आमलकी एकादशी की पूजा इस कथा के बिना है अधूरी, जानिए कौन सी कथा
Amalaki Ekadashi Katha in Hindi: आमलकी एकादशी पर व्रत और पूजा के साथ इसकी कथा का पाठ करना बेहद आवश्यक माना जाता है। कथा सुनने से भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त होती है और जीवन के कष्ट दूर होते हैं।
- Written By: सीमा कुमारी
आमलकी एकादशी (सौ.सोशल मीडिया)
Amalaki Ekadashi Story: 27 फरवरी, शुक्रवार को आमलकी एकादशी का व्रत रखा जा रहा है। इस व्रत को आंवला और रंगभरी एकादशी के नाम से भी जाना जाता है। यह व्रत जगत के पालनहार भगवान विष्णु और आंवले के वृक्ष की पूजा के लिए समर्पित है। धर्म शास्त्रों के अनुसार, इस व्रत को विधि–पूर्वक करने से मोक्ष की प्राप्ति होती है।
इस दिन पूजा के साथ-साथ आपको आमलकी एकादशी व्रत कथा का पाठ जरूर करना चाहिए। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, कथा का पाठ करने से एकादशी व्रत सफल होता है और साधक के सभी पापों का नाश होता है। इसके साथ ही जीवन में सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है।
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दान-पुण्य से मिलता है अक्षय फल
ज्योतिष शास्त्रों के अनुसार, आमलकी एकादशी के दिन व्रत रखने के साथ-साथ दान-पुण्य का भी विशेष महत्व है। इस दिन अन्न, वस्त्र और धन का दान करने से व्यक्ति को अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है। मान्यता है कि इस दिन किया गया दान कई गुना बढ़कर फल देता है और जीवन में सुख-समृद्धि लाता है।
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आमलकी एकादशी व्रत कथा
पौराणिक मान्यता के अनुसार, किसी नामक नगर में एक चंद्रवंशी राजा राज्य करते थे। उनके लोग बड़े भक्त थे और चंद्रवंशी राजा एकादशी का व्रत पूरी श्रद्धा से करते थे। एक बार फाल्गुन मास की आमलकी एकादशी पर सभी लोग उपवास रखकर भगवान विष्णु की पूजा कर रहे थे।
उसी दौरान एक शिकारी वहां पहुंचा, जो भूखा-प्यासा था। वह पूरी रात वहीं रुका और भगवान की कथा सुनने लगा। कुछ समय बाद शिकारी की मृत्यु हो गई। पाप कर्मों के कारण उसे नरक में जाना पड़ा, लेकिन आमलकी एकादशी की कथा सुनने और जागरण करने के कारण उसे अगले जन्म में राजा विदूरथ के घर जन्म मिला। इस जन्म में उसका नाम वसुरथ रखा गया।
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भगवान विष्णु ने बचाई राजा की जान
एक दिन राजा वसुरथ जंगल में भटक गए और एक पेड़ के नीचे सो गए। तभी कुछ डाकुओं ने उन पर हमला कर दिया, लेकिन उनके अस्त्र-शस्त्र का उन पर कोई असर नहीं हुआ। राजा को कोई चोट नहीं आई, जबकि सभी डाकू मृत पड़े थे।
जब राजा की नींद खुली तो उन्होंने यह दृश्य देखा। तभी आकाशवाणी हुई कि यह भगवान विष्णु की कृपा है। पिछले जन्म में किए गए आमलकी एकादशी व्रत और कथा सुनने के कारण राजा पर कोई संकट नहीं आया।
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व्रत करने से मिलती है विष्णु कृपा
आमलकी एकादशी का व्रत करने से भगवान विष्णु की विशेष कृपा प्राप्त होती है। इस दिन की गई पूजा से जीवन में सुख-शांति बनी रहती है। व्रत रखने से पापों का नाश होता है और मोक्ष की प्राप्ति होती है।
धार्मिक ग्रंथों में बताया गया है कि आमलकी एकादशी व्रत करने से व्यक्ति के सभी कष्ट दूर हो जाते हैं और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा आती है।
