- Hindi News »
- Religion »
- Why Is Kartik Purnima Called Tripurari Purnima
क्यों कार्तिक पूर्णिमा कहलाती है त्रिपुरारी पूर्णिमा, क्या होता है भगवान शिव से इसका नाता
कार्तिक पूर्णिमा पर स्नान और दीपदान करने की परंपरा होती है। क्या आप जानते हैं त्रिपुरारी पूर्णिमा के नाम से भी जाना जाता है। इसके पीछे एक पौराणिक कथा भगवान शिव के उद्धार से जुड़ा हुआ है।
- Written By: दीपिका पाल

त्रिपुरारी पूर्णिमा क्या होती है (सौ.डिजाइन फोटो)
Kartik Purnima 2024: कार्तिक पूर्णिमा की तिथि का हिंदू धर्म में खास महत्व होता है। इस पूर्णिमा के मौके पर गंगा का स्नान करना फलदायी माना जाता है जिसे करने से आपको पुण्यों की प्राप्ति होती है। कार्तिक पूर्णिमा पर स्नान और दीपदान करने की परंपरा होती है। क्या आप जानते हैं कार्तिक पूर्णिमा को त्रिपुरारी पूर्णिमा के नाम से भी जाना जाता है। आखिर पूर्णिमा से भगवान शिव का क्या कनेक्शन है चलिए जानते है इसके बारे में।
कार्तिक पूर्णिमा और गुरु पूर्णिमा का मेल
कार्तिक पूर्णिमा के मौके पर गुरु पूर्णिमा भी मनाई जाती है जिसका अलग कनेक्शन होता है। इस कार्तिक पूर्णिमा का भगवान शिव से नाता एक पौराणिक कथा के आधार पर लिया जाता है। यहां पर इसका उल्लेख शिवपुराण से लिया गया है। इसके अलावा आज के दिन सिख धर्म का पर्व गुरु पूर्णिमा भी मनाया जाता है।
जानते हैं कार्तिक पूर्णिमा और त्रिपुरारी पूर्णिमा का अर्थ
यहां पर कार्तिक पूर्णिमा से जुड़ी त्रिपुरारी पूर्णिमा को लेकर इस प्रकार की पौराणिक कथा प्रचलित है। कथा के अनुसार एक समय की बात हैं, तारकासुर नामक दैत्य के तीन पुत्र थे, जिनके नाम तारकाक्ष, कमलाक्ष और विद्युन्माली था। बताया जाता है कि, भगवान शिव के पुत्र कार्तिकेय ने तीनों राक्षस में से एक तारकासुर दैत्य का वध किया था जिससे उसके बेटों को बहुत दुख हुआ। उन्होंने अपने पिता के वध का बदला लेने के लिए घोर तपस्या कर ब्रह्माजी को प्रसन्न किया। ब्रह्माजी ने प्रसन्न होकर उन्हें दर्शन दिए और वरदान मांगने को कहा जिसके बाद उन्होंने अमर होने का वरदान मांगा लेकिन ब्रह्माजी ने उन्हें इसके अलावा कोई दूसरा वरदान मांगने को कहा।
सम्बंधित ख़बरें
ये भी पढ़ें-गुरुवार के दिन श्री ‘विष्णु सहत्रनाम्’ की पाठ के साथ करें ये उपाय, बनेंगे धन-वैभव के साथ मान-सम्मान के योग
इसके बाद तीनों दैत्यों ने ब्रह्माजी से कहा कि आप हमारे के लिए तीन नगरों का निर्माण करवा दीजिए इसके बाद आप हम इन नगरों में बैठकर पृथ्वी पर आकाश मार्ग से घूमते रहे और एक हजार साल बाद हम एक ही जगह पर मिलें। जब हम तीनों एक जगह पर मिलें तो तीनों नगर मिलकर एक हो जाएं और जो भी देवता एक ही तीर से इन नगरों को नष्ट कर सकेगा वही हमारी मृत्यु का कारण होगा. ब्रह्माजी ने उन्हें तथास्तु कहा।
तीनों राक्षस हुए प्रसन्न
यहां पर आगे ब्रम्हाजी का वरदान मिलने के बाद तीनों राक्षस खुश हुए और और ब्रह्माजी के कहने पर मयदानव ने उनके लिए तीन नगरों का निर्माण किया. इनमें से एक नगरी सोने की, एक चांदी और एक लोहे की थी. सोने की नगरी तारकाक्ष को मिली, चांदी की नगरी कमलाक्ष और लोहे की विद्युन्माली को मिली। तीनों ने अपनी-अपनी नगरी पर अधिकार कर लिया लेकिन नगरी मिलने के बाद सभी राक्षस सभी देवता भगवान शिव के पास उनसे त्रिपुरों को नाश करने को कहा. भगवान शिव इसके लिए तैयार हो गए और उन्होंने भगवान विश्वकर्मा से एक दिव्य रथ तैयार करवाया।
