
पौष पूर्णिमा 2026 (सौ. डिजाइन फोटो)
Paush Purnima Nine Planets Remedies: पौष मास की पूर्णिमा तिथि सनातन धर्म में विशेष महत्व रखती है। इसे साल की पहली पूर्णिमा भी माना जाता है। इस दिन चंद्रमा अपनी सोलह कलाओं से परिपूर्ण होता है, इसलिए चंद्र देव की पूजा का विशेष लाभ मिलता है। इसके साथ ही, इस तिथि पर जगत के पालनहार भगवान विष्णु और उनकी अर्धांगिनी माता लक्ष्मी की पूजा करने से मनोवांछित फल प्राप्त होता है,।
द्रिक पंचांग के अनुसार, साल 2026 में पौष पूर्णिमा का व्रत 3 जनवरी को रखा जाएगा,। इसी दिन से प्रयागराज में माघ मेले की शुरुआत भी हो रही है। इस पुण्य तिथि पर स्नान, दान और पूजा-पाठ से जुड़े कुछ आसान उपाय करके सभी नौ ग्रहों को शांत किया जा सकता है और जीवन की अनेक परेशानियों से पार पाया जा सकता है।
पौष पूर्णिमा के दिन किए गए कुछ विशेष उपाय स्वास्थ्य और धन संबंधी समस्याओं को दूर करने में सहायक होते हैं:-
रोगों से मुक्ति पाने का उपाय:
पौष पूर्णिमा के दिन चावल और दूध की खीर घर में अपने हाथों से बनाकर, शाम के समय उसे चाँदी की कटोरी में निकालकर चंद्रमा की रोशनी में रख दें। रातभर खीर को चाँद की रोशनी में रखने के बाद, अगले दिन भगवान विष्णु और माँ लक्ष्मी की पूजा करें और प्रसाद के रूप में उस खीर को ग्रहण करें। यह उपाय स्वास्थ्य में सुधार और मानसिक शांति प्रदान करता है।
धन की कमी से मुक्ति:
प्रात: काल में विष्णु जी और माँ लक्ष्मी की पूजा करें और माँ लक्ष्मी के चरणों में 11 कौड़ियाँ अर्पित करें। प्रत्येक कौड़ी पर हल्दी का तिलक करें, और ‘ॐ ह्रीं श्रीं लक्ष्मीभ्यो नमः’ मंत्र का 11 बार जाप करें। शाम को पूजा के बाद इन कौड़ियों को लाल कपड़े में बाँधकर तिजोरी या पैसों वाली जगह पर रखने से घर में माँ लक्ष्मी का वास होता है और धन की कमी दूर होती है।
सुखी जीवन और बिगड़े काम बनाने के लिए:
यदि आप समस्याओं से घिरे रहते हैं, तो पौष पूर्णिमा के दिन गरीबों को चावल की खीर खिलाएँ या चावल का दान करें। इससे पाप नष्ट होते हैं, पुण्य मिलता है और रुके हुए काम बनने लगते हैं।
पौष पूर्णिमा 2026 महाउपाय (सौ. डिजाइन फोटो)
पौष पूर्णिमा के दिन दान करने का अत्यंत महत्व है। विभिन्न ग्रहों की शांति के लिए विशिष्ट वस्तुओं का दान करना शुभ फल देता है:—
सूर्य को शांत करने का उपाय
सूर्य ग्रह को मजबूत करने और करियर के क्षेत्र में शुभ फल पाने के लिए, पौष पूर्णिमा पर गेहूँ, ताँबे के बर्तन और गुड़ का दान करना चाहिए। भोजन का दान करना भी शुभ माना जाता है।
चंद्रमा और मंगल ग्रह की शांति
चंद्रमा को शांत करने और मन को शांत रखने के लिए, सफेद वस्तुओं जैसे दूध, चावल, सफेद कपड़े और अपनी क्षमता अनुसार चाँदी का दान करना शुभ परिणाम देता है। साथ ही, चंद्रमा को मजबूत करने के लिए भगवान शिव की पूजा करनी चाहिए। वहीं, मंगल ग्रह को शांत करने के लिए गुड़, चने की दाल और लाल वस्त्रों का दान करना शुभ है। हनुमान चालीसा का पाठ करने से मंगल संतुलित होता है और शौर्य शक्ति तथा आत्मविश्वास बढ़ाता है, जिससे वैवाहिक जीवन में सुख का संचार होता है।
गुरु (बृहस्पति) और बुध ग्रह की शांति
गुरु ग्रह बृहस्पति को शांत करने के लिए, इस तिथि पर पीली सरसों, केसर और पीला चंदन का दान करना चाहिए। यह उपाय भाग्य का पूरा साथ दिलाता है और हर ओर से सफलता मिलती है। बुध ग्रह को शांत करने के लिए, जरूरतमंदों में हरी सब्जियाँ, हरे कपड़े और मूँग दाल का दान करें। यह उपाय शिक्षा और कारोबार में शुभ परिणाम पाने में सहायता करता है।
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शुक्र और शनि की क्रूर दृष्टि से बचाव
शुक्र ग्रह को शांत करने के लिए दही, चावल, इत्र से लेकर चीनी और सफेद वस्त्रों का दान किया जा सकता है। इससे भौतिक सुख में वृद्धि होती है और प्रेम संबंध सुधरते हैं। शनि को शांत करने के लिए काले तिल, लोहे के बर्तन और काले वस्त्र जैसी सामग्री दान करें। शिव जी या हनुमान जी की उपासना करने से शनि की क्रूर दृष्टि से बचा जा सकता है।
राहु-केतु दोष निवारण
छाया ग्रह राहु-केतु को शांत करने के लिए उड़द की दाल, सरसों का तेल और काले तिल जरूरतमंदों में दान करें। गरीबों को भोजन कराने से ये दोनों ग्रह शुभ परिणाम देते हैं और काल भैरव का आशीर्वाद प्राप्त होता है।






