- Hindi News »
- Special Coverage »
- America Will Impose Restrictions On Indian Corporate World
कौन सा रंग लाएगी भारत और चीन की अनोखी जुगलबंदी…! भारतीय कॉरपोरेट जगत पर प्रतिबंध लगाएगा अमेरिका
- Written By: दीपिका पाल
Indian corporate world: सबसे बड़ी चिंता इस बात की है कि भारतीय कॉरपोरेट जगत पर जो करीब कुल मिलाकर 15 से 17 लाख करोड़ रुपये का प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष कर्ज है, वो सब डॉलर में है।

नवभारत विशेष (डिजाइन फोटो)
नवभारत डिजिटल डेस्क: तियानजिन में हो रही एससीओ समिट की फोटो मैसेजिंग ने दुनिया की कूटनीति में भूचाल ला दिया है।पिछले 48 घंटों में यूरोप के विभिन्न देशों और अमेरिका के बीच जो फोन घनघना रहे हैं, उनके बहुत कुछ मायने हैं।अमेरिकी नौकरशाहों और यूरोपीय यूनियन के नौकरशाहों के बीच पिछले 24 घंटे में दो दर्जन से ज्यादा रणनीतिक संवाद हुए हैं।चिंताजनक खबरें आ रही हैं, ट्रंप के दबाव में यूरोपीय यूनियन के कई देश, भारत ही नहीं, भारत की कॉरपोरेट कंपनियों पर भी प्रतिबंध लगाने की गुस्ताखी कर सकते हैं।इसलिए हमें दो कदम आगे और एक कदम पीछे की रणनीति बिल्कुल नहीं भूलनी चाहिए, क्योंकि इतिहास में एक नहीं कई बार चीन से हम धोखा खा चुके हैं और रूस भी अब वह रूस नहीं रहा, जो सोवियत संघ के जमाने में था।
सबसे बड़ी चिंता इस बात की है कि भारतीय कॉरपोरेट जगत पर जो करीब कुल मिलाकर 15 से 17 लाख करोड़ रुपये का प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष कर्ज है, वो सब डॉलर में है और ऐसे में हिंदी चीनी भाई-भाई नारा तो ठीक है, पर हमें ऐसे भी उत्साह में आने की जरूरत नहीं है कि एक झटके में एक डॉलर, सौ रुपये के बराबर हो जाए।क्योंकि अगर ऐसा हो गया तो डॉलर के विरुद्ध कमजोर रुपया हमारी हालत पतली कर सकता है।
सम्बंधित ख़बरें
G7 शिखर सम्मेलन में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मिलेंगे पीएम मोदी, कई अहम मुद्दों पर होगी चर्चा
पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ का बड़ा दावा, 24 घंटे में ईरान-अमेरिका युद्ध होगा खत्म!
‘नेहरू से बहुत आगे निकले PM मोदी’, चंद्रकांत पाटिल ने शरद पवार की गुगली का दिया करारा जवाब
फ्रांस-स्लोवाकिया के दौरे पर निकले PM मोदी, G-7 शिखर सम्मेलन में लेंगे हिस्सा; रक्षा साझेदारी पर रहेगा फोकस
डॉलर का दबदबा कायम हैः
प्रधानमंत्री मोदी के उस बयान को भी न भूलिए, जिसमें उन्होंने साफ कहा है कि निवेश चाहे काला हो या लाल हो, सभी तरह के निवेश का भारत स्वागत करता है।जाहिर है प्रधानमंत्री की टिप्पणी में यह संदेश स्पष्ट कि हमें डॉलर से किसी तरह का परहेज नहीं है और निकट भविष्य में अभी ब्रिक्स की साझी मुद्रा भविष्य का अनुमानभर है।हमें नहीं भूलना चाहिए कि हमारा समूचा कॉरपोरेट ढांचा डॉलर ओरिएंटेड है।हमारे बड़े हित विशेषकर टेक्नोलॉजी हस्तांतरण से संबंधित सारे हित, डॉलर के ढांचे पर से ही बंधे हैं।भारतीय कॉरपोरेट जगत की 90 फीसदी कमाई डॉलर में है।
भारत में 70 फीसदी से ज्यादा निवेश डॉलर में है।भारत दुनिया का सबसे ज्यादा रिमीटेंस डॉलर में हासिल करता है और हमारी सारी ऑफशोर कमाई जो पिछले साल आईटी सेक्टर की कमाई के रूप में 104 बिलियन की थी, वह सब डॉलर में थी और उससे भी बड़ी बात यह कि हमारे सर्विस सेक्टर की 70 फीसदी कमाई बरास्ता अमेरिका है।इसलिए हमें हर कदम बहुत सोच समझकर आगे बढ़ाना होगा।कहीं हम ट्रंप को सबक सिखाने के उत्साह में यूरोप को नाराज न कर बैठे।क्योंकि भले यूरोपीय नेता लोकतंत्र की बड़ी-बड़ी बातें करते हों, लेकिन अंत में सब अमेरिका के पीछे ही चलते हैं।माना कि चीन के साथ हमारा 100 बिलियन का कारोबार है और सारे अहम या कोर क्षेत्रों में चीन ने हमारी कमजोर नस भी दबा रखी है।
हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि ईरान के साथ बढ़-चढ़कर गलबहियां डालने वाला चीन पिछले दिनों उसकी मदद के लिए सामने नहीं आया।हमें यह बात भी याद रखना चाहिए कि अमेरिका ने भारत पर जो 50 प्रतिशत टैरिफ लगा दिया है, फिलहाल उससे हमारा अधिकतम 40 बिलियन डॉलर का कारोबार प्रभावित हो रहा है और उसमें भी अंतिम नतीजों के रूप में हमें 25 से 30 अरब डॉलर का ही झटका लगेगा।लेकिन अगर हमने अमेरिका को कुढ़ने का मौका दिया तो अमेरिका टैरिफ से कहीं ज्यादा भारतीय कॉरपोरेट जगत पर प्रतिबंध लगाकर हमारी अर्थव्यवस्था को तहस-नहस कर सकता है।
ये भी पढ़ें– नवभारत विशेष के लेख पढ़ने के लिए क्लिक करें
ट्रंप प्रशासन कतई ऐसे संकेत नहीं दे रहा कि वह टैरिफ नीति में नरमी लाएगा।चीन की दोस्ती अवसर से कम अभी भी जोखिम ज्यादा लग रही है।क्योंकि हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि चीन का अभी भी ऑल वेदर फ्रेंड पाकिस्तान है।ऑपरेशन सिंदूर के बाद चीन ने पाकिस्तान को परमाणु पनडुब्बी की जो ताकत मुहैय्या कराई है, वह भारत और पाकिस्तान की नौसेना के बीच शक्ति संतुलन का जो बड़ा गैप था, उसे एक झटके में ही बहुत कम कर दिया है.
लेख- वीना गौतम के द्वारा
America will impose restrictions on indian corporate world
Get Latest Hindi News , Maharashtra News , Entertainment News , Election News , Business News , Tech , Auto , Career and Religion News only on Navbharatlive.com
Topics:
लेटेस्ट न्यूज़
Aaj Ka Rashifal 14 June 2026: धनु राशि वालों को मिलेगा व्यापार में बड़ा धन, मिथुन जातकों की चमकेगी किस्मत, जान
Jun 14, 2026 | 12:10 AMसिर्फ 12 घंटे में दिल्ली से मुंबई, 20 जून बाद पूरी तरह खुल सकता है एक्सप्रेसवे
Jun 13, 2026 | 11:21 PMबेटी पर टिप्पणी को लेकर यूपी में गरमाई सियासत, दोनों पक्ष आए आमने-सामने, देखें VIDEO
Jun 13, 2026 | 11:03 PMJharkhand: बंद खदान में 4 की दर्दनाक मौत, रामगढ़ में कैसे जहरीली गैस बनी काल? अवैध खनन के लिए गए थे युवक
Jun 13, 2026 | 11:02 PMगंगा में डूब रहे पर्यटक के लिए फरिश्ता बना राफ्टिंग गाइड, जान बचाने के लिए खुद भी पानी में गिरा
Jun 13, 2026 | 11:00 PMNipah Virus Alert: केरल-तमिलनाडु सीमा पर बढ़ाई गई निगरानी, निपाह वायरस के संदिग्ध मामले से मचा हड़कंप
Jun 13, 2026 | 10:56 PMगिल की धमाकेदार पारी के आगे गुरबाज की सेंचुरी बेकार, भारत ने 22.5 ओवर में चेज किया 195 का टारगेट
Jun 13, 2026 | 10:52 PMवीडियो गैलरी

वायुसेना के विमान में तकनीकी खराबी या कुछ और? कैसे हुआ IAF का AN-32 प्लेन क्रैश!
Jun 13, 2026 | 08:15 PM
असम का ‘डेंजर जोन’ कनेक्शन! 2026 में यहीं क्रैश हुआ था सुखोई, अब AN-32 विमान दो टुकड़ों में बंटा- VIDEO
Jun 13, 2026 | 07:16 PM
Europe Mission पर PM Modi! क्यों बढ़ी दुनिया की नजर? क्या है भारत का सीक्रेट प्लान?
Jun 13, 2026 | 05:11 PM
घर में घुसकर मारेंगे… CM योगी ने दी कड़ी चेतावनी; रक्षा नीति में पुरानी सरकार की खोली पोल- देखें VIDEO
Jun 13, 2026 | 01:51 PM
गाजियाबाद में ‘जिम-जिहाद’ पर प्रशासन सख्त, पहचान छुपाने वाले ट्रेनरों में हड़कंप; देखें VIDEO
Jun 13, 2026 | 01:37 PM
MP में UCC पर आया नया अपडेट, CM मोहन यादव ने बैठक में लिया बड़ा फैसला; देखें VIDEO
Jun 13, 2026 | 01:19 PM














