दिसंबर में इस दिन है मोक्षदा एकादशी? जानिए सही तिथि से लेकर उपाय
Lord Vishnu :इस साल मोक्षदा एकादशी का व्रत 1 दिसंबर को रखा जाएगा। इस दिन भद्रा का साया भी रहने वाला है। यह भद्रा धरती लोक पर ही लगने वाली है।
- Written By: सीमा कुमारी
इस दिन है मोक्षदा एकादशी (सौ.सोशल मीडिया)
Mokshada Ekadashi 2025: मोक्षदा एकादशी भगवान विष्णु को समर्पित है। यह एकादशी हर साल अगहन महीने के शुक्ल पक्ष की एकादशी को मनाया जाता है। आपको बता दें, पंचांग के अनुसार, इस साल 1 दिसंबर 2025 को यह पवित्र व्रत रखा जाएगा।
कहा जाता है कि,मोक्षदा एकादशी का व्रत करने से पुण्य फलों की प्राप्ति होती है। इस दिन भगवान विष्णु की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की जाती है। मोक्षदा एकादशी को पापों से मुक्ति और मोक्ष प्रदान करने वाली माना जाता है। ऐसे में आइए जानते हैं मोक्षदा एकादशी का व्रत कब मनाई जाएगी?
कब मनाई जाएगी मोक्षदा एकादशी
मार्गशीर्ष माह की एकादशी तिथि की शुरुआत 30 नवंबर 2025, दिन रविवार की रात को 9 बजकर 29 मिनट पर होगी। जिसका समापन अगले दिन 1 दिसंबर 2025, दिन सोमवार को शाम 7 बजकर 1 मिनट पर होगा। आपको बता दें, उदया तिथि को महत्व देते हुए एकादशी तिथि 1 दिसंबर को मान्य होगी। इसी दिन मोक्षदा एकादशी का व्रत रखा जाएगा।
सम्बंधित ख़बरें
Guruwar Vrat: गुरुवार का व्रत करते समय इन नियमों का रखें ख्याल, वरना नहीं मिलेगा व्रत का पूरा फल
गुरु प्रदोष व्रत की पूजा बिना इस कथा के मानी जाती है अधूरी, आप भी करें पाठ और पाएं शिव-पार्वती की कृपा
Bakrid 2026 Wishes: बकरीद पर अपनों को भेजें शायराना अंदाज में मुबारकबाद, चेहरे पर आ जाएगी मुस्कान
Jyestha Purnima 2026 : कब है ज्येष्ठ अधिक मास की पूर्णिमा? नोट कर लें शुभ मुहूर्त से लेकर महत्व
ऐसे करें मोक्षदा एकादशी पूजा
मोक्षदा एकादशी का व्रत करने के लिए आप सुबह जल्दी उठकर स्नान आदि कर लें। इसके बाद व्रत का संकल्प लें। पूजा स्थान की सफाई करें और भगवान विष्णु की प्रतिमा स्थापित करें।
पीले या सफेद रंग के वस्त्र पहनें और भगवान विष्णु को फूल, धूप, दीप आदि अर्पित करें. मिठाई और फलों का भोग लगाएं और भगवान विष्णु की आरती करें. इसके बाद भोग को प्रसाद के तौर पर ग्रहण करें।
पितरों के लिए करें ये उपाय
मोक्षदा एकादशी के दिन भगवान विष्णु को अर्पित की गई तुलसी दल जल में प्रवाहित कर देना चाहिए। या उन्हें पीपल के पेड़ की जड़ में रख देना चाहिए। तुलसी को मोक्ष दायिनी भी माना जाता है।
ये भी पढ़ें-इस दिन से संगम तट पर ‘माघ मेला’, इन तिथियों में होगी आस्था की पवित्र डुबकी
इस उपाय को करने से पितर प्रसन्न होते हैं। एकादशी के दिन शाम के समय अपने घर के दक्षिण दिशा में या किसी पीपल के पेड़ के नीचे पितरों के नाम से शुद्ध घी का एक दीपक जलाना चाहिए। इस दिन पितरों को दीपदान करने से उनकी कृपा प्राप्त होती है। मोक्षदा एकादशी के दिन पीपल के वृक्ष को जल देना चाहिए।
