नागपुर में फिर तबाही मचा सकती है पीली नदी: मनपा मानसून पूर्व सफाई के दावे फेल, गोरेवाड़ा पर फिर बाढ़ का साया

Nagpur Pili River Drain Cleaning: मानसून से पहले नालों की सफाई के दावों पर सवाल उठ रहे हैं। पीली नदी और जुड़े नालों में गाद व जलपर्णी जमा होने से जलभराव और बाढ़ का खतरा बढ़ गया है।
Pili River could wreak havoc in Nagpur again: Municipal Corporation's pre-monsoon cleaning claims fall flat; threat of flooding looms over Gorewada once more.
पीली नदी, नागपुर, नाला सफाई,(सोर्स: सोशल मीडिया)
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Nagpur Drain Cleaning: नागपुर जिले में मानसून की दस्तक से पहले शहर के नालों और जल निकासी व्यवस्था की सफाई को लेकर किए गए दावों की पोल खुलने लगी है। शहर की चर्चित पीली नदी एक बार फिर उफान मारकर आसपास के इलाकों में तबाही मचा सकती है। नदी और उससे जुड़े नालों में बड़ी मात्रा में गाद, जलपर्णी और झाड़-झंखाड़ जमा होने से जल प्रवाह बाधित हो रहा है। बीते वर्षों आई बाढ़ के दौरान गोरेवाड़ा क्षेत्र के सैकड़ों स्थानीय निवासियों को भारी नुकसान उठाना पड़ा था।

इसके बावजूद नागपुर महानगरपालिका के जिम्मेदार अधिकारियों ने कोई ठोस सबक नहीं लिया। मानसून पूर्व सफाई अभियान के दावों के विपरीत कई स्थानों पर नालों की सफाई अधूरी है, जबकि कुछ हिस्सों में सफाई कार्य शुरू तक नहीं हुआ है। स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि हर वर्ष बरसात से पहले सफाई के नाम पर लाखों रुपये खर्च किए जाते हैं लेकिन जमीनी स्तर पर स्थिति जस की तस बनी रहती है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते नदी और नालों की प्रभावी सफाई नहीं की गई तो इस वर्ष भी निचले इलाकों में जलभराव और बाढ़ जैसी स्थिति बन सकती है।

वर्ष 2023 में मची थी भयंकर तबाही

ज्ञात हो कि सितंबर 2023 में आई बाढ़ के दौरान भारी नुकसान हुआ था। उस दौरान पीली नदी ने पश्चिम नागपुर में भयंकर तबाही मचाई थी। उस दौरान सैकड़ों लोगों को नुकसान होने के साथ जनहानि भी हुई थी। गौरतलब है कि यह संकट दोबारा मंडरा रहा है। स्थानीय निवासियों ने प्रशासन से तत्काल व्यापक सफाई अभियान चलाने तथा जल निकासी व्यवस्था को दुरुस्त करने की मांग की है। नागरिकों का कहना है कि केवल कागजी कार्रवाई से समस्या का समाधान नहीं होगा बल्कि वास्तविक और स्थायी उपायों की आवश्यकता है।

प्रशासन के एक्शन का इंतजार

मानसून के करीब आते ही स्थानीय निवासियों की चिंता बढ़ गई है। अब देखना यह होगा कि प्रशासन चेतावनी को गंभीरता से लेते हुए समय रहते आवश्यक कदम उठाता है या लोगों को एक बार फिर पीली नदी के कहर का सामना करना पड़ेगा। -स्थानीय निवासी, गुलाम साबरी

हजारों छात्रों की जान पर संकट

पश्चिम नागपुर से बहने वाली पीली नदी के पास कई स्कूल मौजूद हैं जहां सैकड़ों विद्यार्थी पढ़ते हैं, ऐसे में यदि दोबारा बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हुई तो हजारों छात्रों की जान खतरे में पड़ सकती है। प्रशासन को इस ओर ध्यान देना अनिवार्य है। जनता की सुरक्षा ही प्रशासन की पहली जिम्मेदारी है। - स्थानीय निवासी, उषा सिंह

...तो नहीं भुगतना पड़ेगा अंजाम

मानसून शुरू होने को कुछ ही दिन शेष रह गए है। हालाकि ज्यादा समय नहीं बचा है लेकिन यदि बचे हुए समय में जिम्मेदार अधिकारी पीली नदी की सफाई की गंभीरता बरतेंगे तो जनता को बाढ़ का अंजाम नहीं भुगतना पड़ेगा। इस संबंध में अधिकारियों को गंभीरता बरतना चाहिए।

- स्थानीय निवासी, जुबेर खान

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