सोने की सही दिशा क्या है जानिए (सौ.सोशल मीडिया)
Sleeping Vastu Tips Niyam: हिन्दू धर्म में वास्तु एवं ज्योतिष शास्त्र दोनों का अलग ही महत्व होता है। अगर वास्तु शास्त्र की बात करें तो, वास्तुशास्त्र में हर चीज की एक खास दिशा निश्चित की गई है। कहा जाता है कि अगर घर में वास्तु नियमों का ध्यान रखा जाए, तो इससे घर में सुख-समृद्धि आती है।
वास्तु-शास्त्र में सोने की सही दिशा भी बताई गई है। वास्तु के अनुसार गलत दिशा में सोने से मानसिक बीमारी, तनाव और नकारात्मक ऊर्जा मिलती है। ऐसे में जानते हैं कि वास्तु के अनुसार सोने की सही दिशा क्या है?
वास्तु विशेषज्ञ के अनुसार, सोने के लिए उत्तर दिशा को शुभ नहीं माना गया है। इस दिशा को नकारात्मक ऊर्जा का स्रोत माना जाता है। कहा जाता है कि, इस दिशा की ओर सोने से व्यक्ति को कई बड़ी बीमारियों का सामना करना पड़ता है एवं नींद से जुड़ी समस्या हमेशा बनी रहती है। उत्तर दिशा की ओर केवल मृत शरीर का सिर रखा जाता है। इसलिए वास्तु शास्त्र के अनुसार, उत्तर दिशा की ओर सोना अशुभ माना गया है।
वास्तु शास्त्र के अनुसार, सोने के लिए सर्वोत्तम दक्षिण दिशा को बताया गया है। इस दिशा की ओर सिर रखकर सोना शुभ माना जाता है। इस दिशा में सोने से अच्छी नींद के साथ जीवन में सुख और समृद्धि, अच्छा स्वास्थ्य, सौभाग्य, सफलता और धन में वृद्धि होती है।
वास्तु विशेषज्ञ बताते हैं कि, जो व्यक्ति व्यवसाय, राजनीति या पेशेवर क्षेत्र में है, उसे आदर्श रूप से दक्षिण की ओर सिर रखके सोना चाहिए।
ऐसा माना जाता है कि इससे उनकी दक्षता और सही निर्णय लेने की क्षमता में सुधार होता है और मन को शांति मिलती है। इस दिशा को सकारात्मक ऊर्जा के स्रोत के रूप में जाना जाता है। अगर आप जीवन में सफलता एवं तरक्की चाहते हैं, तो इस दिशा में सोएं।
पूर्व दिशा की ओर सिर रखकर सोने से स्मरण शक्ति, एकाग्रता और आध्यात्मिकता की ओर झुकाव बढ़ता है। कहा जाता है कि वास्तु के अनुसार इस दिशा की ओर सिर करके सोने से विद्या और करियर के नये अवसरों की प्राप्ति होती है।
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पश्चिम दिशा की ओर सिर रखने पर चिंता, बेचैनी और मानसिक थकान बढ़ती है। यह दिशा शनि से संबंधित मानी जाती है, जो सूर्य के विरोधी माने जाते हैं। सूर्य के अनुसार पूर्व दिशा में सर रखना चाहिए जबकि शनि के अनुसार पश्चिम में पैर रखने चाहिए। सिर और पैर के इन विरोधी तत्वों के कारण मानसिक संतुलन बिगड़ सकता है।