- Hindi News »
- Religion »
- Warrior Could Have Ended The Mahabharata With Just Three Arrows Barbarik
महाभारत खत्म कर सकता था ये योद्धा, सिर्फ 3 बाण से दोनों सेनाओं का अंत, जानिए कौन थे बर्बरीक
- Written By: सिमरन सिंह
Barbarik Story: महाभारत के इतिहास में कई वीर योद्धाओं का जिक्र मिलता है, लेकिन एक नाम ऐसा है जिसके बारे में कहा जाता है कि वह कुछ ही मिनटों में पूरे युद्ध का अंत कर सकता था वह थे बर्बरीक।

Barbarik (Source. Pinterest)
Barbarik In Mahabharat: महाभारत के इतिहास में कई वीर योद्धाओं का जिक्र मिलता है, लेकिन एक नाम ऐसा है जिसके बारे में कहा जाता है कि वह कुछ ही मिनटों में पूरे युद्ध का अंत कर सकता था वह थे बर्बरीक। उनकी शक्ति और प्रतिज्ञा इतनी अद्भुत थी कि स्वयं श्रीकृष्ण को उन्हें युद्ध से दूर रखना पड़ा।
बर्बरीक का पूर्व जन्म और श्राप
पौराणिक कथाओं के अनुसार, बर्बरीक अपने पिछले जन्म में एक यक्ष थे। उन्होंने एक बार भगवान विष्णु से कहा कि “धरती पर अधर्म बढ़ने पर आपको अवतार लेने की जरूरत क्यों है, मैं अकेले ही सभी दुष्टों का नाश कर सकता हूं।” इस अहंकार से ब्रह्मा जी क्रोधित हो गए और उन्हें श्राप दिया कि वे दैत्य कुल में जन्म लेंगे और विष्णु उनके वध का कारण बनेंगे। बाद में पश्चाताप करने पर विष्णु जी ने उन्हें वरदान दिया कि वे महाभारत में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे और कलियुग में पूजे जाएंगे।
बर्बरीक का जन्म और वीरता
महाभारत काल में बर्बरीक का जन्म भीम के पुत्र घटोत्कच और नागकन्या अहिलावती के घर हुआ। उनके घुंघराले बालों के कारण उनका नाम बर्बरीक पड़ा। बचपन से ही वे अत्यंत वीर, बुद्धिमान और धर्मप्रिय थे। उन्हें हमेशा कमजोरों की सहायता करने में आनंद मिलता था, यही उनकी सबसे बड़ी पहचान बनी।
सम्बंधित ख़बरें
Surya Dev Upay: जिनकी कुंडली में सूर्य हैं कमजोर, इस दिन चुपचाप कर लें ये उपाय, खुल जाएगी किस्मत
Dwidwadash Rajyog 2026: 13 जून को बन रहा है चमत्कारी द्विद्वादश राजयोग, इन राशि के जातकों पर बरसेगा धन
Nirjala Ekadashi 2026: निर्जला एकादशी पर जलदान से क्या होगा? जानिए किस दिशा में जल भरा पात्र लाएगा खुशहाली
Eating In Bed: इस खबर को पढ़ते ही आप छोड़ देंगे बिस्तर पर खाना
तीन बाणों का अद्भुत वरदान
बर्बरीक ने भगवान शिव की कठोर तपस्या कर उनसे तीन अमोघ बाण प्राप्त किए। इन बाणों की खासियत यह थी कि वे युद्ध को कुछ ही क्षणों में समाप्त कर सकते थे। पहला बाण उन लोगों को चिन्हित करता जिन्हें बचाना है, दूसरा बाण उन पर निशान लगाता जिन्हें मारना है और तीसरा बाण सभी चिन्हित शत्रुओं का अंत कर देता था।
मां से किया वचन बना सबसे बड़ा कारण
जब महाभारत का युद्ध शुरू होने वाला था, तब बर्बरीक ने अपनी माता से वचन दिया “मैं हमेशा उसी पक्ष का साथ दूंगा जो कमजोर होगा।” यही वचन आगे चलकर सबसे बड़ा संकट बन गया, क्योंकि अगर वे युद्ध में उतरते, तो बार-बार पक्ष बदलते हुए दोनों सेनाओं का नाश कर देते।
श्रीकृष्ण ने ली परीक्षा
श्रीकृष्ण ने ब्राह्मण का रूप धारण कर बर्बरीक की परीक्षा ली। उन्होंने पीपल के पेड़ के सभी पत्तों को एक ही बाण से भेदने की चुनौती दी। बर्बरीक ने एक ही बाण से सभी पत्तों को भेद दिया, यहां तक कि वह पत्ता भी जिसे श्रीकृष्ण ने अपने पैर के नीचे छिपा लिया था। इससे उनकी शक्ति का अंदाजा लग गया।
क्यों देना पड़ा अपना शीश?
