- Hindi News »
- Special Coverage »
- Fireworks Poisoned The Air Of Delhi On Diwali 2024
पटाखों ने दिल्ली की फिजाओं में घोला जहर, सड़कों पर मास्क लगाकर निकल रहे लोग
दिल्ली से सटे और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के सभी उपनगरों में दीवाली पर लोगों ने जमकर पटाखे फोड़े। जिसका नतीजा यह निकला कि दिल्ली की हवा पिछले एक दशक में सबसे ज्यादा जहरीले स्तर पर पहुंच गई।
- Written By: मृणाल पाठक

(डिजाइन फोटो)
नवभारत डेस्क: हाईकोर्ट से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक के निर्देशों की अनदेखी करते हुए, न सिर्फ राजधानीवासियों ने बल्कि दिल्ली से सटे और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के सभी उपनगरों में भी लोगों ने जमकर पटाखे फोड़े, जिसका नतीजा यह निकला कि दिल्ली की हवा पिछले एक दशक में सबसे ज्यादा जहरीले स्तर पर पहुंच गई। दिल्ली की वायु गुणवत्ता सूचकांक आनंद विहार के आसपास 714 अंकों को छू रहा था। यह आजतक का सबसे प्रदूषित स्तर है। बल्कि दिल्ली के हर कोने का यही खतरनाक हाल था।
डिफेंस कालोनी में दिवाली की अगली सुबह का वायु गुणवत्ता सूचकांक 631 और सिरीफोर्ट का 480 था। डब्ल्यूएचओ के मुताबिक संतोषजनक वायु गुणवत्ता का सूचकांक 0 से 50 के बीच होना चाहिए। 50 से 100 अंकों की गुणवत्ता वाली वायु भी सहन करने लायक होती है, इसके ऊपर की सभी श्रेणियां लगातार खतरनाक, गंभीर और अतिगंभीर श्रेणियां होती है।
सुप्रीम कोर्ट का निर्देश बेअसर
हाल के वर्षों में दिल्ली में पटाखों के फोड़ने के कारण हवा इस कदर जहरीली हो जाती है कि सांस लेने में भारी तकलीफ होने लगती है। दिल्ली में सरकार, हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के साथ पर्यावरण समिति की तरफ से भी दिवाली के मौके पर लोगों से पटाखों के न छुड़ाये जाने की अपील की जाती है, साथ ही पुलिस द्वारा इसे न मानने पर कार्रवाई की धमकी भी दी जाती है। लेकिन पता नहीं क्यों दिल्ली के लोग एक कान से सुनते हैं और दूसरे कान से निकाल देते हैं।
सम्बंधित ख़बरें
नागपुर में प्रदूषण पर हाईकोर्ट सख्त: राख और धूल से बिगड़ी हवा; सरकार ने मनपा से मांगा जवाब
प्रदूषण नियंत्रण में आरएमसी प्लांट की बड़ी भूमिका, स्वच्छ और सुरक्षित नागपुर के लिए उद्योग का संकल्प
अब बिना PUC के नहीं मिलेगा पेट्रोल, वाहन चालकों के लिए बड़ा नियम, वरना गाड़ी खड़ी रह जाएगी
अगर PUC नहीं तो भूल जाओ पेट्रोल-डीजल, दिल्ली सरकार का सख्त आदेश; CM रेखा गुप्ता ने दी जानकारी
धनतेरस वाले दिन कई हजार चालान काटकर दिल्ली प्रशासन को लग रहा था कि जैसे वह दिल्ली के लोगों को नियम मानने पर मजबूर कर देगा। मगर ऐन दिवाली वाले दिन दिल्लीवासियों ने बता दिया कि हम अभी भी बेफिक्र हैं, पटाखे छुड़ाने से बाज नहीं आएंगे।
यह भी पढ़ें- दीपावली 2024: प्रेरणा का प्रकाश पर्व, संकल्प का दीया जला संपन्नता की ओर बढ़ें
प्रतिबंध मानने को तैयार नहीं
इसी तरह साल 2020 और 2021 में दिल्ली सरकार और एनजीटी (राष्ट्रीय हरित अधिकरण) ने भी सभी तरह के पटाखों पर प्रतिबंध लगा दिया। लेकिन सारे नियमों को एक तरफ रखते हुए दिल्लीवासियों ने सारी रोक को एक तरफ रखते हुए जमकर पटाखे फोड़े। 2015 के बाद हर सर्दी के मौसम में कम से कम दो महीने दिल्ली में रहनेवाले लोगों के जानलेवा होते हैं। लगातार औसतन एक्यूआई का आंकड़ा 300 के आसपास रहता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के पैमाने से यह सांस लेने के लिए औसत गुणवत्ता वाली वायु से कम से कम 5 से 6 गुना खराब है।
