का नाम मांगीलाल है।’ हमने कहा, ‘जब नाम मांगीलाल है तो भीख मांगेगा ही। यह उसका पेशा या शौक हो सकता है। कुछ लोग आदत से मजबूर होते हैं और हर समय बेशर्मी से हाथ फैलाते हैं। उनकी जिंदगी हाथ में कटोरा लेकर भीख मांगने में ही बीत जाती है।
‘ पड़ोसी ने कहा, ‘निशानेबाज, इंदौर के सराफा बाजार में पहिएवाली ट्राली पर बैठे मांगीलाल की दीनता देखकर लोग उसे भिक्षा देते हैं। जब मध्यप्रदेश सरकार के महिला व बाल विकास विभाग की टीम ने मांगीलाल से कहा कि उसका पुनर्वास कर दिया जाएगा तो उसने सच बता दिया कि भगतसिंह नगर में उसका 3 मंजिला मकान है।
शिवनगर में भी 600 वर्ग फीट का मकान और अलवासा में फ्लैट है। उसके पास 3 आटोरिक्शा, एक स्विफ्ट डिजायर कार है जिसके लिए उसने ड्राइवर नौकरी पर रखा है। वह भीख की रकम से ऊंची ब्याज दर पर साहूकारी-महाजनी का धंधा करता है। सराफा बाजार के छोटे व्यापारियों को ब्याज पर रकम देता है।
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उसका बैंक अकाउंट भी है और प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत उसे मकान भी मिला है।’ हमने कहा, ‘इतना सब होने पर भी वह आदत से लाचार है। उसकी मानसिकता स्वाभिमान शून्य भिखमंगे की है। आर्थिक स्थिति अच्छी होने पर भी वह भीख मांगकर लोगों को ठगता है। उसे कोई कितना भी समझाए या काउंसलिंग करे वह सुधरनेवाला नहीं है।
ऐसे लोगों को चीटिंग के आरोप में कड़ी सजा देकर जेल भेजना चाहिए।’ पड़ोसी ने कहा, ‘निशानेबाज, ऐसे कितने ही नकली भिखारी होंगे जो लोगों की सहानुभूति का अनुचित लाभउठाकर उनका पैसा ठगते होंगे।
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इन पर निगरानी रखकर भंडाफोड़ करना होगा। इंदौर के इस भिखारी ने तो धोखाधड़ी कर प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ भी उठाया। यह अपराध है। जो वास्तव में दरिद्र और लाचार हैं उनकी बात अलग है, लेकिन जो करोड़ों की दौलत रखने के बाद भी भीख मांगे, उस पर दया करने की कोई आवश्यकता नहीं है।’
लेख- चंद्रमोहन द्विवेदी के द्वारा
