नवविवाहित जोड़ों और नवजात शिशुओं के लिए क्यों खास होती है लोहड़ी? जानिए इसकी खास वजह
Lohri 2026: लोहड़ी का त्योहार नई शुरुआत का प्रतीक है। नवविवाहित जोड़ों और नवजात शिशुओं के लिए यह पर्व विशेष महत्व रखता है, जो सुख, समृद्धि, स्वास्थ्य और पारिवारिक एकता का संदेश देता है।
- Written By: सीमा कुमारी
लोहड़ी का त्योहार (सौ.सोशल मीडिया)
Lohri For Newborn Baby: 13 जनवरी को लोहड़ी का त्योहार पूरे देशभर में मनाया जाएगा। मकर संक्रांति से एक दिन पहले मनाया जाने वाला लोहड़ी का त्योहार केवल पंजाब तक सीमित नहीं है, बल्कि हरियाणा, दिल्ली और हिमाचल प्रदेश जैसे क्षेत्रों में भी इसे पूरे उत्साह और उमंग के साथ मनाया जाता है। इस दिन लोग अलाव जलाकर पारंपरिक गीत गाते हैं और आपस में खुशियाँ बाँटते हैं।
नवविवाहित जोड़ों की पहली लोहड़ी का महत्व
नवविवाहित जोड़ों और नवजात शिशुओं के लिए पहली लोहड़ी बेहद खास मानी जाती है। इसे नई शुरुआत, सौभाग्य, स्वास्थ्य और समृद्धि का प्रतीक माना जाता है। जब कोई जोड़ा पहली बार लोहड़ी मनाता है, तो परिवार और रिश्तेदार उन्हें आशीर्वाद देते हैं, उपहार भेंट करते हैं और सुखी वैवाहिक जीवन की कामना करते हैं।
यह परंपरा पारिवारिक रिश्तों में प्रेम, अपनापन और एकता को और मजबूत करती है। यह पर्व खासतौर से पंजाब और हरियाणा में बहुत ही धूमधाम एवं हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है। मौजूदा समय में पंजाब और हरियाणा के अलावा, अब देश के कई हिस्सों में लोहड़ी का पर्व मनाया जाने लगा है।
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नवजात शिशुओं के लिए इसलिए है खास
वहीं जब लोहड़ी या उसके आसपास घर में किसी नवजात शिशु का जन्म होता है, तो इसे भी एक शुभ संकेत के रूप में देखा जाता है। ऐसे में पहली लोड़ही पर बड़े ही प्यार व उत्साह के साथ नए सदस्य का स्वागत किया जाता है। इस खास मौके पर परिवार के लोग व रिश्तेदार बच्चे को नए कपड़े, खिलौने और मिठाई आदि उपहार के रूप में देते हैं। साथ ही उसे ढेर सारा आशीर्वाद भी देते हैं।
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लोहड़ी का क्या है अध्यात्मिक महत्व
आपको बता दें, लोहड़ी का पर्व सिर्फ एक लोक उत्सव नहीं है, बल्कि यह प्रकृति और अन्नदाता के प्रति कृतज्ञता प्रकट करने का अवसर भी है। यह त्योहार फसलों की कटाई और नई फसल की बुवाई से जुड़ा हुआ है, जो मेहनत और समृद्धि का प्रतीक माना जाता है। उत्तर भारत में, खासकर पंजाब और हरियाणा में, लोहड़ी को बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है। इस दिन लोग अग्नि के चारों ओर एकत्र होकर सुख-समृद्धि और अच्छे भविष्य की कामना करते हैं।