ये भी पढ़ें-आज मनाया जा रहा है वर्ल्ड डायबिटीज डे, जानिए इस बीमारी के लक्षण और कंट्रोल करने के टिप्स
त्रिपुरों का संहार करने के लिए देवताओं ने भी अपना पूरा सहयोग दिया. भगवान शिव के रथ के घोड़े इंद्र, वरुण, यम और कुबेर बने. वहीं चंद्रमा और सूर्य उस दिव्य रथ के पहिए बने. हिमालय धनुष और शेषनाग प्रत्यंचा बने. भगवान विष्णु स्वंय बाण बने. फिर भगवान शिव उस दिव्य रथ पर सवार होकर त्रिपुरों का संहार करने गए. इस दौरान देवताओं और दैत्यों के बीच भयंकर युद्ध हुआ और युद्ध करते समय त्रिपुर एक सीध में आ गए. जैसे वह तीनों एक सीध में आए तो भगवान शिव ने बाण चलाकर उनका संहार कर दिया. त्रिपुरों का अंत करने की वजह से भगवान शिव को त्रिपुरारी कहते हैं और इसलिए कार्तिक पूर्णिमा को त्रिपुरारी पूर्णिमा कहते हैं.
Why is kartik purnima called tripurari purnima
Get Latest Hindi News , Maharashtra News , Entertainment News , Election News , Business News , Tech , Auto , Career and Religion News only on Navbharatlive.com
Topics:
लेटेस्ट न्यूज़
ईरान में वेनेजुएला वाला कांड करेगा अमेरिका! शांति वार्ता फेल होने पर भड़के ट्रंप, भारत और चीन का भी लिया नाम
Apr 12, 2026 | 11:14 AMअकोला में खूनी खेल! पुराने विवाद में युवक की चाकू गोदकर हत्या, चलती ट्रेन से खींचकर पुलिस ने कातिलों को दबोचा
Apr 12, 2026 | 11:10 AMAsha Bhosle Health Update: 92 साल की आशा भोसले का अस्पताल में इलाज जारी, पोती जनाई ने दिया बड़ा अपडेट
Apr 12, 2026 | 11:06 AMमेहनत के बाद भी नहीं मिल रही तरक्की? चाणक्य नीति के अनुसार पुरुषों की ये 6 गलतियां हैं जिम्मेदार
Apr 12, 2026 | 10:54 AMJalna में बड़ा बयान, आंबेडकर विचारों से बनेगा समतामूलक समाज: बोले कन्हैया कुमार
Apr 12, 2026 | 10:53 AM21 घंटे की माथापच्ची के बाद शांति वार्ता फेल, क्या ईरान की घेराबंदी करेंगे Trump? तेहरान पर मंडराने लगा खतरा
Apr 12, 2026 | 10:46 AMजालना औद्योगिक क्षेत्र में CCTV निगरानी, पुलिस का बड़ा कदम; सुरक्षा होगी मजबूत
Apr 12, 2026 | 10:39 AMवीडियो गैलरी

Exclusive: सुदेश भोसले की अनसुनी दास्तान, पोस्टर पेंटर से अमिताभ बच्चन की आवाज तक का सफर; देखें खास इंटरव्यू
Apr 11, 2026 | 10:23 PM
‘धुरंधर 2’ की सफलता के बाद बाबा महाकाल की शरण में सारा अर्जुन! भस्म आरती में भक्ति देख फैंस हुए मुग्ध
Apr 11, 2026 | 01:52 PM
Shamli Hospital में स्वास्थ्य सेवाओं पर सवाल, अस्पताल के बाहर हुई डिलीवरी
Apr 10, 2026 | 10:47 PM
मोनालिसा भोंसले केस में अस्पताल के रिकॉर्ड ने खोली पोल, निकली नाबालिग!
Apr 10, 2026 | 10:40 PM
इंदौर नगर निगम में भिड़े पार्षद, रुबीना ने बताया क्यों नहीं गाया वंदे मातरम
Apr 10, 2026 | 10:29 PM
नीट छात्रा की मौत या हत्या? शंभू गर्ल्स हॉस्टल कांड पर पटना में फिर उबाल, मां ने लगाए गंभीर आरोप- VIDEO
Apr 10, 2026 | 10:03 PM














