क्या 1 रुपये के सिक्के अब वैध नहीं, क्यों लेने से माना करते हैं दुकानदार; क्या कहता है RBI?
One Rupee Coin: भारत के कुछ हिस्सों में एक रुपये के सिक्के को लेकर काफी भ्रम हैं। कई दुकानदार इसे स्वीकार करते हैं, तो कई इसे लेने से माना कर देते हैं। आखिर क्या है इसका असली सच?
- Written By: मनोज आर्या
(कॉन्सेप्ट फोटो)
One Rupee Coin: भारत में इन दिनों एक चर्चा जोरों पर है कि क्या 1 रुपये का सिक्का अब चलन में नहीं है? इस चर्चा के पीछे की वजह ये है कि कई दुकानदार इसे लेने से इनकार कर देते हैं। हालांकि, यह भी सत्य है कि भारत के कुछ हिस्सों में आज भी ये सिक्के चलन में हैं। लेकिन, कुछ हिस्सों में इसे लेने से माना कर दिया जाता है। आज हम जानने की कोशिश करेंगे की इस कंफ्यूजन सच्चाई क्या है और भारतीय रिजर्व बैंक क्या कहता है।
कानूनी स्थिति (Legal Tender)
भारतीय कानून (Coinage Act, 2011 एवं RBI की वेबसाइट की जानकारी) कहता है कि 1 रुपये या उससे अधिक मूल्य वाले सिक्के किसी भी लेनदेन में वैध भुगतान (legal tender) माने जाते हैं, बशर्ते वे सिक्के मेलन-तोल (weight) और मानक (standard) में हों और टूटा या पूरी तरह से खराब न हो। RBI की मास्टर सर्कुलर फैसीलिटी फोर एक्सचेंज ऑफ नोट्स एंड क्वॉइन में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि बैंक शाखाएं नोट और सिक्के (small denomination notes & coins) लेनदेन या विनिमय (exchange) के लिए इनकार नहीं कर सकतीं। इसका मतलब है कि टूटे या खराब सिक्के छोड़कर, 1 रुपये का सामान्य सिक्का स्वीकार करना कानूनी रूप से अनिवार्य है।
लेकिन फिर भी क्यों माना करते हैं दुकानदार?
हकीकत में कई दुकानदार और छोटे व्यापारियों द्वारा 1 रुपये के सिक्कों को लेने से मना करने की शिकायतें लगातार सामने आती हैं। इसके पीछे मुख्य कारण हैं:
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भरोसे की कमी/ मिथक: कुछ लोग यह मान लेते हैं कि सरकार या RBI ने 1 रुपये के सिक्कों को बंद कर दिया है या अवैध कर दिया है। ऐसे अफवाहों का आधार अक्सर पुराने समाचार या गलत जानकारी होती है।
असुविधा/ गिनती की समस्या: छोटे सिक्के भारी और गिनने में अधिक समय लगते हैं, जिससे दुकानदार इन्हें लेने से बचना चाहते हैं।
पहचान की क्षमता न होना: दुकानदार कभी-कभार नकली सिक्कों का डर भी रखते हैं, यदि उन्हें ऑन-स्पॉट पहचानने का भरोसा न हो।
जागरूकता की कमी: कई व्यापारियों और आम जनता को यह जानकारी नहीं होती कि 1 रुपये का सिक्का अब भी चलन में वैध है।
RBI और अन्य संस्थाओं का रुख
RBI ने समय-समय पर प्रेस विज्ञप्तियों के माध्यम से जनता से कहा है कि सभी चालू सिक्के वैध भुगतान हैं और उन्हें स्वीकार करना चाहिए। RBI ने विशेष रूप से 10 रुपये के सिक्कों को लेकर कई बार भ्रमों को दूर किया है, यह स्पष्ट करते हुए कि सभी 10 रुपये के सिक्के वैध हैं और उन्हें न स्वीकार करना नियमों का उल्लंघन हो सकता है। पोस्ट ऑफिस ने भी यह पुष्टि की है कि वे RBI द्वारा जारी किए गए सभी नोट और सिक्के स्वीकार करते हैं, इसलिए यदि बाजार में कोई दुकानदार 1 रुपये का सिक्का न ले तो आप उसे पास के डाकघर में जमा करा सकते हैं।
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इसके अलावा, सरकार ने यह व्यवस्था भी की है कि बैंक शाखाएं छोटे मूल्य के सिक्के जैसे ₹1 व ₹2 को तौल द्वारा स्वीकार कर सकती हैं, खासकर यदि वे पूरे पैक में हों। इसका मतलब साफ है कि 1 रुपये का सिक्का आज भी कानूनी रूप से चलन में है और इसे स्वीकार करना व्यापारियों के लिए नियम है न कि विकल्प।
