Hindi news, हिंदी न्यूज़, Hindi Samachar, हिंदी समाचार, Latest Hindi News
X
  • देश
  • महाराष्ट्र
  • मध्य प्रदेश
  • विदेश
  • चुनाव
  • खेल
  • मनोरंजन
  • नवभारत विशेष
  • वायरल
  • धर्म
  • लाइफ़स्टाइल
  • बिज़नेस
  • करियर
  • टेक्नॉलजी
  • यूटिलिटी
  • हेल्थ
  • ऑटोमोबाइल
  • वीडियो
  • वेब स्टोरीज
  • फोटो
  • होम
  • विडियो
  • फटाफट खबरें

निरंकुश पेमेंट बैंक, सो रही सरकार, असुरक्षित होता जा रहा डिजिटल लेन-देन

रिजर्व बैंक ने पेटीएम पेमेंट्स बैंक से उसके सूचना प्रौद्योगिकी सिस्टम का ऑडिट कराने के लिए कहा है.

  • Written By: नवभारत डेस्क
Updated On: May 29, 2024 | 03:36 PM
Follow Us
Close
Follow Us:

पेटीएम पेमेंट्स बैंक के नए ग्राहक बनाने पर भारतीय रिजर्व बैंक की रोक ने एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं कि एक नियामक संस्था को किसी बैंक या फिनटेक कंपनी पर रोक लगाने के हालात क्यों पैदा हो जाते हैं. एक नियामक संस्था आखिर इतना समय क्यों ले लेती है, जब आम लोगों के आर्थिक हित बड़े पैमाने पर इन संस्थाओं के साथ जुड़ जाते हैं.

लोगों के दिमाग में सवाल खड़ा हो जाता है कि आखिर सरकार या प्रतिनिधि नियामक संस्था अब तक कर क्या रही थी? उसका निगरानी विभाग क्यों सोया हुआ था. रिजर्व बैंक ने पेटीएम पेमेंट्स बैंक से उसके सूचना प्रौद्योगिकी सिस्टम का ऑडिट कराने के लिए कहा है. उसे पेटीएम के मॉनिटरिंग सिस्टम को लेकर कुछ चिंताएं हैं. किंतु यह काम तो काफी पहले ही किया जा सकता था. दिसंबर में ही पेटीएम पेमेंट्स बैंक ने घोषणा की थी कि उस महीने में यूपीआई लेन-देन की संख्या 92.6 करोड़ हो गई है. यह बहुत बड़ी संख्या है. तब रिजर्व बैंक ने यह सवाल क्यों नहीं उठाया कि पेटीएम का मॉनिटरिंग सिस्टम या सूचना प्रौद्योगिकी का प्लेटफार्म पर्याप्त सुरक्षित है या नहीं.

डिजिटल भुगतान का चलन भारत में तेजी से बढ़ रहा है और लोग इसे अपना रहे हैं. यह स्वीडन या दक्षिण कोरिया के मुकाबले अब भी बहुत कम है, लेकिन भारत में डिजिटल भुगतान का लोकप्रिय हो रहा है, साधारण लोग भी इसे अपना रहे हैं. रिजर्व बैंक और सरकार को इस दिशा में सतर्क रहना चाहिए कि ये पेमेंट्स बैंक ज्यादा सुरक्षित हों और वित्तीय क्षेत्र के डिजिटलीकरण की साख को नुकसान न पहुंचाते हों.

सम्बंधित ख़बरें

RBI के खजाने से 8.70 करोड़ रुपये की चोरी…98 दिन तक ऑफिस आता रहा चोर, फिर CCTV वीडियो से खुला राज

India Forex Reserves: विदेशी मुद्रा भंडार में आई बड़ी गिरावट! जानिए अब कितना बचा है भारत का फॉरेक्स रिजर्व

सरकार के खजाने में आएंगे 2.87 लाख करोड़! RBI के इस फैसले से चमकेगी देश की इकोनॉमी, आम जनता को क्या मिलेगा?

अब बच्चों के खर्च पर रहेगा पूरा कंट्रोल, Paytm का नया फीचर बिना बैंक के भी चलेगा UPI

देश में यूपीआई के जरिए जो लेन-देन होता है, उसमें पेटीएम की हिस्सेदारी 12 प्रश है और वह यूपीआई लेन-देन में तीसरे नंबर पर है. हम अनुमान लगा सकते हैं कि कितनी बड़ी तादाद में लोग डिजिटल भुगतान सेवाओं का इस्तेमाल कर रहे होंगे. यह सवाल सिर्फ पेटीएम का नहीं है. भारत के वित्तीय क्षेत्र में काम करने वाली तमाम कंपनियों व संस्थाओं के लिए है. खासतौर से फिनटेक कंपनियों के मामले में सरकार और रिजर्व बैंक को समय रहते कदम उठाते रहने चाहिए.

Editorial rbi directs paytm payments bank to stop onboarding new customers

Get Latest   Hindi News ,  Maharashtra News ,  Entertainment News ,  Election News ,  Business News ,  Tech ,  Auto ,  Career and  Religion News  only on Navbharatlive.com

Published On: Mar 15, 2022 | 04:00 PM

Topics:  

  • Paytm Payments
  • RBI

Popular Section

  • देश
  • विदेश
  • खेल
  • लाइफ़स्टाइल
  • बिज़नेस
  • वेब स्टोरीज़

States

  • महाराष्ट्र
  • उत्तर प्रदेश
  • मध्यप्रदेश
  • दिल्ली NCR
  • बिहार

Maharashtra Cities

  • मुंबई
  • पुणे
  • नागपुर
  • ठाणे
  • नासिक
  • अकोला
  • वर्धा
  • चंद्रपुर

More

  • वायरल
  • करियर
  • ऑटो
  • टेक
  • धर्म
  • वीडियो

Follow Us On

Contact Us About Us Disclaimer Privacy Policy Terms & Conditions Author
Marathi News Epaper Hindi Epaper Marathi RSS Sitemap

© Copyright Navbharatlive 2026 All rights reserved.