कल से शुरू होने वाला भगवान श्रीकृष्ण का प्रिय मार्गशीर्ष महीना, जानिए क्या करें क्या नहीं
Margashirsha Month :कार्तिक मास के बाद अगहन यानी मार्गशीर्ष मास शुरू हो जाती है। ऐसा कहा जाता है कि भगवान कृष्ण को यह महीना बहुत प्रिय है। इस महीने में भगवान कृष्ण को दूध से स्नान करना शुभ होता है।
- Written By: सीमा कुमारी
कब से शुरू होगा अगहन मास 2025 (सौ.सोशल मीडिया)
Margashirsha Month Significance 2025: हिन्दू धर्म में हर दिन, महीना किसी न किसी देवी-देवता की पूजा-अर्चना के लिए समर्पित है। आज कार्तिक पूर्णिमा समाप्त होने के बाद मार्गशीर्ष माह यानी अगहन माह की शुरुआत हो जाएगी। हिंदू मान्यताओं की बात करें तो, कार्तिक के बाद अगहन माह को हिंदू धर्म का दूसरा सबसे पवित्र महीना माना जाता है।
इस महीने में भगवान श्री कृष्ण और विष्णु की पूजा- अर्चना की जाती है। इस साल अगहन माह की शुरुआत 6 नवंबर 2025, गुरुवार से हो रही है। इसे मार्गशीर्ष महीना भी कहा जाता है। मार्गशीर्ष मास को अगहन मास भी कहते हैं।
मान्यता है कि मार्गशीर्ष महीने में भगवान श्रीकृष्ण की पूजा करने से जातक अपने जीवन में सारे सुख पाता है और मृत्यु के बाद उसे मोक्ष मिलता है। ऐसे में आइए जानते हैं मार्गशीर्ष माह की तिथि और इस दिन क्या करना चाहिए और क्या नहीं।
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कब से शुरू होगा अगहन मास 2025
आपको बता दें, पंचांग के अनुसार जिस मास को भगवान श्रीकृष्ण स्वयं का प्रतीक बताते हैं और जिसमें की गई पूजा, जप, तप और व्रत को करने पर धर्म से लेकर मोक्ष तक की प्राप्ति होती हो, उसकी शुरुआत 06 नवंबर 2025, बृहस्पतिवार से होने जा रही है और यह 04 दिसंबर 2025, बृहस्पतिवार के दिन समाप्त होगा। इसके ठीक अगले दिन यानि 05 दिसंबर 2025, शुक्रवार को पौष मास की शुरुआत होगी।
मार्गशीर्ष माह में क्या करें
- ज्योतिष शास्त्र के अनुसार मार्गशीर्ष माह भगवान विष्णु का बहुत ही प्रिय महीना है।
- इस पूरे माह में विधि-विधान से भगवान विष्णु की पूजा करने से घर में सुख-समृद्धि आने की मान्यता है।
- इस पूरे माह श्रीमद्भगवत गीत का पाठ करना चाहिए।
- भगवान कृष्ण के मंत्रों का जाप करना चाहिए।
- गंगा या किसी पवित्र नदी में स्नान करना चाहिए।
- अपनी सामर्थ के अनुसार दान भी करना चाहिए।
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मार्गशीर्ष माह में क्या न करें
- महीने के पूरे माह में शराब आदि का सेवन नहीं करना चाहिए।
- वहीं जीरे के उपयोग से भी परहेज करना चाहिए।
- इस माह में पड़ने वाले सप्तमी और अष्टमी तिथि को कोई भी शुभ कार्य नहीं करना चाहिए।
- ऐसे करने से धन हानि होने की मान्यता है।
- मार्गशीर्ष बेहद पवित्र महीना होता है, इस महीने में नॉनवेज, नशीली चीजों का सेवन ना करें।
- मार्गशीर्ष महीने में जरूरी है कि अच्छा आचरण करें और किसी से बुरा ना बोलें।
