संकट के समय श्रीलंका के 'हीरो' बने जयशंकर: भारत ने दिया 450 मिलियन डॉलर का मदद पैकेज

Jaishankar Colombo Visit: एस. जयशंकर ने चक्रवात दित्वाह से प्रभावित श्रीलंका के लिए 450 मिलियन डॉलर के पैकेज की घोषणा की। भारत ने संकट के समय 'फर्स्ट रेस्पॉन्डर' के रूप में अपनी भूमिका निभाई।
India as First Responder: Jaishankar Announces 450MD Relief Package for Cyclone-Hit Sri Lanka
विदेश मंत्री एस. जयशंकर श्रीलंका में (सोर्स-सोशल मीडिया)
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India Disaster Relief Sri Lanka 2026: भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि संकट की घड़ी में भारत ही श्रीलंका का सबसे भरोसेमंद साथी है। चक्रवात 'दित्वाह' से मची तबाही के बीच कोलंबो पहुंचे जयशंकर ने श्रीलंका के पुनर्निर्माण के लिए साढे़ चार सौ मिलियन डॉलर के भारी-भरकम सहायता पैकेज की घोषणा की है। उन्होंने राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके से मुलाकात कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का विशेष पत्र सौंपा, जिसमें भारत की 'नेबरहुड फर्स्ट' नीति को दोहराया गया है। श्रीलंकाई विशेषज्ञों और आम जनता ने इस मदद को ऐतिहासिक बताते हुए जयशंकर को अपना 'असली हीरो' करार दिया है।

पुनर्निर्माण के लिए बड़ा आर्थिक पैकेज

भारत ने श्रीलंका को संकट से उबारने के लिए 450 मिलियन डॉलर की मदद का ऐलान किया है, जिसमें अनुदान और ऋण दोनों शामिल हैं। इस पैकेज के तहत 100 मिलियन डॉलर की सीधी नकद सहायता (अनुदान) दी जाएगी, जबकि 350 मिलियन डॉलर रियायती ऋण के रूप में होंगे। यह राशि चक्रवात दित्वाह से प्रभावित बुनियादी ढांचे को फिर से खड़ा करने और लोगों के विस्थापन को रोकने में खर्च की जाएगी।

जयशंकर की 'हीरो' वाली छवि

श्रीलंका की प्रसिद्ध पत्रकार जमीला हुसैन ने सोशल मीडिया पर जयशंकर की सराहना करते हुए उन्हें एक ऐसा नेता बताया जो अपनों के छोड़ने पर भी साथ खड़ा रहा। उन्होंने याद दिलाया कि 2022 के आर्थिक संकट के दौरान भी जयशंकर ने जमीन पर उतरकर आम लोगों की समस्याओं को खुद महसूस किया था। श्रीलंकाई नागरिक इस बात से प्रभावित हैं कि भारतीय नेता उनके अपने नेताओं से भी बढ़कर उनकी मदद कर रहे हैं।

फर्स्ट रेस्पॉन्डर की भूमिका में भारत

जयशंकर ने स्पष्ट किया कि चक्रवात दित्वाह के दौरान भारत ने अपनी 'फर्स्ट रेस्पॉन्डर' की जिम्मेदारी निभाते हुए तुरंत राहत सामग्री पहुंचाई थी। भारतीय विमानवाहक पोत आईएनएस विक्रांत और आईएनएस उदयगिरी ने न केवल रसद पहुंचाई, बल्कि वायुसेना के हेलीकॉप्टर भी बचाव कार्य में जुटे रहे। एनडीआरएफ की 80 सदस्यीय टीम ने भी श्रीलंकाई जमीन पर राहत ऑपरेशन चलाकर हजारों जिंदगियां बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

कूटनीतिक रिश्तों में नई मजबूती

श्रीलंकाई विदेश मंत्री विजिथा हेराथ के साथ संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में जयशंकर ने साझा विकास और सुरक्षा के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को मजबूत किया। उन्होंने कहा कि भारत और श्रीलंका के संबंध भौगोलिक ही नहीं बल्कि ऐतिहासिक और भावनात्मक रूप से भी बहुत गहरे हैं। यह दौरा न केवल आपदा प्रबंधन तक सीमित है, बल्कि दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार और कूटनीतिक विश्वास को भी नई ऊंचाइयों पर ले गया है।

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