निशानेबाज: अमेरिकी दाल पर टैरिफ लगाया, भारत ने अपना रंग दिखाया

India-US Tariff War: अमेरिका और भारत के बीच टैरिफ विवाद को व्यंग्यात्मक अंदाज़ में पेश करता यह लेख बताता है कि कैसे वैश्विक राजनीति में दाल, दोस्ती और व्यापार एक-दूसरे से टकरा रहे हैं।
Nishanebaaz
नवभारत निशानेबाज (सौ. डिजाइन फोटो )
Published on: 
Updated on: 

नवभारत डिजिटल डेस्क: पड़ोसी ने हमसे कहा, 'निशानेबाज, हम ट्रैफिक की समस्या से परेशान हैं जो बेहद अस्त-व्यस्त हो गया है। रास्ता पार करना बहुत रिस्की हो गया है।' हमने कहा, 'ट्रैफिक को भूल जाइए, टैरिफ की चिंता कीजिए जिसने अमेरिका और भारत के बीच रिश्तों की राह बहुत कठिन कर दी है।

प्रधानमंत्री मोदी ने अमेरिकी राष्ट्रपति के पिछले टर्म में अहमदाबाद के स्टेडियम में 'नमस्ते ट्रंप' का भव्य आयोजन करवाया था। दोनों नेता एक-दूसरे के आगोश में थे लेकिन अब ट्रंप के तेवर बदल चुके हैं। दोस्त-दोस्त न रहा, प्यार-प्यार न रहा!'

पड़ोसी ने कहा, 'निशानेबाज, ट्रंप ने भारत पर दंडात्मक 50 प्रतिशत टैरिफ लगा दिया, क्योंकि हम रूस से क्रूड आयल खरीद रहे थे। अब भारत ने भी ट्रंप को झटका 43,30% वाली दाल पर 30 प्रतिशत टैरिफ लगा दिया। इसे कहते हैं जैसे को तैसा! अमेरिका की दाल का मतलब है पीली मटर या बटाने की दाल ! हमने कहा, 'कुछ भी हो, हमारे सामने अमेरिका की दाल नहीं गलने पाएगी।

हमारे देशवासी जानते हैं कि अमेरिका की दाल में कुछ काला है। इसलिए हमारी स्वदेशी दाल से हम गुजारा कर लेंगे। अपने यहां दाल को लेकर कितनी ही कहावतें हैं जैसे कि ये मुंह और मसूर की दाल! छाती पर मूंग दलना! तीन बुलाए तेरह आए, डालो दाल में पानी! भारत में विविध प्रकार की दाल उपलब्ध हैं जैसे कि यूपी में उड़द की दाल ज्यादा खाई जाती है। उसके दहीबड़े भी बनते हैं।

महाराष्ट्र में तुवर या अरहर की दाल खाई जाती है। पंजाब में चने की दाल, हिमाचल प्रदेश में राजमा खाया जाता है। गुजरात में दाल-चावल की खिचड़ी पसंद की जाती है। विदर्भ में लाखोड़ी दाल की पैदावार होती है। जब 2 लोगों के विवाद में तीसरा टपक पड़ता है तो कहते हैं- दाल-भात में मूसरचंद !' पड़ोसी ने कहा, 'दाल में पालक डालकर पकाओ तो दाल भाजी बन जाती है। सभी तरह की दाल मिक्स करके बनाओ और हींग का तड़का दो तो बढ़िया स्वाद आता है। अपने यहां कहा गया है- दाल-रोटी खाओ, प्रभु के गुण गाओ !'

लेख- चंद्रमोहन द्विवेदी के द्वारा

Navbharat Live
navbharatlive.com