Hindi news, हिंदी न्यूज़, Hindi Samachar, हिंदी समाचार, Latest Hindi News
X
  • देश
  • महाराष्ट्र
  • विदेश
  • खेल
  • मनोरंजन
  • नवभारत विशेष
  • वायरल
  • धर्म
  • लाइफ़स्टाइल
  • बिज़नेस
  • करियर
  • टेक्नॉलजी
  • यूटिलिटी
  • फैक्ट चेक
  • हेल्थ
  • ऑटोमोबाइल
  • वीडियो

  • वेब स्टोरीज
  • फोटो
  • होम
  • विडियो
  • फटाफट खबरें

घर-गृहस्थी में रहते हुए आलस्य कैसे खत्म करें? प्रेमानंद जी महाराज ने बताया नाम जप और वैराग्य का सरल मंत्र

Premananda Ji Maharaj On Laziness: भागदौड़ भरी जिंदगी में आलस्य, मोबाइल की लत और मन की चंचलता हर वर्ग के लोगों को परेशान कर रही है। ऐसे में संत वचनों का मार्गदर्शन जीवन बदल सकता है।

  • Written By: सिमरन सिंह
Updated On: Feb 26, 2026 | 06:17 PM

Premananda Ji Maharaj (Source. Pinterest)

Follow Us
Close
Follow Us:

Premanand Maharaj Solution To Remove Laziness: आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में आलस्य, मोबाइल की लत और मन की चंचलता हर वर्ग के लोगों को परेशान कर रही है। ऐसे में संत वचनों का मार्गदर्शन जीवन बदल सकता है। संत श्री प्रेमानंद जी महाराज के अनुसार साधना का मूल सार अत्यंत सरल है निरंतर नाम जप और सच्चा वैराग्य।

साधना का मूल मंत्र: हर समय नाम जप

प्रेमानंद महाराज जी कहते हैं कि यदि जीवन में प्रेम और शांति चाहिए, तो हर समय प्रभु का नाम स्मरण करें। सभी शास्त्रों का निचोड़ यही है कि नाम जप से ही हृदय शुद्ध होता है। लेकिन यह नाम जप स्थिर कैसे रहेगा? इसका उत्तर है सत्संग। बिना साधु संग के भजन पुष्ट नहीं होता। सत्संग वह शक्ति है जो साधक को गिरने नहीं देती और उसके मन को बार-बार प्रभु से जोड़ती है।

संसारी संग से दूरी क्यों जरूरी?

एक सच्चे उपासक के लिए यह आवश्यक है कि उसके ‘संबंध के रजिस्टर’ में केवल प्रभु का नाम हो। जहां व्यर्थ की दुनियादारी और प्रपंच की बातें हों, वहां से तुरंत हट जाना ही बुद्धिमानी है। विशेष रूप से निंदा से बचना चाहिए। किसी की बुराई करना या सुनना दोनों ही साधना को कमजोर कर देते हैं। दूसरों के दोषों का चिंतन करने से वही दोष सूक्ष्म रूप में हमारे भीतर प्रवेश कर जाते हैं। इसलिए व्यक्ति चर्चा नहीं, केवल कृष्ण चर्चा करें।

सम्बंधित ख़बरें

बलराम जी का जन्म कैसे हुआ? जानिए चमत्कारी कथा जिसने बदल दिया इतिहास

आमलकी एकादशी की पूजा के लिए अगर आंवले का पेड़ नहीं है पास, तो ऐसे करें पूजा, फलित होगी

होली के दिन कर लें ये 3 महाउपाय, पूरे साल नहीं होगी पैसों की दिक्कत!

100 गलतियों के बाद मिला दंड, शिशुपाल की कहानी से सीखिए कब खत्म होती है माफी की सीमा

मोबाइल और इंद्रिय संयम की सावधानी

आज मोबाइल साधना के मार्ग में सबसे बड़ा व्यवधान बन चुका है। भगवत चर्चा देखते-देखते कब मन भोग और विषयों में फंस जाए, पता ही नहीं चलता। यह वैराग्य की अग्नि को बुझा देता है।

• भोजन: स्वाद के पीछे भागने से वासनाएं बढ़ती हैं। साधारण और सात्विक भोजन मन को शांत रखता है।
• वस्त्र: दिखावे और महंगे वस्त्रों से अहंकार बढ़ता है। सादगी साधक की पहचान है।

मान-सम्मान से सावधान

यदि कोई आपका सम्मान करे, तो उसे अपने गुरु और इष्ट के चरणों में अर्पित कर दें। सम्मान स्वीकार करने से अभिमान आता है, जो भजन को ढक देता है। दूसरों को भगवान का स्वरूप मानकर सम्मान देना चाहिए, पर स्वयं विनम्र रहना ही श्रेष्ठ है। पाखंड से साधना नष्ट हो जाती है।

ये भी पढ़े: बलराम जी का जन्म कैसे हुआ? जानिए चमत्कारी कथा जिसने बदल दिया इतिहास

त्याग का आदर्श उदाहरण

रघुनाथ दास गोस्वामी का जीवन वैराग्य की मिसाल है। उन्होंने अपार संपत्ति त्याग दी। यहां तक कि पिता द्वारा भेजे गए धन और सेवकों को भी अस्वीकार कर दिया, क्योंकि उसमें ममता के अंश थे। वे अत्यंत साधारण भोजन कर निरंतर नाम जप में लीन रहे। उनके निष्कपट त्याग से प्रसन्न होकर चैतन्य महाप्रभु ने उन्हें गले लगाया।

अंत में याद रखें सच्चा मंगल तभी है जब मुख में नाम जप हो। बिना नाम के जीवन केवल चिंता और शोक का घर है। इसलिए चलते-फिरते, खाते-पीते, हर परिस्थिति में प्रभु नाम को थामे रहें यही आलस्य मिटाने और जीवन सफल बनाने का सरल मार्ग है।

Overcome laziness while living at home premanand ji maharaj reveals the simple mantra

Get Latest   Hindi News ,  Maharashtra News ,  Entertainment News ,  Election News ,  Business News ,  Tech ,  Auto ,  Career and  Religion News  only on Navbharatlive.com

Published On: Feb 26, 2026 | 06:10 PM

Topics:  

  • Premanand Maharaj
  • Religion
  • Sanatana Dharma
  • Spiritual

Popular Section

  • देश
  • विदेश
  • खेल
  • लाइफ़स्टाइल
  • बिज़नेस
  • वेब स्टोरीज़

States

  • महाराष्ट्र
  • उत्तर प्रदेश
  • मध्यप्रदेश
  • दिल्ली NCR
  • बिहार

Maharashtra Cities

  • मुंबई
  • पुणे
  • नागपुर
  • ठाणे
  • नासिक
  • अकोला
  • वर्धा
  • चंद्रपुर

More

  • वायरल
  • करियर
  • ऑटो
  • टेक
  • धर्म
  • वीडियो

Follow Us On

Contact Us About Us Disclaimer Privacy Policy Terms & Conditions Author
Marathi News Epaper Hindi Epaper Marathi RSS Sitemap

© Copyright Navbharatlive 2026 All rights reserved.