सवाल है आखिर दिल्ली में प्रदूषण का स्तर हाईकोर्ट से लेकर सुप्रीम कोर्ट की सक्रियता के बावजूद कम क्यों नहीं हो रहा? इसके कई कारण हैं। पहला तो यह कि पिछले लगभग एक दशक से दिल्ली में हवा की क्वालिटी बेहतर न होने के बावजूद लोग बिना किसी अतिरिक्त परेशानी दर्शाने के जी रहे हैं, ऐसे में लोग इस प्रदूषण के आदी हो गये हैं।
दिल्ली के लोगों की प्रदूषण को लेकर संवेदनहीनता का शायद एक कारण यह भी है कि प्रदूषण के इस स्तर को अब शायद दिल्लीवासियों ने नॉर्मल मान लिया है। वो मानकर चलते हैं कि इतना प्रदूषण तो झेलना ही पड़ेगा। वायु प्रदूषण के खतरे अचानक पूरे वेग से नहीं दिखते, इनका दीर्घकालिक कुप्रभाव पड़ता है। वे इसे कम करने के लिए किसी भी तरह के अनुशासन को मानने को तैयार नहीं हैं।
दिल्ली व्यस्त शहर है और लोग अकसर भागमभाग की स्थिति में होते हैं, इसलिए वो मानकर चल रहे हैं कि यह सब तो होगा ही, इस सबके लिए उनके पास समय नहीं है। 2024 में दिल्ली प्रशासन ने 27,743 पीयूसीसी जांच प्रमाण पत्र न होने के कारण लोगों के चालान काटे हैं, लेकिन दिल्लीवासियों ने सबक नहीं लिया। दिल्लीवासी एक ऐसी नशीली जीवनशैली में मस्त हैं कि उन्हें जहरीली हवा का डर ही नहीं व्याप्त हो रहा, जबकि हम सब जानते हैं, यह बहुत खतरनाक है।
लेख- लोकमित्र गौतम द्वारा
Fireworks poisoned the air of delhi on diwali 2024
Get Latest Hindi News , Maharashtra News , Entertainment News , Election News , Business News , Tech , Auto , Career and Religion News only on Navbharatlive.com
Topics:
लेटेस्ट न्यूज़
बेसबॉल खिलाड़ी की पोस्टमार्टम रिपोर्ट आई सामने, दी गई थी रूह कंपाने वाली यातना, फेफड़ों में धंसी मिलीं पसलियां
May 23, 2026 | 03:03 PMDGP का बड़ा आदेश: 5 साल से एक ही थाने में टिके पुलिसकर्मियों का होगा ट्रांसफर
May 23, 2026 | 03:00 PMAnupam Kher के म्यूजिकल प्ले ‘जाने पहचाने अंजाने’ ने जीता दर्शकों का दिल, थिएटर में गूंजती रहीं तालियां
May 23, 2026 | 03:00 PMनागपुर के बेसा में दौड़ती कार में लगी भीषण आग, सड़क पर मची अफरा-तफरी; बड़ा हादसा टला
May 23, 2026 | 02:59 PMमराठवाड़ा में मानसून पूर्व तैयारियों की समीक्षा, आयुक्त जी. श्रीकांत ने दिए आपदा प्रबंधन निर्देश
May 23, 2026 | 02:59 PMकैमरे के सामने पहली बार आई BLA Female Commander, दुनिया को दी खुली चुनौती, वीडियो वायरल
May 23, 2026 | 02:59 PMनागपुर में करंट लगने से भालू की मौत: खेत की बिजलीयुक्त तारों की चपेट में आया वन्यजीव, आरोपी गिरफ्तार
May 23, 2026 | 02:49 PMवीडियो गैलरी

क्या अब शादी सीजन में सस्ता मिलेगा सोना? जानिए पूरा खेल?, VIDEO
May 23, 2026 | 01:51 PM
भारत पहुंचे अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो, आज PM नरेंद्र मोदी से करेंगे मुलाकात, जानें शेड्यूल- VIDEO
May 23, 2026 | 01:49 PM
Twisha Sharma Case: सरेंडर करने पहुंचे ₹30,000 के इनामी पति को पुलिस ने दबोचा, हाईकोर्ट ने दिया अहम फैसला
May 23, 2026 | 01:45 PM
इंसान तो दूर, अब बकरे पी रहे हैं गन्ने का जूस, भोपाल के इस VIP बकरे की सेवा देखकर उड़ जाएंगे होश- VIDEO
May 23, 2026 | 01:31 PM
धरने पर बैठीं और दर्ज हो गया केस! जानिए क्यों अचानक कानूनी विवादों में घिरीं सपा सांसद इकरा हसन- VIDEO
May 22, 2026 | 11:01 PM
मर्द भी रोते हैं… मुंबई बोरीवली स्टेशन पर दिखा भावुक कर देने वाला वीडियो, अब हो रहा वायरल
May 22, 2026 | 02:36 PM














