

Rahul Gandhi on CBI Director Selection: लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने सीबीआई डायरेक्टर की चयन प्रक्रिया से खुद को अलग कर लिया है। राहुल गांधी ने सोशल मीडिया साइट पर इसकी जानकारी दी। राहुल गांधी ने एक्स पर लिखा, मैंने सीबीआई डायरेक्टर की चयन प्रक्रिया पर अपनी असहमति दर्ज कराते हुए प्रधानमंत्री मोदी को पत्र लिखा है। मैं किसी भी पक्षपात पूर्ण प्रक्रिया में भाग लेकर अपने संवैधानिक कर्तव्यों का उल्लंघन नहीं कर सकता। विपक्ष का नेता कोई रबर स्टैंप नहीं है।
बता दें कि केंद्रीय एजेंसी सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेश के डायरेक्टर का चुनाव तीन सदस्यीय पैनल करता है। इस पैनल के अध्यक्ष प्रधानमंत्री होते हैं, वहीं लोकसभा नेता विपक्ष और भारत के मुख्य न्यायाधीश या फिर उनके द्वारा नामित कोई सुप्रीम कोर्ट का कोई जज इस पैनल में शामिल होते हैं।
राहुल गांधी ने सरकार पर आरोप लगाया कि सिलेक्शन कमेटी के सामने उम्मीदवारों के जरूरी रिकॉर्ड वक्त पर पेश नहीं किए गए। उनको उम्मीदवारों की सेल्फ-अप्रेजल रिपोर्ट और 360-डिग्री रिपोर्ट उपलब्ध नहीं कराई गई। चयन प्रक्रिया पर राहुल गांधी का कहना है कि उनसे मीटिंग के दौरान ही पहली बार 69 उम्मीदवारों के रिकॉर्ड्स की जांच करने को कहा गया, जो व्यवहारिक रूप से असंभव है।
राहुल गांधी के अनुसार, बिना किसी कानूनी आधार के जानकारी छिपाना चयन प्रक्रिया का मजाक उड़ाने की तरह है। राहुल गांधी का मानना है कि यह सब इसलिए किया गया जिससे सरकार द्वारा पहले से तय किए गए उम्मीदवार को ही चुना जा सके।
वहीं प्रधानमंत्री मोदी को भेजे गए पत्र के दूसरे हिस्से में नेता प्रतिपक्ष ने सख्त लहजा अपनाया है। राहुल गांधी ने लिखा कि चयन समिति को महत्वपूर्ण जानकारी से वंचित रखकर सरकार ने इसे केवल एक औपचारिकता में बदल दिया है। राहुल गांधी ने कहा कि विपक्ष का नेता कोई रबर स्टैंप नहीं है जो सरकार के हर फैसले पर आंख मूंदकर मुहर लगा दे।