- Hindi News »
- Special Coverage »
- Genetic Crisis Deepens In Tigers And Leopards
विशेष: जंगलों से प्राकृतिक संतुलन बुरी तरह बिगड़ा, बाघों और तेंदुओं में गहराने लगा आनुवांशिकता संक
- Written By: दीपिका पाल
Environmental Protection: शहरी क्षेत्रों में रोज बाघ तेंदुओं के आने से सामान्य जीवन भी मुश्किल होता जा रहा है। मध्य प्रदेश के बाद उत्तर प्रदेश तथा राजस्थान भी टाइगर स्टेट का दर्जा पाने की ओर अग्रसर है

बाघों और तेंदुओं में गहराने लगा आनुवांशिकता संकट (सौ.सोशल मीडिया)
नवभारत डिजिटल डेस्क: पूरा जनमानस इस समय कुत्तों को लेकर दो गुटों में बंटा हुआ है। एक गुट इन्हें प्रश्रय देने के पक्ष में है, दूसरा चाहता है कि इन्हें मानव आबादी से दूर किया जाए। मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच चुका है। लेकिन कुत्तों की चिंता में बाघ-तेंदुओं की अनदेखी एक नए संकट को जन्म दे रही है। यह संकट न सिर्फ प्रोजक्ट टाइगर को मात देगा बल्कि आने वाली पीढ़यों के सामने बाघ तेंदुओं की ऐसी दुनिया पेश करेगा, जिसे जानकर इंसान भी खुद चकित रह जायेगा। उत्तर प्रदेश, राजस्थान, बिहार, महाराष्ट्र, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश में बाघ तेंदुओं के आतंक ने लोगों का जीवन हराम कर दिया है।
शहरी क्षेत्रों में रोज बाघ तेंदुओं के आने से सामान्य जीवन भी मुश्किल होता जा रहा है। मध्य प्रदेश के बाद उत्तर प्रदेश तथा राजस्थान भी टाइगर स्टेट का दर्जा पाने की ओर अग्रसर हैं। इसके साथ ही इन राज्यों में बाघ तेंदुओं ने जंगल को छोड़कर बस्तियों में डेरा डालना आरंभकर दिया है। चिंतनीय पहलू यह कि अब इन्होंने ट्रैपिंग पद्धति को भी धता बताना सीख लिया है। कई दिनों तक इन्हें ट्रैप करने के लिए लगाए गए पिंजड़े, शिकार के साथ लगे रह जाते हैं और ये या तो दूसरे स्थान पर शिकार कर लेते हैं या फिर वह मौका देखकर शिकार को ही ले उड़ते हैं।
सम्बंधित ख़बरें
नागपुर में ई-कचरा अभियान को शानदार प्रतिसाद, नागरिकों ने बढ़ाया हाथ; रीसाइक्लिंग को मिला बढ़ावा
मंडला: कान्हा टाइगर रिजर्व में बाघ के हमले से वनकर्मी की मौत, गश्त के दौरान किया अटैक
नागपुर: बाघों पर AI की नजर, गांव के पास पहुंचते ही ग्रामीणों को मिलेगी सूचना, नई तकनीक हुई शुरू
नासिक: गंगापुर रोड पर कुदरत का करिश्मा, एनजीटी की रोक के बाद कटे हुए बरगद के पेड़ों से फिर फूटने लगीं कोंपलें
वर्तमान में देश में 4000 के करीब बाघ तेंदुओं के होने की संभावना है। मध्य प्रदेश में इनकी संख्या सर्वाधिक 785 है तथा उसके बाद उत्तर प्रदेश और राजस्थान का नंबर आता है। जिस तरह से इन तीनों स्टेट में बाघों और तेंदुओं की संख्या बढ़ रही है, उससे अब इनकी प्रजातियों पर जीन पूल का खतरा मंडराना आरंभ हो गया है। जीन पूल का संकट का मतलब है किसी प्रजाति की आनुवांशिक विविधता का कम होना। यह समस्या हमारे यहां बाघों और तेंदुओं दोनो में ही गंभीर रूप से सामने आ रही है। ये छोटे छोटे आइसोलेटेड पापुलेशन में बंटे हुए हैं। जिस कारण ये बार बार आपस में ही प्रजनन प्रक्रिया (इनब्रीडिंग) दोहराते हैं, जिसके कारण इनसे पैदा होने वाले बच्चे न सिर्फ कमजोर जीन वाले हो रहे हैं बल्कि उनमें जन्म से ही कई किस्म की बीमारियां और कमजोर इम्यूनिटी की समस्या पैदा हो गई है।
