Ashadha Amavasya 2026: आषाढ़ अमावस्या पर इन 5 गुप्त दानों से बदल सकती है किस्मत! पितरों का मिलेगा आशीर्वाद
Ashadha Amavasya 2026 Daan:आषाढ़ अमावस्या पर दान, तर्पण और पितरों की पूजा का विशेष महत्व माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन श्रद्धा से किए गए दान से पितरों का आशीर्वाद और शुभ फल की प्राप्ति होती है।
- Written By: सीमा कुमारी
आषाढ़ अमावस्या (सौ.सोशल मीडिया)
Ashadha Amavasya 2026 Good Luck Remedies: 14 जुलाई 2026, मंगलवार को आषाढ़ अमावस्या मनाई जाएगी। मंगलवार को पड़ने के कारण इसे भौमवती अमावस्या भी कहा जाता है। सनातन धर्म में इस अमावस्या का विशेष धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व बताया गया है। मान्यता है कि यह तिथि पितरों के तर्पण, श्राद्ध, दान-पुण्य और उनकी आत्मा की शांति के लिए अत्यंत फलदायी होती है।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, आषाढ़ अमावस्या पर कुछ विशेष वस्तुओं का श्रद्धापूर्वक दान करने से पितरों का आशीर्वाद प्राप्त होता है। साथ ही पितृ दोष से राहत मिलने और जीवन की अनेक बाधाओं के दूर होने की भी मान्यता है। आइए जानते हैं इस पावन दिन किन चीजों का दान करना सबसे शुभ माना गया है।
1. काले तिल का दान – पितृ दोष से मुक्ति दिलाने वाला रहस्यमयी उपाय
धर्मग्रंथों के अनुसार आषाढ़ अमावस्या पर काले तिल का दान अत्यंत शुभ माना गया है। मान्यता है कि इस दिन श्रद्धापूर्वक काले तिल का दान करने से पितृ दोष शांत होता है। साथ ही राहु, केतु और शनि के अशुभ प्रभावों में भी राहत मिलने की मान्यता बताई गई है।
सम्बंधित ख़बरें
Sawan 2026: सावन में इन 4 चमत्कारी पौधों की पूजा खोल सकती है किस्मत के बंद दरवाजे
Kark Sankranti 2026: 16 जुलाई को खुलेंगे पुण्य के दुर्लभ द्वार! इस खास समय में किया गया एक काम बदल सकता है भाग
सोमवार को शिवलिंग पर चढ़ा दें ये 8 पवित्र चीजें… कहते हैं महादेव जल्दी सुन लेते हैं सच्चे भक्त की पुकार
Bhaumvati Amavasya 2026 : कब है भौमवती अमावस्या? जानें तिथि, शुभ मुहूर्त, पूजा विधि से जुड़ी सभी जानकारी
2. जल से भरा घड़ा – ऐसा दान जो दूर कर सकता है जीवन की बड़ी बाधाएं
आषाढ़ अमावस्या पर जल से भरे घड़े का दान भी विशेष पुण्यदायी माना गया है। धार्मिक मान्यता है कि इससे जीवन की अनेक परेशानियां दूर होती हैं। यदि संभव हो तो इस दिन राहगीरों के लिए शीतल पेयजल की व्यवस्था करें या किसी जरूरतमंद को पानी से भरा घड़ा दान करें।
3. अन्नदान – ऐसा पुण्य जो घर में ला सकता है सुख और समृद्धि
सनातन परंपरा में अन्नदान को सबसे श्रेष्ठ दानों में गिना गया है। आषाढ़ अमावस्या पर गेहूं, चावल, सत्तू या अन्य खाद्य सामग्री का दान करने से विशेष पुण्य प्राप्त होने की मान्यता है। कहा जाता है कि इससे घर में सुख, समृद्धि और अन्न-धन की कभी कमी नहीं रहती।
4. सत्तू और गुड़ का दान – पितरों को प्रसन्न करने का सरल लेकिन प्रभावी उपाय
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन सत्तू और गुड़ का दान करने से पितर प्रसन्न होते हैं। मान्यता है कि पितरों के आशीर्वाद से परिवार में सुख-शांति बनी रहती है और पितृ दोष के प्रभाव में कमी आती है।
ये भी पढ़ें- Sawan 2026: सावन में इन 4 चमत्कारी पौधों की पूजा खोल सकती है किस्मत के बंद दरवाजे
5. जरूरतमंदों को भोजन – ऐसा दान जो सीधे पितरों तक पहुंचता है
आषाढ़ अमावस्या पर भूखे और जरूरतमंद लोगों को भोजन कराना अत्यंत पुण्यकारी माना गया है। यदि संभव हो तो इस दिन कम से कम पांच जरूरतमंद लोगों को भोजन अवश्य कराएं। भोजन कराने से पहले और बाद में अपने पितरों का श्रद्धापूर्वक स्मरण करना भी शुभ माना जाता है।
दान करते समय भूलकर भी न करें ये गलती
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, दान तभी फलदायी माना जाता है जब उसे पूरी श्रद्धा, निस्वार्थ भाव और शुद्ध मन से किया जाए। दान देते समय अपने पितरों का स्मरण अवश्य करें और मन में किसी के प्रति ईर्ष्या, क्रोध या द्वेष का भाव न रखें।
आप चाहें तो ऊपर बताई गई सभी वस्तुओं का दान कर सकते हैं या अपनी श्रद्धा और सामर्थ्य के अनुसार किसी एक वस्तु का भी दान कर सकते हैं। माना जाता है कि सच्चे मन से किया गया दान ही वास्तविक पुण्य प्रदान करता है।