श्रीकृष्ण समझ गए कि अगर बर्बरीक युद्ध में शामिल हुए तो महाभारत का संतुलन बिगड़ जाएगा। इसलिए उन्होंने दान में उनका शीश मांग लिया। बर्बरीक ने यह दान स्वीकार किया, लेकिन युद्ध देखने की इच्छा जताई। श्रीकृष्ण ने उनका शीश युद्धभूमि में स्थापित कर दिया, जिससे उन्होंने पूरा युद्ध देखा।
ये भी पढ़े: श्रीकृष्ण की शरण में ऐसा समर्पण, जो बदल दे जीवन, प्रेमानंद महाराज की सच्ची सलाह
खाटू श्याम के रूप में पूजा
श्रीकृष्ण ने बर्बरीक को वरदान दिया कि कलियुग में वे खाटू श्याम के रूप में पूजे जाएंगे और हारे के सहारे कहलाएंगे। आज भी लाखों भक्त उन्हें श्रद्धा से पूजते हैं और उनकी कथा सुनते हैं।
बर्बरीक की खासियत
बर्बरीक केवल एक योद्धा नहीं, बल्कि त्याग और वचन के प्रतीक थे। कहा जाता है कि अगर वे युद्ध में उतरते, तो सिर्फ दो बाणों में कौरव और पांडव दोनों की सेनाओं का अंत कर सकते थे। “हारे के सहारे खाटू श्याम की जय”
Warrior could have ended the mahabharata with just three arrows barbarik
Get Latest Hindi News , Maharashtra News , Entertainment News , Election News , Business News , Tech , Auto , Career and Religion News only on Navbharatlive.com
Topics:
लेटेस्ट न्यूज़
नागपुर में फिर तबाही मचा सकती है पीली नदी: मनपा मानसून पूर्व सफाई के दावे फेल, गोरेवाड़ा पर फिर बाढ़ का साया
Jun 13, 2026 | 11:11 AM28 हजार परिवारों को मिलेगा नया आशियाना, रिलायंस ने जीती मुंबई की मेगा SRA परियोजना
Jun 13, 2026 | 11:02 AMनाफेड और NCCF प्याज खरीद में 24,749 टन का महाघोटाला, रिपोर्ट सौंपने के एक साल बाद भी कार्रवाई नहीं
Jun 13, 2026 | 10:58 AMफ्रांस-स्लोवाकिया के दौरे पर निकले PM मोदी, G-7 शिखर सम्मेलन में लेंगे हिस्सा; रक्षा साझेदारी पर रहेगा फोकस
Jun 13, 2026 | 10:55 AMस्कूल, अस्पताल और मॉल कितने सुरक्षित? नागपुर की इमारतों की खुली पोल; रिपोर्ट ने बढ़ाई चिंता
Jun 13, 2026 | 10:52 AMभोपाल: केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने खिलाड़ियों से किया संवाद, बोले- 2036 ओलंपिक और विकसित भारत टारगेट
Jun 13, 2026 | 10:50 AMGovernor Collection Day 1: सस्पेंस और पॉलिटिक्स का तड़का, Manoj Bajpayee की ‘गवर्नर’ ने ओपनिंग डे पर दिखाया दम
Jun 13, 2026 | 10:48 AMवीडियो गैलरी

कानपुर से दिल्ली जा रहे मोहन भागवत की ट्रेन पर हमला! फिरोजाबाद स्टेशन के पास की घटना, देखें VIDEO
Jun 12, 2026 | 11:11 PM
जापान के बाद नेपाल ने भारतीय आमों पर लगाई रोक, आखिर क्या है असली वजह- VIDEO
Jun 12, 2026 | 11:06 PM
मुस्लिमों की जबरन नसबंदी करो…बढ़ती आबादी पर नियाज़ खान का विवादितच बयान! देखें VIDEO
Jun 12, 2026 | 11:02 PM
काशी में फिर गरजा योगी का बुलडोजर, दालमंडी के व्यापारियों में मचा हड़कंप; एक साथ जमींदोज हुए कई मकान- VIDEO
Jun 11, 2026 | 09:17 PM
80% मुस्लिम कारीगर बनाते हैं कान्हा के कपड़े, ईद हो या जन्माष्टमी; एक साथ मनाते हैं त्योहार, VIDEO वायरल
Jun 11, 2026 | 09:05 PM
POK में जनता का फूटा गुस्सा, 1 करोड़ के इनामी युवा नेता सरदार अमन खान ने उड़ाई सेना की नींद, देखें VIDEO
Jun 11, 2026 | 08:52 PM














