छठ पूजा की ये है सही तिथि और शुभ मुहूर्त, जानिए कब है नहाय-खाय और खरना

छठ पूजा हिंदू धर्म का एक प्रमुख त्योहार है। यह त्यौहार मुख्यतः सूर्य देव को समर्पित है। छठ पूजा मुख्यतः बिहार, झारखंड और पूर्वी उत्तर प्रदेश के आसपास के क्षेत्रों में मनाई जाती है। छठ पूजा एक या दो नहीं, बल्कि पूरे 4 दिनों तक चलती है और इस दौरान महिलाएं अपनी संतान की लंबी उम्र व अच्छे स्वास्थ्य के लिए 36 घंटे तक निर्जला उपवास रखती हैं।
छठ पूजा
छठ पूजा का महत्व (सो.सोशल मीडिया)
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Chhath Puja 2024 : हिन्दू धर्म में कार्तिक महीने का बड़ा महत्व है। इस महीने में कई प्रमुख त्योहार मनाए जाते हैं। इनमें करवा चौथ, धनतेरस, दिवाली, भाई दूज, छठ पूजा आदि प्रमुख हैं। इन्हों में से एक छठ पूजा।

लोक आस्था का महापर्व ‘छठ पूजा’ हिंदू धर्म का एक प्रमुख त्योहार है। यह त्यौहार मुख्यतः सूर्य देव को समर्पित है। छठ पूजा मुख्यतः बिहार, झारखंड और पूर्वी उत्तर प्रदेश के आसपास के क्षेत्रों में मनाई जाती है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, छठ पूजा एक या दो नहीं, बल्कि पूरे 4 दिनों तक चलती है और इस दौरान महिलाएं अपनी संतान की लंबी उम्र व अच्छे स्वास्थ्य के लिए 36 घंटे तक निर्जला उपवास रखती हैं।

इसके अलावा, पुत्र की कामना से किए जाने वाले इस व्रत से पति, पुत्र को दीर्घायु और आरोग्य के साथ ही परिवार को धन धान्य और सुख समृद्धि प्राप्त होती है। संसार के सारे सुखों को भोग कर मृत्यु के बाद परम सत्य को प्राप्त होता है। ऐसे में आइए, छठ पूजा की सही डेट एवं मुहूर्त जानते हैं-

छठ पूजा 2024 कब है

पंचांग के अनुसार, छठ पूजा की शुरुआत कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि से होती है। वहीं, इस महापर्व का समापन सप्तमी तिथि पर होता है। ऐसे में यह त्योहार 5 नवंबर से लेकर 8 नवंबर तक चलेगा।

नहाय खाय 2024

छठ पूजा की शुरुआत नहाय-खाय से होती है। इस दिन व्रत करने वाले जातक केवल एक ही समय भोजन करते हैं। इस दिन सूर्योदय सुबह 6 बजकर 39 मिनट पर होगा और सूर्यास्त शाम 5 बजकर 41 मिनट पर होगा।

खरना 2024

छठ पूजा के दूसरे दिन को खरना कहा जाता है। इस दिन घर में छठी माता के लिए भोग बनाया जाता है। यह भोग बनाते समय शुद्धता का विशेष ध्यान रखा जाता है। शाम के समय मीठा भात और लौकी की खिचड़ी खाई जाती है।

छठ पूजा अर्घ्य

छठ पूजा के तीसरे दिन शाम को सूर्य देवता को अर्घ्य दिया जाता है। इस दौरान बांस के सूप में फल, गन्ना, चावल के लड्डू, ठेकुआ सहित अन्य सामग्री रखकर पानी में खड़े होकर पूजन किया जाता है। आपको बता दें कि तीसरे दिन यानि 7 नवंबर को सूर्यास्त शाम 5 बजकर 29 मिनट पर होगा।

उषा अर्घ्य 2024

छठ पूजा के चौथे दिन उगते हुए सूर्य को अर्घ्य दिया जाता है और इसके साथ ही व्रती अपने व्रत का पारण करते हैं। अंतिम दिन यानि 8 नवंबर को सूर्योदय सुबह 6 बजकर 37 मिनट पर होगा।

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