इसे दूर करने का एक ही तरीका है कि टाइगर प्रोजेक्ट के तहज जो आसोलेटेड टाइगर रिजर्व हैं, उन्हें एक सुरक्षित कारीडोर के जरिये आपस में जोड़ दिया जाए और बाघ तेंदुओं की इस आबादी को साथी मिल जाएं। यदि बाघ तेंदुओं की लंबे समय तक अनदेखी हुई, तो यह न सिर्फ शहरों में रहने को मजबूर होंगे बल्कि इनकी स्वभाविकता भी खत्म हो जाएगी। इनकी स्वभाविकता में शामिल है जानवरों का शिकार, जंगलों में अपने परिवार के साथ अठखेलियां करना तथा अपनी शारीरिक सुंदरता को बरकरार रखते हुए प्रकृति के संतुलन की रक्षा करना।
अनदेखी की तो शहरों में घुस जाएंगेः
देश में सिमटते जंगलों के कारण कई समस्याएं उठ खड़ी हुई हैं। माना जा रहा है कि भारत में इस सदी में करीब 25 से 28 हजार वर्ग किलोमीटर वन भूमि समाप्त हो गई है, जिससे जंगल न होने से जंगली जानवरों की कमी स्वभाविक है। इसमें नील गाय, हिरन, जंगली सुअर, भेड़एि, लोमड़ी के साथ ही दूसरे वे वन्यजीव भी हैं, जो बाघ तेंदुओं के लिए भोजन का काम करते हैं। चूंकि अब जंगल नहीं हैं तो हरी घास के मैदान या चारागाह नहीं होने से वन्यजीव प्रजनन घटता जा रहा है।
लेख- मनोज वार्ष्णेय के द्वारा
Genetic crisis deepens in tigers and leopards
Get Latest Hindi News , Maharashtra News , Entertainment News , Election News , Business News , Tech , Auto , Career and Religion News only on Navbharatlive.com
लेटेस्ट न्यूज़
मुंबई में मानसून 25 जून तक पहुंचने की संभावना, 1000 आपदा मित्र और NDRF टीमें तैनात
Jun 16, 2026 | 07:29 AMमध्य प्रदेश में जून में कम बरसा पानी, आज 30 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट, 18-19 तक मानसून की दस्तक संभव
Jun 16, 2026 | 07:28 AMAaj Ka Mausam: IMD ने दिल्ली-यूपी समेत इन राज्यों के लिए जारी किया अलर्ट, जानें कब मिलेगी गर्मी से राहत
Jun 16, 2026 | 07:23 AMनागपुर-गोवा शक्तिपीठ एक्सप्रेसवे को मंजूरी, 856 किमी एक्सप्रेसवे का रास्ता साफ, अब शुरू होगा भूमि अधिग्रहण
Jun 16, 2026 | 07:23 AM20 साल का सूखा खत्म, फीफा वर्ल्ड कप में खेला भारतीय मूल का यह धाकड़ खिलाड़ी; तुर्की के खिलाफ रचा इतिहास
Jun 16, 2026 | 07:19 AMराज्य में अब तक केवल 42% आयुष्मान कार्ड बने, शेष पंजीकरण जल्द पूरा करने के निर्देश
Jun 16, 2026 | 07:14 AMखत्म हुई रोहित पवार की भूख हड़ताल, 22 जून को मिलेगा किसान कर्जमाफी की समस्या का समाधान
Jun 16, 2026 | 07:12 AMवीडियो गैलरी

पेट्रोल से ₹20 तक सस्ता होगा E100 फ्यूल! जानिए गन्ने से बने इस नए ईंधन के फायदे और नुकसान- VIDEO
Jun 15, 2026 | 11:02 PM
जयपुर में ‘कॉकरोचों’ के मुखिया का थप्पड़ों से स्वागत! युवकों ने अभिजीत को रसीद किए कई थप्पड़, देखें VIDEO
Jun 15, 2026 | 09:52 PM
अमेरिका-ईरान में समझौते से क्या Israel पड़ गया अकेला? 5 पॉइंट में समझे अंदर की बात, VIDEO
Jun 15, 2026 | 09:05 PM
गूगल मैप ने शादी में जा रहे परिवार को पहुंचाया नाले में, दो घंटे चला रेस्क्यू ऑपरेशन, देखें हापुड़ का VIDEO
Jun 15, 2026 | 08:57 PM
भाड़ में जाए G7 और फोटो खिंचवाना… हमारे लोग नाली के कीड़े नहीं, अमेरिका पर भड़के GD Bakshi; देखें- VIDEO
Jun 15, 2026 | 08:32 PM
अमेरिका ने दबाई PM मोदी की नस, भारतीय नागरिकों की मौत पर कांग्रेस ने लगाए गंभीर आरोप; देखें VIDEO
Jun 15, 2026 | 08:14 PM














