कालसर्प दोष से मुक्ति पाने का अवसर, ‘नाग दिवाली’ के दिन शुभ मुहूर्त में करें पूजा, जानिए इसका महत्व
Nag Diwali Kab Hai 2025:श्रावण मास में नाग पंचमी की तरह की नाग दिवाली का दिन भी नाग देवता की पूजा के बहुत शुभ मानी जाती है। नाग दिवाली का पर्व प्रकृति, आस्था और प्रकाश से जुड़ा पर्व है।
- Written By: सीमा कुमारी
नाग दिवाली 2025 कब (सौ.सोशल मीडिया)
Nag Diwali Kyu Manate Hain : भारत विविधताओं का देश है, क्योंकि यहां के लोग विभिन्न भाषाएं बोलते हैं। विभिन्न प्रकार का खाना खाते हैं, अलग-अलग त्यौहार भी मनाते हैं। अगर, बात त्योहारो की करें तो हमारे देश में कई पर्व-त्योहार मनाए जाते हैं, जो कि देवी-देवता के साथ ही प्रकृति और जीव-जंतुओं को भी समर्पित होते हैं। इन्हीं में एक है नाग देवता को समर्पित नाग दिवाली का पर्व।
आपको जानकारी के लिए बता दें, यह त्योहार मुख्य रूप से भारत के उत्तराखंड के चमोली जिले और मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जैसे क्षेत्रों में बड़े ही धूमधाम एवं हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है।
इस वर्ष यह त्योहार मंगलवार, 25 नवंबर 2025 को पड़ रही है। इसी तिथि पर विवाह पंचमी का पर्व भी मनाया जाएगा। ऐसे में आइए जानते हैं नवंबर में नाग दिवाली कब है और इससे जुड़ी सबकुछ।
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नाग दिवाली 2025 कब
आपको बता दें, नाग दिवाली का त्योहार देव दिवाली के ठीक 20 दिन बाद मनाया जाता है। पंचांग के मुताबिक नाग दिवाली हर साल मार्गशीर्ष महीने के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को मनाई जाती है। इस वर्ष यह पर्व मंगलवार 25 नवंबर 2025 को पड़ रही है। इसी तिथि पर विवाह पंचमी का पर्व भी है।
आखिर क्यों मनाते हैं नाग दिवाली
श्रावण मास में नाग पंचमी की तरह की नाग दिवाली का दिन भी नाग देवता की पूजा के बहुत शुभ मानी जाती है। नाग दिवाली का पर्व प्रकृति, आस्था और प्रकाश से जुड़ा पर्व है। इस दिन लोग व्रत रखते हैं और नाग देवता की छवि या आकृति बनाकर वंश वृद्धि, कालसर्प दोष निवारण, पारिवारिक खुशहाली आदि के लिए पूजा करते हैं।
नाग देवता की पूजा के लाभ
पौराणिक व धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, नागों को पाताल लोक का स्वामी माना जाता है। इसलिए हिंदू धर्म में नागों की पूजा का विशेष महत्व होता है।
कहा जाता है कि, नाग देवता की पूजा करने से भगवान शिव की कृपा प्राप्त होती है और कुंडली में स्थित कालसर्प दोष भी दूर होता है।
इसके अलावा, वंश वृद्धि और पारिवारिक जीवन में खुशहाली के लिए भी लोग नाग देवता की पूजा करते हैं।
जानिए कहां मनाई जाती हैं नाग दिवाली
आपको बता दें, नाग दिवाली स्थानीय त्योहार हैं, ये देश के कुछ ही हिस्सों में मनाया जाता है। मुख्य रूप से ये पर्व उत्तराखंड के चमोली में मनाया जाता है। इस दिन लोग अपने घर के बाहर दीपक जलाते हैं और रांगोली बनाते हैं।
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वहां इस दिन नागदेवता की पूजा विशेष रूप से की जाती है। नाग दिवाली के मौके पर विशेष पकवान भी बनाए जाते हैं जिनका भोग नागदेवता को लगाया जाता है। लोग इस दिन नागदेवता से सुख-समृद्धि का आशीर्वाद भी मांगते हैं।
इसके अलावा मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा क्षेत्र में भी नाग दिवाली का त्योहार स्थानीय परंपरा के अनुरूप मनाया जाता है।
